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Abhishek Gupta JANUARY 25, 2026 / 4:03 PM IST

Income Tax Slab | Budget 2026 Expectations: बजट 2026 से मध्यम वर्ग को है बड़ी उम्मीदें, ₹1 लाख स्टैंडर्ड डिडक्शन और होम लोन पर मिल सकती है राहत!

Income Tax Slab | Budget 2026 Expectations: इस बार के बजट में 'नए इनकम टैक्स बिल' के जरिए 60 साल पुराने कानून को बदलने की तैयारी है। सबसे बड़ा बदलाव 'टैक्स ईयर' का कॉन्सेप्ट है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू हो सकता है। अब 'फाइनेंशियल ईयर' और 'असेसमेंट ईयर' के बीच का भ्रम खत्म हो जाएगा और जिस साल आप कमाएंगे, उसी साल के नाम से टैक्स भरा जाएगा

Income Tax Slab | Budget 2026 Expectations: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को अपना लगातार नौवां बजट पेश करेंगी। मोदी 3.0 सरकार के इस तीसरे पूर्ण बजट से नौकरीपेशा और मध्यम वर्ग को ऐतिहासिक उम्मीदें हैं। इस बार फोकस केवल टैक्स बचाने पर नहीं, बल्कि बढ़ती महंगाई के बीच आम लोगों के हाथ में ज्यादा पैसा बचाने पर है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि नई टैक्स व्यवस्था को और आकर्षक बनाने के

बजट 2026 से सैलरीड क्लास की सबसे बड़ी मांग स्टैंडर्ड डिडक्शन को ₹75,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख करने की है
बजट 2026 से सैलरीड क्लास की सबसे बड़ी मांग स्टैंडर्ड डिडक्शन को ₹75,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख करने की है
JANUARY 25, 2026 / 4:02 PM IST

Budget 2026 Expectations Live: KPMG ने दी डेडलाइन सुधारने की सलाह

दिग्गज कंसल्टिंग फर्म KPMG ने आगामी केंद्रीय बजट 2026-27 के लिए एक महत्वपूर्ण सुझाव दिया है, जो विशेष रूप से उन करदाताओं के लिए है जिनकी कमाई विदेशों में भी होती है। KPMG ने सरकार से आग्रह किया है कि 'बिलेटेड' (देरी से भरा गया) और 'संशोधित' इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की समय सीमा को बढ़ाया जाए। वर्तमान में किसी भी वित्त वर्ष के लिए संशोधित या बिलेटेड रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर होती है, जिसे कई मामलों में विशेषज्ञों ने अपर्याप्त बताया है।

    JANUARY 25, 2026 / 4:01 PM IST

    Budget 2026 Expectations Live: रेंटल मार्केट में उछाल के बीच HRA नियमों में बदलाव की मांग!

    आगामी केंद्रीय बजट 2026-27 से पहले वेतनभोगी वर्ग के लिए सबसे बड़ी उम्मीद हाउस रेंट अलाउंस (HRA) के नियमों में संशोधन को लेकर है। वर्तमान में आयकर नियमों के तहत केवल चार शहरों- दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई को ही 'मेट्रो' माना जाता है, जहां बेसिक सैलरी का 50% तक HRA टैक्स छूट के लिए पात्र है। अन्य सभी शहरों (जैसे बेंगलुरू, हैदराबाद, पुणे और गुरुग्राम) के लिए यह सीमा 40% पर सीमित है। विशेषज्ञों का कहना है कि बेंगलुरू और पुणे जैसे शहरों में किराए की कीमतें अब मुंबई या दिल्ली के बराबर या उससे भी अधिक हो गई हैं, ऐसे में 40% की सीमा अब 'पुराने जमाने' की बात लगती है।

      JANUARY 25, 2026 / 3:33 PM IST

      Budget 2026 Expectations Live: बजट 2026 में निर्यातकों को टैक्स छूट के साथ 'इनवर्टेड ड्यूटी' के जाल से मुक्ति की आस!

