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खुशहाली का प्रवेश द्वार है, जानिए कैसी होनी चाहिए आपके घर की नेमप्लेट?

वास्तु शास्त्र के अनुसार, सही तरीके से लगाई गई नेम प्लेट (nameplate) घर में सकारात्मक ऊर्जा और शुभ प्रभाव लाने में मदद करती है। वहीं, गलत दिशा या गलत तरीके से लगी नेम प्लेट नकारात्मक (negative) प्रभाव भी डाल सकती है। जानिए मेन गेट पर नेम प्लेट लगाते समय किन वास्तु नियमों का पालन करना चाहिए।

Roopali Sharmaअपडेटेड Jul 21, 2026 पर 1:17 PM
खुशहाली का प्रवेश द्वार है, जानिए कैसी होनी चाहिए आपके घर की नेमप्लेट?

वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) में घर के मुख्य द्वार पर लगी नेम प्लेट को सिर्फ पहचान नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा (positive energy) का प्रतीक भी माना जाता है। मान्यता है कि सही दिशा, आकार और मटेरियल की नेम प्लेट घर में शुभता और खुशहाली लाने में सहायक होती है। इसलिए नेम प्लेट लगवाने से पहले कुछ जरूरी वास्तु नियमों का ध्यान रखना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है:

सही नेम प्लेट चुनना है जरूरी

 

वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) के अनुसार, नेम प्लेट ऐसे मटेरियल से बनवानी चाहिए जो मजबूत और प्राकृतिक हो। लकड़ी (wood) या पत्थर (stone) की नेम प्लेट को शुभ माना जाता है, क्योंकि इन्हें स्टेबिलिटी और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। वहीं प्लास्टिक की नेम प्लेट लगाने से बचने की सलाह दी जाती है। साथ ही, नेम प्लेट को मेन गेट के दाईं ओर लगाना बेहतर माना जाता है।

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