भारत के शहरी इलाकों में, खासकर सुस्त मांग के बीच जुलाई 2025 में यात्री वाहनों (पीवी) की खुदरा बिक्री साल-दर-साल लगभग 1% कम हो गई, जिससे मारुति सुजुकी इंडिया, हुंडई मोटर इंडिया और टाटा मोटर्स जैसी कार कंपनियों की मार्केट शेयर में गिरावट आई। हालांकि, महिंद्रा एंड महिंद्रा को अपने मजबूत SUV पोर्टफोलियो की वजह से फायदा हुआ।
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2025 में यात्री वाहनों की खुदरा बिक्री साल-दर-साल 0.81% घटकर 3,28,613 यूनिट रह गई, जो पिछले साल इसी महीने में 3,31,280 यूनिट थी।
जुलाई 2025 में यात्री वाहनों की बिक्री में शहरी क्षेत्रों का योगदान 62% था, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों का 38% था। FADA के अनुसार, आषाढ़ के महीने और कुछ शुभ डिलीवरी दिनों में, नई गाड़ियों की लॉन्चिंग और गांवों में खास मार्केटिंग की वजह से ग्रामीण इलाकों में बिक्री महीने के अंत में काफी तेज हुई।
कंपनियों को सावधानी से छूट देनी होगी
उद्योग संगठन ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में मांग अभी भी कमजोर बनी हुई है, क्योंकि वहां ग्राहक पूछताछ कम कर रहे हैं और उनकी खरीदारी को लेकर रुचि भी कम है। फिलहाल डीलरों के पास करीब 55 दिनों का स्टॉक मौजूद है। ऐसे में त्योहारों के सीजन में बिक्री बनाए रखने के लिए कंपनियों को सावधानी से छूट देनी होगी, फाइनेंस की सुविधा को आसान बनाना होगा और शहरी इलाकों में प्रचार-प्रसार को और तेज करना होगा।
जुलाई 2025 में कार की बिक्री घटी
हालांकि मारुति ने अपनी पकड़ बनाए रखी है, लेकिन जुलाई 2025 में इसकी बिक्री घटकर 1,29,164 यूनिट और बाजार हिस्सेदारी 39.31% रह गई, जबकि जुलाई 2024 में यह आंकड़ा 1,32,426 यूनिट और 39.97% था।
वहीं, हुंडई की कार बिक्री भी जुलाई 2025 में घटकर 43,009 यूनिट रह गई, जो एक साल पहले इसी महीने में 44,271 यूनिट थी। इसके साथ ही कंपनी की बाजार हिस्सेदारी भी 13.36% से घटकर 13.09% हो गई।
महिंद्रा ने कार बिक्री में तेजी जारी रखी
महिंद्रा ने अपनी तेजी जारी रखी और जुलाई 2025 में इसकी बिक्री बढ़कर 42,207 यूनिट पहुंच गई, जो एक साल पहले इसी महीने में 39,823 यूनिट थी। इसके साथ ही कंपनी की बाजार हिस्सेदारी भी बढ़कर 12.84% हो गई, जो जुलाई 2024 में 12.02% थी।
वहीं, टाटा मोटर्स को लगातार झटका लगा है। जुलाई 2025 में कंपनी की बिक्री घटकर 40,486 यूनिट रह गई, जबकि पिछले साल इसी महीने यह आंकड़ा 44,621 यूनिट था। इसके साथ ही बाजार हिस्सेदारी भी घटकर 12.32% पर आ गई, जो पहले 13.47% थी।