Income Tax Slab | Budget 2026 Expectations: बजट सत्र की शुरुआत 28 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ होगी, जबकि मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन 29 जनवरी को 'आर्थिक सर्वेक्षण 2026-27' पेश करेंगे, जो देश की अर्थव्यवस्था की वर्तमान सेहत और भविष्य की चुनौतियों का खाका पेश करेगा
Income Tax Slab | Budget 2026 Expectations: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, रविवार को अपना 9वां लगातार केंद्रीय बजट पेश कर इतिहास रचने जा रही हैं। इस बजट के साथ सीतारमण मोरारजी देसाई के 10 बजटों के रिकॉर्ड के करीब पहुंच जाएंगी, हालांकि लगातार 9 बजट पेश करने वाली वह देश की पहली वित्त मंत्री होंगी। बजट सत्र की शुरुआत 28 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ होगी
Income Tax Slab | Budget 2026 Expectations: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, रविवार को अपना 9वां लगातार केंद्रीय बजट पेश कर इतिहास रचने जा रही हैं। इस बजट के साथ सीतारमण मोरारजी देसाई के 10 बजटों के रिकॉर्ड के करीब पहुंच जाएंगी, हालांकि लगातार 9 बजट पेश करने वाली वह देश की पहली वित्त मंत्री होंगी। बजट सत्र की शुरुआत 28 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ होगी, जबकि मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन 29 जनवरी को 'आर्थिक सर्वेक्षण 2026-27' पेश करेंगे, जो देश की अर्थव्यवस्था की वर्तमान सेहत और भविष्य की चुनौतियों का खाका पेश करेगा।
टैक्सपेयर्स और मध्यम वर्ग की क्या है उम्मीदें?
बजट 2026 से आम आदमी और वेतनभोगी वर्ग को सबसे बड़ी उम्मीद इनकम टैक्स में राहत को लेकर है। महंगाई और जीवन यापन की बढ़ती लागत को देखते हुए कयास लगाए जा रहे हैं कि 'नई टैक्स व्यवस्था' के तहत स्टैंडर्ड डिडक्शन को ₹75,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख किया जा सकता है। इसके अलावा, करदाता 'जॉइंट टैक्सेशन' और होम लोन के ब्याज पर ₹5 लाख तक की छूट की मांग कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार खपत को बढ़ावा देने के लिए मध्यम वर्ग के हाथों में अधिक पैसा छोड़ने की कोशिश करेगी, ताकि ऑटोमोबाइल और हाउसिंग जैसे प्रमुख सेक्टर्स में मांग बढ़ सके।
कृषि और प्रमुख सेक्टर्स पर हो सकता है फोकस!
कृषि क्षेत्र, जिसे पिछले बजट में अर्थव्यवस्था का 'पहला इंजन' बताया गया था, इस बार भी केंद्र में रहने की संभावना है। हालांकि, पिछले बजट की कुछ घोषणाओं के अभी तक पूरी तरह लागू न होने के कारण सरकार पर दबाव है कि वह खेती और ग्रामीण बुनियादी ढांचे के लिए ठोस आवंटन करे। साथ ही, 'मेक इन इंडिया' को गति देने के लिए कस्टम ड्यूटी के स्लैब को 8 से घटाकर 4 करने और AI व रोबोटिक्स जैसे उभरते क्षेत्रों के लिए विशेष टैक्स प्रोत्साहन देने की उम्मीद है। बजट सत्र दो चरणों में (28 जनवरी से 13 फरवरी और 9 मार्च से 2 अप्रैल) चलेगा, जिसमें वित्त मंत्री राजकोषीय घाटे को कम करने और 'विकसित भारत' के विजन को मजबूती देने के बीच संतुलन साधने की कोशिश करेंगी।