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सावधान! चीनी इलेक्ट्रिक कार में फोन चार्ज न करें, मोबाइल का डाटा चोरी होने की आशंका, ब्रिटेन ने दी चेतावनी

Chinese Electric Car: साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने बताया कि चीनी इलेक्ट्रिक कारें आधुनिक टेक्नोलॉजी से लैस होती हैं, जिससे वो आसानी से आपका मोबाइल फोन हैक हो सकती हैं। अगर कोई व्यक्ति मोबाइल फोन को ब्लूटूथ या चार्जिंग केबल से इससे जोड़ता है, तो उसमें सेव डिटेल्स कार में ट्रांसफर हो सकती हैं

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Apr 29, 2025 पर 3:44 PM
सावधान! चीनी इलेक्ट्रिक कार में फोन चार्ज न करें, मोबाइल का डाटा चोरी होने की आशंका, ब्रिटेन ने दी चेतावनी
Chinese Electric Car: ग्राहक चीनी कार का उपयोग करते समय कई सावधानियां बरतें

Chinese Electric Car: अगर आप चीनी इलेक्ट्रिक कार में अपना फोन चार्ज करते हैं तो सावधान हो जाएं। चीनी सरकार इन कारों के जरिए लोगों के फोन से संवेदनशील डाटा निकाल सकती है। ब्रिटेन की कई रक्षा कंपनियों ने अपने कर्मचारियों से कहा है वे चीन में बनी इलेक्ट्रिक कार में अपने स्मार्टफोन को चार्ज करने से बचें, क्योंकि उन्हें डर है कि इनका इस्तेमाल चीनी सरकार की जासूसी के लिए किया जा सकता है। यूरोप के कई बाजारों की तरह ब्रिटेन में भी पिछले दो सालों में चीनी कारों की लोकप्रियता में तेजी से वृद्धि हुई है। कई ब्रिटिश लोग उनके बोल्ड डिजाइन और किफायती कीमतों के कारण इन्हें चुन रहे हैं।

हालांकि, बढ़ती संख्या में कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को चेतावनी दी है कि वे खुद को सुरक्षित रखने के लिए चीनी कार का उपयोग करते समय कई सावधानियां बरतें। नाम न बताने के शर्त पर एक रक्षा कंपनी के सीनियर अधिकारी ने कहा कि उन्हें ब्रिटेन में चीनी कारों की बिक्री में वृद्धि के कारण कर्मचारियों को समझदारीपूर्ण उपायों के बारे में जागरूक करने की आवश्यकता महसूस हुई।

उन्होंने कहा, "ब्रिटेन में चीनी कारों की बिक्री बढ़ रही है। हम इसके बारे में सतर्क हैं। हम अपने कर्मचारियों को चीनी EV कार खरीदने का विकल्प चुनने पर बरती जाने वाली समझदारीपूर्ण सावधानियों के बारे में जागरूक कर रहे हैं।" चीनी कारों को लेकर डर तब पैदा हुआ जब यह पता चला कि ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय (MoD) ने चीन में बनी सभी कारों को अपने संवेदनशील सैन्य स्थलों से प्रतिबंधित कर दिया है।

The i Paper के अनुसार, कुछ संगठनात्मक कर्मचारियों से अनुरोध किया गया था कि वे अपनी चीनी कारों को उस स्थान से कम से कम दो मील दूर पार्क करें जहां वे काम कर रहे थे। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीनी कारों में माइक्रोफोन, कैमरे और वाई-फाई जैसे फीचर होते हैं। ये फीचर्स डाटा भेजने या निगरानी के लिए इस्तेमाल हो सकते हैं। कार और फोन के बीच कनेक्शन से डाटा लीक होने का खतरा है।

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