Shani Budh Margi 2025: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की हर हरकत अहम होती है। इनका राशि परिवर्तन से लेकर वक्री और मार्गी होना, सब कुछ बहुत महत्वपूर्ण होता है। ग्रहों की चाल का असर जातकों के जीवन पर पड़ने के साथ ही देश-दुनिया की घटनाओं पर भी पड़ता है। ग्रहों के मार्गी या वक्री होने से सभी राशि के जातक प्रभावित होते हैं। ऐसे में ग्रहों के राजकुमार बुध और कर्मफल दाता शनि का एक साथ 500 साल बाद मार्गी होना बहुत अहमियत रखता है। बुध ग्रह का राशि परिवर्तन जहां हर महीने होता है। बुध कन्या राशि में उच्च का और मीन राशि में नीच का माना जाता है। मिथुन और कन्या राशियां इसका स्वामित्व क्षेत्र हैं। दूसरी तरफ, शनि सबसे धीमी गति से चलने वाला ग्रह है। यह एक राशि में ढाई साल तक रहता है और दोबारा उसी राशि में लौटने में लगभग 30 वर्ष का समय लेता है।
आने वाले कुछ दिनों में ये दोनों ही ग्रह मार्गी होंगे। बुध अभी वृश्चिक राशि में हैं और 23 नवंबर को तुला में प्रवेश करेंगे। ये 29 नवंबर को मार्गी होंगे। वहीं, शनि इस समय मीन राशि में वक्री अवस्था में है और 28 नवंबर को मार्गी होगा। शनि-बुध का यह संयोग पूरे 500 साल बाद बनने जा रहा है। शनि और बुध के मार्गी होने से तीन राशियों के किस्मत के दरवाजे खुल जाएंगे। आइए जानें इनके बारे में
मिथुन : शनि और बुध दोनों के मार्गी होने से मिथुन राशि वालों के लिए जीवन दोबारा पटरी लौटता हुआ नजर आएगा। मानसिक दबाव या असमंजस में काफी हद तक कमी आएगी। करियर में काम तेजी से पूरे होंगे और किसी वरिष्ठ का समर्थन मिल सकता है। घर के माहौल में भी पहले की गलतफहमियां दूर होंगी।
मकर : शनि-बुध के मार्गी होने से मकर राशि के जातकों का अच्छा समय शुरू होगा। कार्यस्थल पर अपनी बात प्रभावशाली ढंग से रख सकेंगे। व्यापार में फंसे हुए सौदे धीरे-धीरे तय हो सकते हैं। परिवार या साथी के साथ रिश्तों में जो दूरी आ गई थी, वह कम होती दिखेगी। आर्थिक मामलों में भी सुधार आएगा।
कुंभ : कुंभ राशि के जातकों पर शनि-बुध का गहरा प्रभाव है। इसलिए इनका मार्गी होना आपके लिए बेहद शुभ संकेत लेकर आएगा। काम में फोकस बढ़ेगा। करियर के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव दिखेंगे। इस बदलाव से प्रमोशन या किसी नए अवसर आपके पास आ सकते हैं। सेहत पहले से बेहतर होगी।