Jaguar Land Rover Cyber Attack: पिछले हफ्ते साइबर अटैक का शिकार हुई Tata Motors के स्वामित्व वाली लग्जरी कार कंपनी जगुआर लैंड रोवर (JLR) इस समय कई परेशानियों का सामना कर रही है। ऐसे में कंपनी के कई कारखाने बंद हो गए। कोवेंट्री स्थित ऑटोमोटिव दिग्गज ने पुष्टि की है कि वह इस समस्या से निपटने के लिए 24 घंटे काम कर रही है।
JLR द्वारा पहले जारी किए गए एक बयान में खुलासा किया गया था कि इस घटना से व्यापार और उत्पादन गतिविधियों में काफी व्यवधान उत्पन्न हुआ है। वहीं, कंपनी ने अब पुष्टि की है कि वह इस समस्या से निपटने के लिए विशेषज्ञों और पुलिस के साथ सहयोग कर रही है।
स्थानीय ऑटोमोटिव विश्लेषक डॉ. चार्ल्स टेनेंट ने कहा कि कंपनी के लिए यह सचमुच एक भयावह स्थिति है और यदि यह साइबर अटैक Marks & Spencer और JLR जैसे कंपनियों के साथ हो सकता है, तो यह दिखाता है कि हम सभी संभावित साइबर हमलों के प्रति कितने असुरक्षित हैं।
उन्होंने कहा, स्पष्ट रूप से जेएलआर अब इस पर नियंत्रण पा चुका है और मुझे उम्मीद है कि उनका व्यावसायिक संचालन जल्द ही फिर से शुरू हो जाएगा। उन्हें अपने वैश्विक IT इंफ्रास्ट्रक्चर और सिस्टम्स में यह काम मजबूत और नियंत्रित तरीके से करना होगा, यही वजह है कि इसमें एक साधारण कंप्यूटर रीबूट से थोड़ा ज्यादा समय लगता है।
इस साइबर अटैक के पीछे Scattered Lapsus$ Hunters नामक एक हैकर ग्रुप का हाथ बताया जा रहा है। यह ग्रुप पहले भी Marks & Spencer जैसे कंपनियों पर हमला कर चुका है। कहा जा रहा है कि यह ग्रुप मुख्य रूप से इंग्लिश बोलने वाले टिनएजर्स का है। दावा किया जा रहा है कि उन्होंने कंपनी के नेटवर्क तक पहुंच हासिल कर ली है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि उन्होंने कंपनी के डेटा को चोरी किया है या कोई मालवेयर इंस्टॉल किया है।
TCS के पास थी IT सुरक्षा की जिम्मेदारी
जगुआर लैंड रोवर की साइबर सुरक्षा की जिम्मेदारी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के पास है। दोनों कंपनियों के बीच 2023 में पांच साल का कॉन्ट्रैक्ट भी हुआ था, जिसके तहत TCS कंपनी की IT सुरक्षा देखती है। कंपनी का कहना है कि वे साइबर हमले की वजह और प्रभाव का आकलन कर रहे हैं। इस हमले के कारण कंपनी का IT सिस्टम ऑफलाइन हो गया है।