Tri Ekadash Yog: चंद्रमा को मन, स्त्री और आत्मा का कारक माना जाता है। वहीं, गुरु शिक्षा, सम्पन्नता और सम्मान के कारक हैं। इन दोनों ग्रहों का संयोग ज्योतिष में बहुत शुभ माना जाता है। ऐसा ही एक संयोग आने वाले दिनों में ये ग्रह एक बार फिर बनाने जा रहे हैं। इनके संयोग से त्रिएकादश योग का निर्माण होगा, तीन राशियों के जातकों के लिए बेहद शुभ माना जा रहा है। इस योग के प्रभाव से यह राशियां अपने करियर में तरक्की पाएंगी और आर्थिक स्थिति में भी सुधार देखने को मिलेगा।
कब बनने जा रही है चंद्र-गुरु की युति
चंद्रमा 14 मई को रात 10 बजकर 34 मिनट पर मीन राशि से निकलकर मेष राशि में गोचर कर जाएंगे। इस स्थिति में गुरु ग्रह चंद्रमा से तृतीय भाव में होंगे, क्योंकि गुरु मिथुन राशि में विराजमान हैं। वहीं, चंद्रमा की स्थिति गुरु से एकादश भाव में होगी, जिससे चंद्र-गुरु के बीच त्रिएकादश योग बनेगा। इसे ज्योतिष के शुभ योगों में से एक माना जाता है, जो जातक के करियर में तरक्की और आर्थिक स्थिति में सुधार की राह बनाता है। यह योग तीन राशियों के लिए लकी साबित होगा।
3 राशियों के लिए लकी होगा यह योग
मिथुन राशि : चंद्रमा-गुरु के त्रिएकादश योग बनने पर आपके पहले भाव में गुरु और एकादश भाव में चंद्रमा होंगे। इस स्थिति के चलते आपको शुभ फलों की प्राप्ति होगी। लाभ भाव में चंद्रमा की स्थिति के चलते कारोबारियों को जबरदस्त मुनाफा हो सकता है। वहीं इस राशि के नौकरी पेशा लो भी उन्नति पा सकते हैं।
धनु राशि : गुरु आपके ही राशि के स्वामी हैं ऐसे में चंद्रमा के साथ जब ये त्रिएकादश योग बनाएंगे तो आपके जीवन में सुधार आएगा। कुछ लोगों को पदोन्नति मिल सकती है, संपत्ति से जुड़ा विवाद भी सुलझ सकता है। भाग्य के सहयोग से आय के अतिरिक्त स्रोत मिल सकते हैं और संचित धन में भी वृद्धि के योग हैं।
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