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Abhishek Gupta JANUARY 21, 2026 / 4:12 PM IST

Income Tax Slab | Budget 2026 Expectations: बजट 2026 में खत्म हो जाएगी ओल्ड टैक्स रिजीम! टैक्स स्लैब और सैलरीड क्लास की क्या है उम्मीदें?

Income Tax Slab | Budget 2026 Expectations: वेतनभोगी वर्ग और वरिष्ठ नागरिक इस बार कुछ खास बदलावों की उम्मीद कर रहे हैं। उम्मीद है कि सबसे ऊंचे 30% टैक्स स्लैब की सीमा को ₹24 लाख से बढ़ाकर ₹30 लाख या ₹40 लाख किया जा सकता है। इसके अलावा, ₹75,000 की स्टैंडर्ड डिडक्शन को बढ़ाकर ₹1 लाख करने की मांग की जा रही है

Income Tax Slab | Budget 2026 Expectations: केंद्रीय बजट 2026 को लेकर मध्यम वर्ग और वेतनभोगी कर्मचारियों की धड़कनें तेज हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को मोदी 3.0 सरकार का तीसरा पूर्ण बजट पेश करेंगी। पिछले बजट में नई टैक्स व्यवस्था के तहत ₹12 लाख तक की आय को टैक्स-फ्री कर वित्त मंत्री ने एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक खेला गया था, जिसके बाद अब उम्मीदें और बढ़ गई है। इस बार चर्चा

टैक्स एक्सपर्ट्स और हालिया रुझानों के अनुसार, सरकार पुरानी टैक्स व्यवस्था को धीरे-धीरे खत्म करने की दिशा में बढ़ रही है
टैक्स एक्सपर्ट्स और हालिया रुझानों के अनुसार, सरकार पुरानी टैक्स व्यवस्था को धीरे-धीरे खत्म करने की दिशा में बढ़ रही है
JANUARY 21, 2026 / 4:11 PM IST

Budget 2026 Expectations Live: बजट में रही टैक्स नोटिस और ITR फाइलिंग में सुधार की मांग

बजट 2026 के करीब आते ही टैक्स विशेषज्ञों और आम करदाताओं ने सरकार से ITR फाइलिंग की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सरल बनाने की पुरजोर वकालत की है। विशेषज्ञों का कहना है कि हालांकि आयकर विभाग ने तकनीक और AI के इस्तेमाल में बड़ी प्रगति की है, लेकिन जमीनी स्तर पर करदाताओं को आज भी तकनीकी खामियों, जटिल नोटिसों और रिफंड में देरी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

    JANUARY 21, 2026 / 4:04 PM IST

    Budget 2026 Expectations Live: निर्यात प्रोत्साहन और आसान कर्ज से MSME सेक्टर को पंख लगाने की तैयारी

    बजट 2026 के करीब आते ही छोटे और मझोले उद्योगों (MSMEs) के लिए विशेष सरकारी सहायता की मांग तेज हो गई है। श्रीराम फाइनेंस के एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन उमेश रेवणकर का मानना है कि MSME सेक्टर की मजबूती के लिए बुनियादी ढांचे का विकास और कर्ज देने वाली संस्थाओं के लिए फंड की स्थिरता दोनों का एक साथ होना जरूरी है। खास तौर पर अर्ध-शहरी और ग्रामीण इलाकों में, जहां इंफ्रास्ट्रक्चर के बढ़ते कदमों से छोटे व्यवसायों के लिए कर्ज लेना आसान हो जाता है।

      JANUARY 21, 2026 / 3:40 PM IST

      Budget 2026 Expectations Live: 'नई टैक्स व्यवस्था' में मिलेगी हेल्थ इंश्योरेंस पर छूट! मध्यम वर्ग को मिल सकती है बड़ी खुशखबरी

      आगामी बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मध्यम वर्ग को एक बड़ी सौगात दे सकती हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार नई टैक्स व्यवस्था के तहत भी हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर टैक्स कटौती का लाभ देने पर विचार कर रही है। फिलहाल सेक्शन 80D के तहत मिलने वाली यह छूट केवल 'पुरानी व्यवस्था' में उपलब्ध है, लेकिन अब इसे नई व्यवस्था में भी शामिल करने की संभावना जताई जा है।

