Maharashtra EV News: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार (26 मार्च) को विधान परिषद में बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि सरकार 30 लाख रुपये से अधिक कीमत वाले इलेक्ट्रिक वाहनों (EC) पर अपने प्रस्तावित 6 प्रतिशत टैक्स को लागू नहीं करेगी। सीएम ने कहा कि इस कदम से पर्याप्त रेवेन्यू उत्पन्न होने की संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि इससे सरकार के ईवी अभियान को भी झटका लगेगा। यह घोषणा उस समय की गई जब फडणवीस उच्च सदन में EV और वायु प्रदूषण पर चर्चा के दौरान शिवसेना (UBT) नेता अनिल परब के एक सवाल का जवाब दे रहे थे।
परब ने प्रस्तावित कर पर चिंता जताते हुए कहा कि यह विभिन्न प्रोत्साहनों के माध्यम से नॉन-पॉल्यूटिंग EV को बढ़ावा देने के केंद्र के प्रयासों के खिलाफ जाएगा। परब ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार का 30 लाख रुपये से अधिक कीमत वाले इलेक्ट्रिक वाहनों पर 6 प्रतिशत टैक्स लगाने का प्रस्ताव अनप्रोडक्टिव होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि स्वच्छ परिवहन को प्रोत्साहित करने के व्यापक उद्देश्य के विपरीत होगा।
फडणवीस ने स्वीकार किया कि सरकार इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि टैक्स से महत्वपूर्ण रेवेन्यू उत्पन्न नहीं होगा। सीएम ने कहा कि यह इलेक्ट्रिक परिवहन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता के बारे में गलत संकेत दे सकता है। उन्होंने कहा कि इसलिए, राज्य सरकार हाई-एंड इलेक्ट्रिक वाहनों पर 6 प्रतिशत टैक्स नहीं लगाने जा रही है।
महाराष्ट्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में 30 लाख रुपये से अधिक कीमत वाले इलेक्ट्रिक वाहनों पर टैक्स लगाने का प्रस्ताव रखा था। इससे पहले, सीएम ने सदन में कहा कि राज्य ईवी की राष्ट्रीय राजधानी के रूप में उभर रहा है। पुणे और छत्रपति संभाजीनगर में प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाए जा रहे हैं।
विधान परिषद में प्रश्नकाल के दौरान बोलते हुए उन्होंने कहा कि पारंपरिक वाहनों से ईवी की ओर जाने से वायु प्रदूषण कम होगा। महाराष्ट्र इलेक्ट्रिक वाहनों की राष्ट्रीय राजधानी बन रहा है। उन्होंने कहा कि इसका मुख्य कारण यह है कि पुणे और छत्रपति संभाजीनगर में महत्वपूर्ण EV मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, "वायु प्रदूषण में वाहनों (पेट्रोल या डीजल से चलने वाले) का योगदान सबसे अधिक है। इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर रुख करने से इस समस्या को कम करने में मदद मिलेगी।" फडणवीस ने कहा कि निजी और सार्वजनिक परिवहन दोनों क्षेत्र तेजी से ईवी को अपना रहे हैं। राज्य में चरणबद्ध तरीके से 2,500 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र में जोड़ी जा रही हैं।
उन्होंने कहा, "राज्य में रजिस्ट्रेशन होने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। नए रजिस्टर्ड वाहनों में से 50 प्रतिशत से अधिक अब EV हैं।" मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि सरकार राज्य भर में बड़े पैमाने पर ईवी चार्जिंग नेटवर्क सहित सहायक इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण भी कर रही है।