      आगामी बजट 2026-27 से पहले देश के निर्यातकों ने सरकार के सामने मांगों की एक लंबी फेहरिस्त रखी है, जिसका उद्देश्य वैश्विक बाजारों में भारतीय सामानों की धमक बढ़ाना है। 'फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन' (FIEO) और अन्य निकायों ने सरकार से इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर को तुरंत ठीक करने का आग्रह किया है। यह एक ऐसी विसंगति है जहां कच्चे माल पर आयात शुल्क तैयार माल की तुलना में अधिक होता है, जिससे घरेलू मैन्युफैक्चरिंग महंगी हो जाती है। निर्यातकों का मानना है कि अगर सरकार इन कर बाधाओं को दूर करती है और वैश्विक मार्केटिंग के लिए विशेष प्रोत्साहन देती है, तो भारत के शिपमेंट में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी देखी जा सकती है।

        JANUARY 25, 2026 / 3:16 PM IST

        Budget 2026 Expectations Live: GTRI ने की सीमा शुल्क स्लैब को सरल बनाने की मांग

        आर्थिक थिंक टैंक ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनीशिएटिव (GTRI) ने आगामी बजट 2026-27 के लिए सरकार को 'इज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ावा देने हेतु सीमा शुल्क संरचना में बुनियादी सुधार के सुझाव दिए हैं। GTRI का कहना है कि सरकार को केवल बुनियादी सीमा शुल्क दरों में मामूली बदलाव करने के बजाय, शुल्क के कुल स्लैब की संख्या को कम करने पर ध्यान देना चाहिए। हालांकि पिछले बजट में एड-वैलोरम दरों को घटाकर आठ कर दिया गया था, लेकिन विशिष्ट शुल्क, मिश्रित शुल्क और सशर्त दरों की मौजूदगी के कारण अभी भी व्यवहार में सैकड़ों प्रभावी स्लैब बने हुए हैं। GTRI के अनुसार, इन जटिलताओं को खत्म करने से आयात-निर्यात प्रक्रिया सरल होगी, विवादों में कमी आएगी और भारत वैश्विक व्यापार जगत में अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकेगा।

          JANUARY 25, 2026 / 2:57 PM IST

          Budget 2026 Expectations Live: बजट से पहले क्या बाजार में लौटेगी तेजी? 'शॉर्ट कवरिंग' और बजट के संकेतों से तकनीकी सुधार की उम्मीद!

          शेयर बाजार के लिए आगामी सप्ताह बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहने वाला है, क्योंकि 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट 2026 और मंथली डेरिवेटिव्स एक्सपायरी दोनों एक साथ आ रहे हैं। पिछले कुछ सत्रों में भारी गिरावट और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली के बाद, अब बाजार विशेषज्ञ एक 'टेक्निकल रिबाउंड' की संभावना जता रहे हैं। 'एनरिच मनी' के सीईओ पोनमुडी आर. के अनुसार, बाजार के संकेतक फिलहाल 'ओवरसोल्ड' जोन में हैं और FIIs की भारी शॉर्ट पोजीशन की वजह से 'शॉर्ट कवरिंग' की लहर देखने को मिल सकती है, जो इंडेक्स को निचले स्तरों से सहारा दे सकती है।

            JANUARY 25, 2026 / 2:19 PM IST

            Budget 2026 Expectations Live: न्यू टैक्स सिस्टम बना टैक्सपेयर्स की पहला पसंद, 72% ने अपनाया

            भारत में टैक्स फाइलिंग के पैटर्न में एक बड़ा बदलाव आया है। अब लगभग 72% व्यक्तिगत करदाता (AY 2024-25) नई टैक्स व्यवस्था को अपना चुके हैं, जबकि केवल 28% लोग ही पुरानी व्यवस्था के साथ बने हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले एक साल में यह आंकड़ा और भी बढ़ा है, जिसका मुख्य कारण बजट 2025 में की गई वे क्रांतिकारी घोषणाएं हैं जिनमें ₹12 लाख तक की आय को टैक्स-फ्री कर दिया गया और स्टैंडर्ड डिडक्शन को बढ़ाकर ₹75,000 किया गया। चूंकि नई व्यवस्था अब 'डिफॉल्ट' विकल्प है और इसमें स्लैब अधिक उदार है, इसलिए मध्यम आय वर्ग के बीच इसकी स्वीकार्यता तेजी से बढ़ी है। बजट 2026 से उम्मीद है कि सरकार इसे और भी आकर्षक बनाने के लिए कुछ और कटौतियां इसमें शामिल कर सकती है, जिससे बचे हुए करदाता भी इस सरल व्यवस्था की ओर रुख करें।

              JANUARY 25, 2026 / 1:39 PM IST

              Budget 2026 Expectations Live: बजट 2026 बुनियादी ढांचे पर खर्च दोगुना करने की मांग, उद्योग जगत ने सरकार से मांगे ₹3 लाख करोड़!