        JANUARY 21, 2026 / 3:15 PM IST

        Budget 2026 Expectations Live: टैक्स में कटौती और घाटे की भरपाई के लिए बने नियम: क्रिप्टो निवेशकों की मांग

        CoinSwitch के एक सर्वे के अनुसार, भारत में क्रिप्टो निवेशक पूरी तरह टैक्स छूट नहीं, बल्कि टैक्स के नियमों को 'तर्कसंगत' बनाने की मांग कर रहे हैं। कॉइनस्विच के सह-संस्थापक आशीष सिंघल के अनुसार, निवेशक चाहते हैं कि बजट 2026 में क्रिप्टो पर लगने वाली 30% की ऊंची टैक्स दर को कम किया जाए और अन्य वित्तीय संपत्तियों की तरह घाटे की भरपाई करने का प्रावधान दिया जाए। सर्वे में यह भी सामने आया कि निवेशक 1% TDS को घटाने और स्पष्ट नियम बनाने के पक्ष में हैं ताकि वे सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से भारतीय एक्सचेंजों पर निवेश कर सकें। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सरकार क्रिप्टो टैक्सेशन को संतुलित करती है, तो इससे न केवल डिजिटल एसेट इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी, बल्कि कर चोरी भी कम होगी और निवेशक अधिक ईमानदारी से टैक्स नियमों का पालन करेंगे।

          JANUARY 21, 2026 / 2:53 PM IST

          Budget 2026 Expectations Live: बजट 2026 में डीप-टेक और AI पर हो फोकस, 'लैब से मार्केट' तक तय हो इनोवेशन का रास्ता

          भारत के स्टार्टअप ईकोसिस्टम को नेक्स्ट लेवल पर ले जाने के लिए बजट 2026 में डीप-टेक और रिसर्च के व्यवसायीकरण पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। 'वाधवानी फाउंडेशन' के सीईओ और बोर्ड सदस्य डॉ. अजय केला के अनुसार, भारत भले ही दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप ईकोसिस्टम बन गया है, लेकिन आर्थिक विकास का अगला फेज इस बात पर निर्भर करेगा कि हमारी रिसर्च कितनी सफलतापूर्वक उद्यमों और नौकरियों में बदल पाती है। उन्होंने सुझाव दिया है कि सरकार को ऐसे 'इनोवेशन ईकोसिस्टम' को मजबूत करना चाहिए जो लैब के आइडियाज को बाजार तक पहुंचा सकें। इसके लिए रिसर्चर्स को एंटरप्रेन्योरशिप का प्रशिक्षण, व्यावहारिक और व्यावसायिकरण के स्पष्ट रास्ते तैयार करना अनिवार्य है, ताकि AI और उभरती प्रौद्योगिकियों के माध्यम से न केवल नए वेंचर्स खुलें, बल्कि उच्च-मूल्य वाले रोजगार और उत्पादकता में भी वृद्धि हो।

            JANUARY 21, 2026 / 2:32 PM IST

            Budget 2026 Expectations Live: नए आयकर कानून के तहत अधिकारियों की शक्तियों पर लगाम की मांग

            आगामी बजट 2026 के मद्देनजर विशेषज्ञों ने सरकार को सुझाव दिया है कि अब कर नीति का मुख्य उद्देश्य केवल राजस्व जुटाना नहीं, बल्कि करदाताओं के लिए निश्चितता और प्रशासनिक अनुशासन होना चाहिए। 'फॉर्विस मजार्स' इंडिया के पार्टनर गौरव जैन के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाला आयकर अधिनियम, 2025 भारत के प्रत्यक्ष कर ढांचे के लिए एक ऐतिहासिक 'स्ट्रक्चरल रीसेट' होगा। उनका मानना है कि इस नए कानून की सफलता केवल इसके ड्राफ्टिंग पर नहीं, बल्कि इस बात पर निर्भर करेगी कि टैक्स अधिकारी अपनी शक्तियों का उपयोग कितनी संयमित और अनुशासित तरीके से करते हैं। चूंकि हाल के वर्षों में कुल प्राप्तियों में प्रत्यक्ष कर का योगदान आधे से अधिक रहा है, इसलिए सरकार के पास अब विवादों को कम करने और प्रशासन की गुणवत्ता सुधारने की पर्याप्त वित्तीय गुंजाइश है। विशेषज्ञों का तर्क है कि एक पारदर्शी और पूर्वानुमानित टैक्स कोड ही निवेशकों और आम करदाताओं के बीच संस्थागत विश्वसनीयता को मजबूत करेगा।

