Surya Gochar 2026 May: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राजा कहे जाने वाले सूर्य देव जल्द ही अपनी राशि बदलने जा रहे हैं। सूर्य का एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश संक्रांति कहलाता है और इसका सीधा प्रभाव सभी 12 राशियों के जीवन पर पड़ता है। इस बार सूर्य 15 मई को मेष राशि से निकलकर वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे। उज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, सूर्य का यह गोचर कुछ राशियों के लिए सफलता के द्वार खोलेगा। वहीं 3 राशियां ऐसी हैं जिन्हें अगले एक महीने तक फूंक-फूंक कर कदम रखने की जरूरत है।
इन 3 राशियों को रहना होगा सावधान
मिथुन राशि : मिथुन राशि के जातकों के लिए सूर्य का यह गोचर मानसिक अशांति पैदा कर सकता है। मन में बेचैनी रहने के कारण आप सही फैसले लेने में चूक सकते हैं। कार्यस्थल पर सहकर्मियों या वरिष्ठ अधिकारियों से मतभेद होने की संभावना है। गुस्से पर नियंत्रण रखें और जल्दबाजी में कोई नया निवेश या बड़ा फैसला न लें। किसी भी नए काम को शुरू करने से पहले अनुभवी व्यक्ति की सलाह जरूर लें।
वृश्चिक राशि : वृश्चिक राशि वालों के लिए यह समय आर्थिक मोर्चे पर कठिन हो सकता है। कड़ी मेहनत के बावजूद काम के मनमुताबिक परिणाम न मिलने से निराशा हो सकती है। आर्थिक तंगी या अचानक धन हानि के योग बन रहे हैं। ऑफिस में आपके विरोधी सक्रिय हो सकते हैं। काम के बोझ के कारण थकान और मानसिक चिंता बढ़ सकती है। सेहत का विशेष ध्यान रखें।
मकर राशि : मकर राशि के जातकों के लिए सूर्य का गोचर करियर में रुकावटें ला सकता है। कामकाज में मन न लगना और काम का पेंडिंग होना आपको तनाव दे सकता है। परिवार के सदस्यों के साथ वैचारिक मतभेद होने से घर का माहौल बिगड़ सकता है। वर्कप्लेस पर किसी भी तरह के विवाद से बचें। अपनी वाणी पर संयम रखें, नहीं तो बनी-बनाई बात बिगड़ सकती है।
अशुभ प्रभावों से बचने के अचूक उपाय
अगर आपकी राशि ऊपर दी गई तीन राशियों में से एक है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। ज्योतिषाचार्य के अनुसार, इन उपायों को करने से सूर्य देव के अशुभ प्रभावों को कम किया जा सकता है:
सूर्य अर्घ्य : प्रतिदिन सूर्योदय के समय तांबे के लोटे से जल में लाल फूल और अक्षत डालकर भगवान सूर्य को अर्घ्य दें।
मंत्र जाप : 'ॐ सूर्याय नमः' या सूर्य के अन्य मंत्रों का श्रद्धापूर्वक जाप करें।
दान-पुण्य : रविवार या संक्रांति के दिन गरीबों को अनाज, गुड़ या लाल वस्त्र का दान करना अत्यंत शुभ फलदायी होता है।
आदित्य हृदय स्तोत्र : प्रतिदिन आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करने से आत्मविश्वास बढ़ता है और कार्यों की बाधाएं दूर होती हैं।