              आगामी केंद्रीय बजट 2026-27 से पहले देश के उद्योग जगत ने सरकार से बुनियादी ढांचे पर निवेश को दोगुना कर ₹3 लाख करोड़ करने की मांग की है। 'लॉजिस्टिक सेक्टर स्किल काउंसिल' द्वारा किए गए एक हालिया सर्वे में यह बात सामने आई है कि भारत को वैश्विक आर्थिक पावरहाउस बनाने के लिए लॉजिस्टिक, वेयरहाउसिंग और कोल्ड-चेन जैसे क्षेत्रों में बड़े सुधार और भारी आवंटन की जरूरत है। उद्योग जगत का मानना है कि पिछले साल राज्यों को दिए गए ₹1.5 लाख करोड़ के ब्याज मुक्त ऋण की तर्ज पर, इस बार आवंटन को बढ़ाकर खपत और रोजगार की नई लहर पैदा की जा सकती है।

                JANUARY 25, 2026 / 1:09 PM IST

                Budget 2026 Expectations Live: 8वें वेतन आयोग के तहत कब बढ़ेगी आपकी सैलरी?

                केंद्र सरकार के लगभग 50 लाख कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग की प्रतीक्षा लंबी हो सकती है। हालांकि, सरकार ने नवंबर 2025 में आयोग के गठन और इसके 'टर्म्स ऑफ रेफरेंस' (ToR) को अधिसूचित कर दिया था, लेकिन इसकी सिफारिशों को लागू होने में अभी वक्त लगेगा। आयोग को अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है, जिसकी समय सीमा मई 2027 के आसपास समाप्त होगी। इसके बाद कैबिनेट की मंजूरी और समीक्षा में 3 से 6 महीने और लग सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, वेतन वृद्धि का वास्तविक लाभ देर से 2027 या शुरुआती 2028 में मिलने की उम्मीद है। राहत की बात यह है कि नया वेतन ढांचा 1 जनवरी, 2026 से प्रभावी माना जाएगा, जिसका अर्थ है कि कार्यान्वयन में देरी होने पर कर्मचारियों को एकमुश्त भारी एरियर का भुगतान किया जाएगा।

                  JANUARY 25, 2026 / 12:39 PM IST

                  Budget 2026 Expectations Live: नई टैक्स व्यवस्था बनी करदाताओं की पहली पसंद

                  आयकर विभाग के हालिया आंकड़ों के अनुसार, भारत में टैक्स फाइलिंग के पैटर्न में एक बड़ा बदलाव आया है। अब लगभग 72% व्यक्तिगत करदाता (AY 2024-25) नई टैक्स व्यवस्था को अपना चुके हैं, जबकि केवल 28% लोग ही पुरानी व्यवस्था के साथ बने हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले एक साल में यह आंकड़ा और भी बढ़ा है, जिसका मुख्य कारण बजट 2025 में की गई वे क्रांतिकारी घोषणाएं हैं जिनमें ₹12 लाख तक की आय को टैक्स-फ्री कर दिया गया और स्टैंडर्ड डिडक्शन को बढ़ाकर ₹75,000 किया गया। चूंकि नई व्यवस्था अब 'डिफॉल्ट' विकल्प है और इसमें स्लैब अधिक उदार है, इसलिए मध्यम आय वर्ग के बीच इसकी स्वीकार्यता तेजी से बढ़ी है। बजट 2026 से उम्मीद है कि सरकार इसे और भी आकर्षक बनाने के लिए कुछ और कटौतियां इसमें शामिल कर सकती है, जिससे बचे हुए करदाता भी इस सरल व्यवस्था की ओर रुख करें।

                    JANUARY 25, 2026 / 12:11 PM IST

                    Budget 2026 Expectations Live: क्या इनकम टैक्स में भी आएगा 'GST मॉडल'?