              JANUARY 21, 2026 / 1:47 PM IST

              Budget 2026 Expectations Live: 'नई टैक्स व्यवस्था' में मिलेगी होम लोन पर छूट! घर खरीदारों के लिए बड़ी राहत के संकेत

              आगामी बजट 2026 में मोदी सरकार मध्यम वर्ग को घर खरीदने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक बड़ा ऐतिहासिक कदम उठा सकती है। रिपोर्ट्स के अनुसार, वित्त मंत्रालय नई टैक्स व्यवस्था के तहत भी होम लोन के ब्याज पर धारा 24(b) की कटौती का लाभ देने पर विचार कर रहा है। वर्तमान में यह लाभ केवल 'पुरानी व्यवस्था' तक सीमित है, जिसके कारण होम लोन लेने वाले अधिकांश करदाता नई व्यवस्था को अपनाने से हिचकिचाते हैं। इसके साथ ही विशेषज्ञों ने पुरानी व्यवस्था में भी ब्याज कटौती की सीमा को ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख करने की सिफारिश की है, क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में घरों की कीमतें और बैंक ईएमआई दोनों में भारी बढ़ोतरी हुई है। अगर बजट 2026 में ये घोषणाएं होती हैं, तो इससे न केवल रियल एस्टेट सेक्टर में मांग बढ़ेगी, बल्कि निर्माण क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

                JANUARY 21, 2026 / 1:15 PM IST

                Budget 2026 Expectations Live: बजट में पुरानी टैक्स व्यवस्था को मिलेगा 'बूस्टर डोज़'! 80C और 80D की सीमा बढ़ाने की बड़ी मांग

                बजट 2025 में सरकार ने नई टैक्स व्यवस्था को काफी आकर्षक बनाया था, लेकिन अब बजट 2026 से उन करोड़ों करदाताओं को बड़ी उम्मीदें हैं जो आज भी पुरानी टैक्स व्यवस्था का पालन कर रहे हैं। विशेषज्ञों और उद्योग निकायों का मानना है कि धारा 80C और 80D के तहत मिलने वाली छूट की सीमाएं अब पुरानी पड़ चुकी हैं और बढ़ती महंगाई व चिकित्सा खर्चों को देखते हुए इनमें बदलाव 'अनिवार्य' हो गया है।

                  JANUARY 21, 2026 / 12:42 PM IST

                  Budget 2026 Expectations Live: ₹6 लाख तक की आय होगी पूरी तरह टैक्स-फ्री! नई टैक्स व्यवस्था को आकर्षक बनाने की बड़ी तैयारी

                  आगामी बजट 2026 में मध्यम वर्ग की सबसे बड़ी उम्मीद बेसिक टैक्स छूट सीमा में बढ़ोतरी को लेकर है। वर्तमान में नई टैक्स व्यवस्था के तहत ₹4 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगता है, लेकिन टैक्स विशेषज्ञों का मानना है कि इसे बढ़ाकर ₹5 लाख से ₹6 लाख करने का समय आ गया है।

                    JANUARY 21, 2026 / 12:23 PM IST

                    Budget 2026 Expectations Live: बजट में सस्ता कर्ज और निवेश के खुलेंगे नए रास्ते

                    इंटेलीस्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के एमडी और सीईओ अनिल रावल के अनुसार, भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में स्मार्ट मीटर एक बड़े गेम-चेंजर साबित हो सकते हैं। उन्होंने बजट 2026 से मांग की है कि 'एडवांस्ड मीटरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर' (AMI) को औपचारिक रूप से इन्फ्रास्ट्रक्चर की मास्टर लिस्ट में शामिल किया जाए। श्री रावल का मानना है कि इस दर्जे के मिलने से स्मार्ट मीटर परियोजनाओं के लिए प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिंग (PSL), इंफ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड्स और वैश्विक संस्थागत निवेशकों के माध्यम से लंबी अवधि का और सस्ता कर्ज मिलना आसान हो जाएगा। इससे न केवल बिजली वितरण कंपनियों (DISCOMs) की वित्तीय सेहत सुधरेगी, बल्कि डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के इस दौर में डेवलपर्स और बैंकों को भी स्पष्ट रेगुलेटरी गाइडलाइंस मिलेंगी, जिससे पूरे ऊर्जा क्षेत्र में एक नई क्रांति आएगी।

