Ferrari 849 Testarossa Review: 1,050 PS पावर वाली इस सुपरकार में क्या है खास? जानें कीमत से परफॉर्मेंस तक सब कुछ

Ferrari ने 15 मार्च, 2026 को भारत में अपनी नई कार Ferrari 849 Testarossa लॉन्च की थी। जिसकी शुरुआती कीमत 10.37 करोड़ रुपये (एक्स-शोरूम) है। यह एक प्लग-इन हाइब्रिड सुपरकार है, जो Ferrari SF90 Stradale की जगह लेगी।

अपडेटेड Jul 10, 2026 पर 10:46 PM
Ferrari 849 Testarossa में क्या है खास?

Ferrari ने 15 मार्च, 2026 को भारत में अपनी नई कार Ferrari 849 Testarossa लॉन्च की थी। जिसकी शुरुआती कीमत 10.37 करोड़ रुपये (एक्स-शोरूम) है। यह एक प्लग-इन हाइब्रिड सुपरकार है, जो Ferrari SF90 Stradale की जगह लेगी और Lamborghini Revuelto को टक्कर देगी। अब चलिए इस कार के बारे में डिटेल में जानते हैं।

Testarossa नाम की कहानी करीब 70 साल पुरानी है। साल 1956 में Ferrari ने इस नाम का इस्तेमाल अपनी रेसिंग कारों के लिए किया था। उन कारों में लाल रंग के कैम कवर होते थे। बता दें कि इटैलियन भाषा में "Testarossa" का मतलब "रेड हेड" (लाल सिर) होता है। वहीं, Ferrari ने अब इतने लंबे समय बाद इस नाम को फिर से इस्तेमाल किया है।

Ferrari 849 Testarossa के नाम में "849" का मतलब इसके इंजन से जुड़ा है। इसमें 8 सिलेंडर वाला इंजन दिया गया है और हर सिलेंडर की क्षमता करीब 490cc है। Ferrari का कहना है कि यह अब तक की उनकी सबसे पावरफुल प्रोडक्शन कार है।


SF90 के डिजाइन से अलग एक नया लुक

डिजाइन की बात करें तो, इसका फ्रंट SF90 की स्टाइलिंग से अलग है। Ferrari ने इसके लिए 1970 के दशक की एंड्योरेंस रेसिंग प्रोटोटाइप और 1980 के दशक की टेस्टारोसा (Testarossa) से प्रेरणा ली है। कार में पतली LED हेडलाइट्स दी गई हैं, जो एक काले रंग की पट्टी के अंदर लगी हैं। और इसके नीचे दिया गया एक ब्रिज जैसा डिजाइन एरोडायनामिक स्पॉइलर का काम करता है।

इसके अलवा, कार के बड़े निचले एयर वेंट्स कूलिंग में मदद करते हैं, और इसके फ्रंट डिफ्यूजर में कार्बन-फाइबर इंसर्ट्स लगे हैं। नए डिजाइन किए गए फ्रंट अंडरफ्लोर से कार का कुल 35% डाउनफोर्स मिलता है।

कार के साइड में, 20-इंच के पहियों के साथ सिरेमिक ब्रेक कैलिपर्स और अलग-अलग साइज के टायर (staggered tyres) दिए गए हैं। पिछले पहिये के आर्च के आगे स्कुडेरिया फेरारी (Scuderia Ferrari) का बैज लगा है। इसके दरवाजे एयर इनटेक का भी काम करते हैं, जो इंटरकूलर और पिछले ब्रेक तक हवा पहुंचाते हैं। इसमें कार्बन फाइबर का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया है, जिसमें साइड स्कर्ट, व्हील आर्च और एरोडायनामिक डक्ट्स शामिल हैं।

