हाइड्रोजन से चलने वाली गाड़ियों के लिए सरकार का नया प्रस्ताव, अब दो रंग की नंबर प्लेट से दूर से ही होगी पहचान
Hydrogen Vehicles: अगर कोई हाइड्रोजन वाहन व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए है, तो उसकी नंबर प्लेट का ऊपरी आधा हिस्सा हरा और निचला आधा हिस्सा नीला होगा। इस प्लेट पर अंक पीले रंग में लिखे जाएंगे
जल्द ही हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाले वाहन हरी और नीली पृष्ठभूमि वाली नंबर प्लेटों के साथ दिखाई देंगे
Number Plates: भारत सरकार हाइड्रोजन से चलने वाले वाहनों की पहचान को आसान बनाने के लिए एक नया नियम लाने की तैयारी में है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने ऐसे वाहनों के लिए दो रंगों वाली विशेष नंबर प्लेट का प्रस्ताव रखा है। यह नंबर प्लेट वाहनों के प्रकार के आधार पर अलग-अलग रंग की होगी। मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी एक मसौदा अधिसूचना के अनुसार, जल्द ही हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाले वाहन हरी और नीली पृष्ठभूमि वाली नंबर प्लेटों के साथ दिखाई देंगे। इन प्लेटों पर अंकों का रंग वाहन के इस्तेमाल के उद्देश्य के अनुसार अलग होगा।
व्यावसायिक वाहनों के लिए
अगर कोई हाइड्रोजन वाहन व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए है, तो उसकी नंबर प्लेट का ऊपरी आधा हिस्सा हरा और निचला आधा हिस्सा नीला होगा। इस प्लेट पर अंक पीले रंग में लिखे जाएंगे।
निजी वाहनों के लिए
निजी इस्तेमाल के लिए हाइड्रोजन वाहनों की नंबर प्लेट भी हरी और नीली रंग की होगी, लेकिन इस पर लिखे अंक सफेद रंग के होंगे।
किराए पर चलने वाली टैक्सियों के लिए
किराए पर चलने वाली टैक्सियों के लिए सरकार ने काले और नीले रंग की नंबर प्लेट का प्रस्ताव दिया है। इन प्लेटों का ऊपरी आधा हिस्सा काला और निचला आधा हिस्सा नीला होगा, जबकि अंक पीले रंग में लिखे जाएंगे।
क्यों लिया गया यह फैसला
सरकार का यह नया कदम हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाले वाहनों को आसानी से पहचानने में मदद करेगा। इससे अधिकारियों और आम लोगों दोनों को इन वाहनों की पहचान करना आसान हो जाएगा। इसके साथ ही यह पहल भारत में हरित परिवहन को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। सरकार का मानना है कि इस तरह के कदमों से पर्यावरण के अनुकूल वाहनों के इस्तेमाल को प्रोत्साहन मिलेगा।
अब जानिए भारत में कितने प्रकार की है नंबर प्लेटें?
भारत में विभिन्न प्रकार के वाहनों के लिए अलग-अलग रंग की नंबर प्लेटें होती हैं, जो उनकी श्रेणी और उपयोग के आधार पर निर्धारित की जाती हैं। मुख्य रूप से निम्नलिखित प्रकार की नंबर प्लेटें देश में इस्तेमाल की जाती हैं:
सफेद नंबर प्लेट: इस प्लेट पर काले रंग के अक्षर लिखे होते हैं। यह आम नागरिकों के निजी वाहनों (जैसे कार, बाइक) के लिए होती है।
पीली नंबर प्लेट: इस प्लेट पर काले रंग के अक्षर लिखे होते हैं। यह व्यावसायिक वाहनों जैसे टैक्सी, ट्रक, बस और ऑटो-रिक्शा आदि के लिए इस्तेमाल की जाती है।
हरी नंबर प्लेट: इस प्लेट पर सफेद या पीले रंग के अक्षर लिखे होते हैं। यह इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए होती है, चाहे वे दोपहिया हों, तीनपहिया हों या चारपहिया।
काली नंबर प्लेट: इस प्लेट पर पीले रंग के अक्षर लिखे होते हैं। यह उन वाहनों के लिए होती है जो किराए पर दिए जाते हैं, जैसे कि सेल्फ-ड्राइव कारें या मोटरसाइकिलें। हालांकि, इनका पंजीकरण व्यावसायिक वाहनों के रूप में होता है।
लाल नंबर प्लेट: इस प्लेट पर सफेद रंग के अक्षर लिखे होते हैं। इसका उपयोग मुख्य रूप से सरकारी मंत्रालयों और सार्वजनिक उपक्रमों के वाहनों पर किया जाता है। इस पर भारत का प्रतीक (अशोक स्तंभ) भी बना हो सकता है। यह राष्ट्रपति और राज्यपाल जैसे उच्च अधिकारियों के वाहनों पर भी इस्तेमाल होती है जिस पर सुनहरा रंग का अशोक स्तंभ बना होता है।
नीली नंबर प्लेट: इस प्लेट पर सफेद रंग के अक्षर लिखे होते हैं। यह विदेशी राजनयिकों और विदेशी दूतावासों के वाहनों के लिए होती है।
ऊपर की ओर तीर वाली नंबर प्लेट: यह नंबर प्लेट सैन्य वाहनों के लिए होती है और इस पर एक ऊपर की ओर इशारा करता हुआ तीर का निशान बना होता है।
बीएच सीरीज नंबर प्लेट: यह सफेद रंग की नंबर प्लेट होती है जिस पर नीले रंग से 'BH' लिखा होता है, इसके बाद पंजीकरण नंबर होता है। यह उन लोगों के लिए शुरू की गई है जिनके नौकरी के कारण बार-बार एक राज्य से दूसरे राज्य में स्थानांतरण होते रहते हैं।