                      JANUARY 21, 2026 / 11:53 AM IST

                      Budget 2026 Expectations Live: बजट में डिजिटल और रेलवे इंफ्रा पर टिकी उम्मीदें

                      भारत का ट्रैवल और लाइफस्टाइल सेक्टर अब केवल घूमने-फिरने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक 'एक्सपीरियंस-ड्रिवन इकोनॉमी' में बदल रहा है। उद्योग जगत के दिग्गजों का मानना है कि बजट 2026 इस बदलाव को गति देने में 'गेम-चेंजर' साबित हो सकता है। बढ़ती आय और युवाओं के बीच डिजिटल अपनाने की तेज रफ्तार ने प्रीमियम ट्रैवल की मांग को बढ़ा दिया है।

                        JANUARY 21, 2026 / 11:29 AM IST

                        Budget 2026 Expectations Live: वैश्विक अनिश्चितता और टैरिफ जोखिमों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखने की चुनौती

                        शिव नाडर यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और अर्थशास्त्री डॉ. पार्थ चटर्जी के अनुसार, बजट 2026 की सबसे बड़ी परीक्षा जीडीपी विकास की 'गुणवत्ता' को सुधारने में होगी, ताकि रोजगार, वेतन और ग्रामीण मांग के लाभ सभी तक पहुंच सकें। उन्होंने आगाह किया है कि वर्तमान वैश्विक परिवेश अत्यंत अनिश्चित है, जहां टैरिफ जोखिम, मुद्रा में उतार-चढ़ाव और पूंजी प्रवाह में बदलाव जैसी चुनौतियां अर्थव्यवस्था के लिए खतरा बन सकती हैं। बजट को न केवल व्यापक आर्थिक स्तर पर लचीलापन बनाना चाहिए, बल्कि एमएसएमई और निर्यातकों के लिए जोखिम की लागत को कम कर उन्हें सुरक्षा प्रदान करनी चाहिए। डॉ. चटर्जी ने सुझाव दिया है कि सरकार को लंबी अवधि की परियोजनाओं के लिए 'धैर्यवान पूंजी' यानी दीर्घकालिक निवेश को प्रोत्साहित करना चाहिए, जिससे देश की आर्थिक नींव मजबूत हो सके और वैश्विक महंगाई के दुष्प्रभावों से आम आदमी को बचाया जा सके।

                          JANUARY 21, 2026 / 11:08 AM IST

                          Budget 2026 Expectations Live: क्या इस बार भी बरकरार रहेगी राहत की रफ्तार?

                          बजट 2025-26 ने नई टैक्स व्यवस्था के तहत ₹12 लाख की आय को टैक्स-फ्री कर मध्यम वर्ग के लिए राहत का एक नया पैमाना सेट कर दिया था। इस ऐतिहासिक कदम के बाद अब बजट 2026 सरकार के लिए एक 'कड़ी परीक्षा' की तरह है। करदाताओं की उम्मीदें अब इस स्तर पर पहुँच चुकी हैं कि वे इस साल और भी बड़े बदलावों की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जैसे कि ₹15 लाख तक की आय पर राहत या टैक्स स्लैब में और अधिक कटौती। हालांकि, सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती राजकोषीय घाटे को नियंत्रित रखने और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए फंड जुटाने की है। सवाल यह है कि क्या वित्त मंत्री पिछले साल की तरह 'सरप्राइज' देते हुए मध्यम वर्ग की क्रय शक्ति बढ़ाने पर जोर देंगी, या फिर वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और वित्तीय बाधाओं के कारण इस साल राहत की रफ्तार पर 'पॉज' लगेगा? विशेषज्ञों का मानना है कि यह बजट सरकार की भविष्य की आर्थिक दिशा और 'विकसित भारत 2047' के रोडमैप को स्पष्ट करने वाला होगा।

                            JANUARY 21, 2026 / 10:50 AM IST

                            Budget 2026 Expectations Live: बजट में सीनियर सिटीजन और पेंशनभोगियों को मिल सकती है बड़ी राहत