1970 के दशक की रेसिंग ट्रिक

इसके पिछले हिस्से में ट्विन-टेल डिजाइन दिया गया है, जिसे कंपनी ने 1970 के दशक की 512S रेसिंग कार से लिया है। इसमें एक एक्टिव स्पॉइलर मिलता है, जो एक सेकंड से भी कम समय में अपनी स्थिति बदल सकता है। यह जरूरत के हिसाब से कार को कम हवा का दबाव (लो-ड्रैग) या ज्यादा पकड़ (हाई-डाउनफोर्स) देने में मदद करता है। यह स्पॉइलर कार में 100 किलोग्राम तक अतिरिक्त डाउनफोर्स पैदा कर सकता है।

250 km/h की रफ्तार पर, कुल डाउनफोर्स 415 kg तक पहुंच जाता है, जो SF90 Stradale के डाउनफोर्स से ज्यादा है। पिछले हिस्से में कार्बन-फाइबर डिफ्यूजर और बीच में लगे ट्विन एग्जॉस्ट हैं, जो इसके अंदर लगे V8 इंजन की ओर इशारा करते हैं।

1,050 PS:  Ferrari की अब तक की सबसे दमदार रोड कार

इंजन देखें तो, 849 Testarossa में 3.9-लीटर ट्विन-टर्बोचार्ज्ड V8 इंजन दिया गया है, जो अकेले 830 PS की पावर देता है। इसमें तीन इलेक्ट्रिक मोटर भी जुड़ी हैं: इनमें से दो मोटर आगे के पहियों पर लगी हैं, जो ऑल-व्हील ड्राइव और टॉर्क वेक्टरिंग में मदद करती हैं, जबकि तीसरी मोटर पीछे की तरफ दी गई है, जिसमें Ferrari की फॉर्मूला-1 तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। कुल मिलाकर यह 1,050 PS की पावर देती है। इसमें 7.45 kWh की बैटरी दी गई है, जिसेसे सिर्फ इलेक्ट्रिक मोड में 25 km तक चलाया जा सकता है।

इसके अलावा, इस कार में आठ-स्पीड डुअल-क्लच गियरबॉक्स है, जिसे साइड स्लिप कंट्रोल, इलेक्ट्रॉनिक डिफरेंशियल, ABS Evo और Ferrari के 5 व्हीकल डायनामिक्स एस्टिमेटर जैसे सिस्टम का सपोर्ट मिलता है।

Ferrari के अनुसार, यह कार 0-100 km/h की रफ्तार 2.3 सेकंड से भी कम समय में और 0-200 km/h की रफ्तार लगभग 6.3 सेकंड में पकड़ लेती है। इसकी टॉप स्पीड 330 km/h से ज्यादा है।

रेस कार जैसा कॉकपिट

इंटीरियर की बात करें तो, केबिन में लेदर, कार्बन फाइबर और अल्कांतारा का इस्तेमाल किया गया है। साथ ही, इसमें एक फ्लोटिंग डैशबोर्ड और पैसेंजर के लिए परफॉर्मेंस डेटा दिखाने वाला डिस्प्ले भी है। ड्राइवर को वायरलेस Apple CarPlay और Android Auto के साथ 16-इंच का डिजिटल डिस्प्ले भी मिलता है। इसके अलावा, इसके अंदर ऊंचे सेंटर कंसोल पर गियर सेलेक्टर लगा है, जिस पर ब्रश किए हुए एल्युमीनियम की फिनिशिंग है।

स्टेयरिंग व्हील में फेरारी के पुराने हैप्टिक कंट्रोल्स के बजाय फिजिकल स्विच और कार्बन-फाइबर पैडल शिफ्टर्स दिए गए हैं। सीटें कार्बन-फाइबर रेसिंग बकेट स्टाइल की हैं और उन पर अल्कांतारा की ट्रिमिंग है। साथ ही, इन्हें अपनी पसंद के हिसाब से कस्टमाइज करने का ऑप्शन भी मिलता है।

बता दें कि Ferrari भारत में मुंबई और नई दिल्ली की डीलरशिप के जरिए यह कार बेचती है और बेंगलुरु से सर्विस सपोर्ट देती है।

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