                    बजट 2026 के साथ सरकार नई टैक्स व्यवस्था को और अधिक सरल बनाने के लिए 'GST-स्टाइल' स्लैब पेश करने पर विचार कर सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान स्लैब प्रणाली को और अधिक व्यापक और कम संख्या में बदलकर करदाताओं का भ्रम दूर किया जा सकता है, जिससे टैक्स फाइलिंग और प्लानिंग 'GST' की तरह आसान हो जाएगी। इस बार की सबसे बड़ी उम्मीद वरिष्ठ नागरिकों और पेंशनभोगियों के लिए है, जिनके लिए बढ़ती स्वास्थ्य देखभाल और जीवन-यापन की लागत को देखते हुए बजट में विशेष रियायती स्लैब या उच्च टैक्स-फ्री सीमा का प्रावधान किया जा सकता है। 1 फरवरी को होने वाली इन घोषणाओं का मुख्य उद्देश्य अनुपालन को आसान बनाना और सेवानिवृत्त नागरिकों को लक्षित आयकर राहत प्रदान करना है, ताकि वे अपनी जमापूंजी का बेहतर उपयोग कर सकें।

                      JANUARY 25, 2026 / 11:41 AM IST

                      Budget 2026 Expectations Live: 1 फरवरी को होने वाली घोषणाएं कब से होंगी लागू?

                      अक्सर करदाताओं के मन में यह सवाल रहता है कि बजट में की गई घोषणाएं तुरंत लागू होती हैं या नहीं। नियमों के मुताबिक, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 1 फरवरी को पेश किए जाने वाले बजट 2026 के प्रस्ताव 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होंगे। इसका मतलब है कि ये बदलाव वित्त वर्ष 2026-27 (FY 2026-27) के दौरान होने वाली आपकी कमाई पर लागू होंगे। वहीं, इन बदलावों के आधार पर टैक्स का अंतिम मिलान या असेसमेंट अगले साल यानी 2027-28 (AY 2027-28) में किया जाएगा। विशेष रूप से, इस बार 'इनकम टैक्स एक्ट 2025' लागू होने जा रहा है, जो 1961 के पुराने कानून की जगह लेगा। इसके तहत अब 'प्रीवियस ईयर' और 'असेसमेंट ईयर' के बजाय सीधा 'टैक्स ईयर' (Tax Year 2026-27) का कॉन्सेप्ट होगा, जिससे टैक्स फाइलिंग की प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक सरल और स्पष्ट हो जाएगी।

                        JANUARY 25, 2026 / 11:30 AM IST

                        Budget 2026 Expectations Live: 2025 के बजट में मध्यम वर्ग को मिली थी ऐतिहासिक राहत

                        बजट 2026 की बढ़ती उम्मीदों के बीच पिछले बजट (2025-26) की यादें ताजा है, जिसने मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों को अब तक की सबसे बड़ी राहत दी थी। पिछले साल वित्त मंत्री ने नई टैक्स व्यवस्था को पूरी तरह से आकर्षक बनाते हुए धारा 87A के तहत रिबेट की सीमा को बढ़ाकर ₹60,000 कर दिया था, जिससे ₹12 लाख तक की आय पर टैक्स 'शून्य' हो गया। वेतनभोगी वर्ग के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन को भी ₹50,000 से बढ़ाकर ₹75,000 किया गया, जिससे प्रभावी रूप से ₹12.75 लाख तक की सालाना सैलरी पूरी तरह टैक्स फ्री हो गई। इसके अलावा, टैक्स स्लैब में भी बड़े बदलाव किए गए थे, जिसमें ₹4 लाख तक की आय को 'Nil' कैटेगरी में रखा गया और ₹24 लाख से ऊपर की आय पर ही 30% का अधिकतम टैक्स लगाया गया।

                          JANUARY 25, 2026 / 10:51 AM IST

                          Budget 2026 Expectations Live: धारा 80C और 80D की सीमाओं में होगा बदलाव? 12 साल के इंतजार के बाद बड़ी राहत की उम्मीद!