                            आगामी बजट 2026 में सरकार का विशेष ध्यान देश के बुजुर्गों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों पर हो सकता है। बढ़ती महंगाई और स्वास्थ्य सेवाओं के महंगे होने के बीच, उम्मीद की जा रही है कि वित्त मंत्री सीनियर सिटीजन के लिए धारा 80TTB के तहत बैंक ब्याज पर मिलने वाली टैक्स छूट की सीमा को ₹50,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख कर सकती हैं। इसके अलावा, स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम और चिकित्सा खर्चों के लिए धारा 80D के तहत मिलने वाली ₹50,000 की छूट को बढ़ाकर ₹1 लाख करने की पुरजोर मांग की जा रही है। पेंशनभोगियों के लिए भी अच्छी खबर आ सकती है, जहां न्यूनतम पेंशन को ₹1,000 से बढ़ाकर ₹7,500 तक करने पर विचार किया जा रहा है।

                              JANUARY 21, 2026 / 10:38 AM IST

                              Budget 2026 Expectations Live: घर खरीदारों का 'इंतजार' होगा खत्म? होम लोन और अफोर्डेबल हाउसिंग पर बड़ी उम्मीदें

                              आगामी केंद्रीय बजट 2026 को लेकर रियल एस्टेट सेक्टर और घर खरीदारों के बीच 'सतर्क उत्साह' का माहौल है। पिछले बजटों में सरकार ने नई टैक्स व्यवस्था को बढ़ावा देने पर जोर दिया था, लेकिन घर खरीदारों के लिए होम लोन ब्याज पर मिलने वाली छूट में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया। इस बार मध्यम वर्ग और पहली बार घर खरीदने वालों को उम्मीद है कि वित्त मंत्री उनके अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए कुछ बड़े नीतिगत फैसले लेंगी।

                                JANUARY 21, 2026 / 10:15 AM IST

                                Budget 2026 Expectations Live: बजट 2026 में निवेशकों की नजर LTCG और STCG के बड़े सुधारों पर

                                आगामी बजट 2026 में शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड निवेशकों की सबसे बड़ी उम्मीद कैपिटल गेन्स टैक्स के ढांचे को सरल और तर्कसंगत बनाने की है। पिछले बजट में सरकार ने टैक्सेशन में स्पष्टता लाने के संकेत तो दिए थे, लेकिन कोई बड़े क्रांतिकारी बदलाव नहीं किए गए। फिलहाल LTCG (12.5%) और STCG (20%) की दरें निवेशकों के लिए एक बड़ी लागत बनी हुई है। इस बार निवेशक उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार न केवल टैक्स की दरों में कटौती करेगी, बल्कि ₹1.25 लाख की टैक्स-फ्री सीमा को बढ़ाकर ₹2 लाख तक कर सकती है। साथ ही, अलग-अलग एसेट क्लास के लिए 'होल्डिंग पीरियड' (जैसे 12 या 24 महीने) को एक समान बनाने की मांग भी जोर पकड़ रही है। अगर सरकार इन जटिल नियमों को सरल बनाती है और इंडेक्सेशन जैसे लाभों पर स्पष्टता देती है, तो इससे न केवल खुदरा निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा, बल्कि भारतीय बाजारों में विदेशी निवेश (FII) की वापसी में भी मदद मिलेगी।

                                  JANUARY 21, 2026 / 9:50 AM IST

                                  Budget 2026 Expectations Live: आसान कर्ज, कम ब्याज दरें और जटिल नियमों से मिले आजादी: MSME सेक्टर की मांग

                                  आगामी बजट 2026 के लिए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) और स्टार्टअप्स ने सरकार से पूंजी तक पहुंच को सरल बनाने और अनुपालन के बोझ को कम करने की जोरदार अपील की है। 'कैशइनवॉइस' के सीईओ और सह-संस्थापक अरुण पुजारी के अनुसार, छोटे व्यवसायों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए बिना गारंटी वाले लोन और क्रेडिट गारंटी योजनाओं को और अधिक सुव्यवस्थित करने की आवश्यकता है। उद्योग जगत का मानना है कि हालिया सुधारों के बावजूद, कई व्यवसायों को अभी भी ऊंची ब्याज दरों और कर्ज की धीमी मंजूरी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बजट में निर्यात ऋण को मजबूत करने, ब्याज सहायता और ड्यूटी रिफंड की प्रक्रिया को तेज करने की मांग की गई है। विशेषज्ञों का तर्क है कि नियमों को सरल बनाने और अनुपालन में देरी पर लगने वाले दंड को कम करने से छोटे उद्यमियों को राहत मिलेगी और भारत की अर्थव्यवस्था में उनका योगदान और बढ़ेगा।