                          बजट 2026 से मध्यम वर्ग को बड़ी उम्मीदें हैं। धारा 80C के तहत निवेश की ₹1.5 लाख की सीमा 2014 के बाद से स्थिर है, जिसे विशेषज्ञों ने महंगाई को देखते हुए अब बढ़ाकर ₹2.5 लाख से ₹3 लाख करने का सुझाव दिया है। साथ ही मेडिकल लागत में 12-14% की बढ़ोतरी को देखते हुए धारा 80D के तहत हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर छूट की सीमा को भी ₹25,000 से बढ़ाकर ₹50,000 और वरिष्ठ नागरिकों के लिए ₹1 लाख करने की मांग तेज है। इसके अतिरिक्त, होम लोन ब्याज पर धारा 24(b) की राहत को ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख करने और वरिष्ठ नागरिकों के ब्याज पर 80TTB की सीमा को ₹1 लाख तक ले जाने का प्रस्ताव है, जिससे न केवल करदाताओं की 'टेक-होम' सैलरी बढ़ेगी बल्कि देश में लंबी अवधि की बचत और बीमा पैठ को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

                            JANUARY 25, 2026 / 10:20 AM IST

                            Budget 2026 Expectations Live: बजट 2026 में ICAI ने की 'फेसलेस असेसमेंट' में बदलाव की मांग

                            ICAI ने आगामी बजट 2026-27 के लिए सरकार को सौंपी अपनी सिफारिशों में 'फेसलेस असेसमेंट' और स्क्रूटनी प्रक्रियाओं में बड़े सुधारों की वकालत की है। ICAI का मानना है कि वर्तमान फेसलेस प्रणाली में तकनीकी जटिलताओं और जवाबदेही की कमी के कारण करदाताओं और विभाग के बीच विवाद बढ़ रहे हैं। संस्थान ने सुझाव दिया है कि 'टेक्निकल यूनिट्स' और 'रिव्यू यूनिट्स' जैसी बहु-स्तरीय संरचनाओं को सरल बनाया जाना चाहिए ताकि निर्णय लेने में देरी न हो। साथ ही संस्थान ने स्पष्ट दिशानिर्देश जारी करने की मांग की है ताकि 'हाई-पिच असेसमेंट' पर रोक लग सके और करदाताओं का सिस्टम पर भरोसा मजबूत हो। इन सुधारों का मुख्य उद्देश्य 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ावा देना और अनावश्यक कानूनी लड़ाइयों को कम करना है।

                              JANUARY 25, 2026 / 9:53 AM IST

                              Budget 2026 Expectations Live: रविवार, 1 फरवरी को सुबह 11 बजे पेश होगा बजट

                              भारत के संसदीय इतिहास में पहली बार केंद्रीय बजट रविवार को पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को सुबह 11 बजे संसद में बजट 2026-27 पेश करेंगी। छुट्टी का दिन होने के बावजूद बजट की परंपरा को बरकरार रखा जाएगा। यह सीतारमण का लगातार नौवां बजट होगा, जिसके बाद वो देश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाली वित्त मंत्रियों में शामिल हो जाएंगी। मोदी 3.0 सरकार के इस तीसरे पूर्ण बजट से नौकरीपेशा वर्ग को टैक्स स्लैब में बदलाव और मध्यम वर्ग को महंगाई से राहत देने वाली बड़ी घोषणाओं की उम्मीद है।

                                JANUARY 25, 2026 / 9:32 AM IST

                                Budget 2026 Expectations Live: स्टैंडर्ड डिडक्शन और 87A के तहत मिल सकती है बड़ी राहत

                                सैलरीड क्लास की सबसे बड़ी मांग स्टैंडर्ड डिडक्शन को ₹75,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख करने की है। साथ ही सेक्शन 87A के तहत मिलने वाली टैक्स रिबेट की सीमा को ₹12 लाख से बढ़ाकर ₹15 लाख करने की चर्चा है। इसका मतलब है कि ₹15 लाख तक की आय वाले करोड़ों लोग टैक्स के दायरे से पूरी तरह बाहर हो सकते हैं। विशेषज्ञ एक 'ग्रेजुअल टैपरिंग' मैकेनिज्म की भी मांग कर रहे हैं, ताकि ₹12.01 लाख कमाने वाले व्यक्ति पर अचानक भारी टैक्स का बोझ न पड़े।

                                  JANUARY 25, 2026 / 9:06 AM IST

                                  Budget 2026 Expectations Live: होम लोन और सीनियर सिटीजन्स के लिए हो सकते है बड़े ऐलान

                                  रियल एस्टेट सेक्टर और घर खरीदार होम लोन ब्याज पर छूट की सीमा को ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख करने की उम्मीद कर रहे हैं। वहीं, वरिष्ठ नागरिकों के लिए बैंक ब्याज पर मिलने वाली छूट (80TTB) को ₹50,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख किया जा सकता है। पेंशनभोगियों के लिए अलग से हायर स्टैंडर्ड डिडक्शन (करीब ₹1.25 लाख) की भी मांग उठ रही है, ताकि वे मेडिकल महंगाई का सामना कर सकें।

                                    JANUARY 25, 2026 / 8:49 AM IST

                                    Budget 2026 Expectations Live: नए इनकम टैक्स बिल के तहत आसान होगी प्रक्रिया

                                    इस बजट में 'इनकम टैक्स बिल 2025' के जरिए 60 साल पुराने कानून को बदलने की तैयारी है। सबसे बड़ा बदलाव 'टैक्स ईयर' का कॉन्सेप्ट है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू हो सकता है। अब 'फाइनेंशियल ईयर' और 'असेसमेंट ईयर' के बीच का भ्रम खत्म हो जाएगा और जिस साल आप कमाएंगे, उसी साल के नाम से टैक्स भरा जाएगा। इसका उद्देश्य टैक्स फाइलिंग को इतना सरल बनाना है कि आम आदमी बिना किसी मदद के अपना रिटर्न भर सके।

                                      JANUARY 25, 2026 / 8:47 AM IST

                                      Budget 2026 Expectations Live: नई टैक्स व्यवस्था में होम लोन और हेल्थ इंश्योरेंस पर छूट की बड़ी उम्मीद!

                                      केंद्र सरकार का आगामी बजट 2026 इस बार नई टैक्स व्यवस्था को 'डिफॉल्ट' से 'पसंदीदा' बनाने के लिए कुछ बड़े बदलाव कर सकता है। करदाताओं और विशेषज्ञों को उम्मीद है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बार होम लोन के ब्याज (धारा 24b) और हेल्थ इंश्योरेंस (धारा 80D) जैसे चुनिंदा डिडक्शन्स को नई टैक्स व्यवस्था में भी शामिल कर सकती हैं, जो फिलहाल केवल पुरानी व्यवस्था में उपलब्ध हैं। वर्तमान में, नई टैक्स व्यवस्था में कम टैक्स दरों का लाभ तो मिलता है, लेकिन बचत और निवेश के लिए प्रोत्साहन की कमी महसूस की जाती है। अगर सरकार इन महत्वपूर्ण छूटों को नई व्यवस्था में जगह देती है, तो इससे न केवल मध्यम वर्ग को बड़ी राहत मिलेगी, बल्कि देश में बीमा पैठ और किफायती आवास को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

                                        JANUARY 25, 2026 / 8:44 AM IST

                                        Budget 2026 Expectations Live: बचत पर छूट की सीमा बढ़ाने की तैयारी! रिटायरमेंट प्लानिंग को मिलेगा 'टैक्स बूस्ट'

                                        1 फरवरी को पेश होने वाले बजट 2026 में सरकार का मुख्य फोकस देश की रिटायरमेंट सुरक्षा को मजबूत करने पर हो सकता है। बढ़ती महंगाई और बढ़ती जीवन प्रत्याशा को देखते हुए एक्सपर्ट्स वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से धारा 80C की सीमा को ₹1.5 लाख से बढ़ाकर ₹2.5 लाख करने और 80CCD के तहत NPS में अतिरिक्त छूट देने की उम्मीद कर रहे हैं। वर्तमान में NPS से निकासी और एन्युटी से होने वाली आय पर लगने वाला टैक्स रिटायरमेंट प्लानिंग को थोड़ा कठिन बनाता है, इसलिए इस बार इन नियमों को अधिक उदार और स्पष्ट बनाया जा सकता है। इन सुधारों का उद्देश्य न केवल नौकरीपेशा बल्कि स्वरोजगार व्यक्तियों को भी अनुशासित बचत के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए हर नागरिक का भविष्य आर्थिक रूप से सुरक्षित हो सके।