                                    JANUARY 21, 2026 / 9:35 AM IST

                                    Budget 2026 Expectations Live: ITR फाइलिंग को बनाया जाए आसान

                                    आगामी बजट 2026 में करदाताओं की सबसे बड़ी उम्मीद आयकर रिटर्न (ITR) फाइल करने की प्रक्रिया को और अधिक सरल और तकनीकी रूप से सुगम बनाने की है। पिछले बजट में सरकार ने 'प्री-फिल्ड फॉर्म' और त्वरित रिफंड की दिशा में जो कदम उठाए थे, उन्हें इस बार नये आयकर अधिनियम 2025 के माध्यम से एक नई ऊंचाई पर ले जाने की तैयारी है। उम्मीद की जा रही है कि नए ITR फॉर्म अधिक 'स्मार्ट' होंगे, जिनमें अधिकांश डेटा ऑटो-पॉप्युलेटेड (Aadhar, PAN और AIS से स्वतः जुड़ा हुआ) होगा, जिससे गलतियों की संभावना कम होगी। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों (75 वर्ष से अधिक) के लिए, जिनके पास केवल पेंशन और ब्याज आय है, ITR फाइलिंग से छूट की शर्तों को और सरल बनाया जा सकता है। साथ ही, छोटे करदाताओं के लिए एकल ITR फॉर्म की मांग भी जोर पकड़ रही है, जिससे 'सहज' (ITR-1) और 'सुगम' (ITR-4) के बीच के भ्रम को दूर किया जा सके।

                                      JANUARY 21, 2026 / 9:19 AM IST

                                      Budget 2026 Expectations Live: 'फेसलेस असेसमेंट' में सुधार और पारदर्शी नोटिस की उम्मीद

                                      आगामी बजट 2026 में करदाताओं की एक प्रमुख मांग फेसलेस असेसमेंट और टैक्स नोटिस प्रणाली को अधिक प्रभावी और मानवीय बनाने की है। पिछले बजट (2025-26) में सरकार ने इस प्रणाली में सुधार और पारदर्शिता बढ़ाने के कई वादे किए थे ताकि करदाताओं के उत्पीड़न को कम किया जा सके, लेकिन जमीनी स्तर पर तकनीकी खामियां और संवाद की कमी जैसी चुनौतियां अब भी बनी हुई हैं। इस बार उम्मीद की जा रही है कि वित्त मंत्री इन वादों को धरातल पर उतारने के लिए ठोस कदम उठाएंगी, जिसमें नोटिस की सरल भाषा, जवाब देने के लिए पर्याप्त समय और एआई-संचालित त्रुटि-मुक्त मूल्यांकन प्रक्रिया शामिल हो। करदाताओं का मानना है कि यदि फेसलेस प्रणाली को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाया जाता है, तो इससे न केवल मुकदमेबाजी कम होगी, बल्कि कर विभाग और जनता के बीच विश्वास भी मजबूत होगा।

                                        JANUARY 21, 2026 / 8:55 AM IST

                                        Budget 2026 Expectations Live: मध्यम वर्ग की नजर 'टैक्स रिबेट' पर, क्या ₹12 लाख के बाद अब और बढ़ेगी टैक्स-फ्री आय की सीमा?

                                        आगामी बजट 2026 की उम्मीदों में मध्यम वर्ग के लिए धारा 87A के तहत टैक्स रिबेट में राहत की मांग सबसे ऊपर है। पिछले बजट में सरकार ने इस रिबेट ढांचे को पुनर्गठित किया था, जिसके कारण नई टैक्स व्यवस्था के तहत ₹12 लाख तक की आय प्रभावी रूप से टैक्स-फ्री हो गई थी। इस बार करदाताओं की मांग है कि बढ़ती महंगाई और जीवनयापन की लागत को देखते हुए इस रिबेट सीमा को और बढ़ाया जाए या इसके स्लैब में सुधार किया जाए। अगर सरकार धारा 87A के दायरे को और मजबूत करती है, तो इससे न केवल निम्न और मध्यम आय वर्ग के हाथों में अधिक 'डिस्पोजेबल इनकम' बचेगी, बल्कि उपभोग को भी बढ़ावा मिलेगा। करदाता उम्मीद कर रहे हैं कि वित्त मंत्री इस बार रिबेट तंत्र को और अधिक सरल और समावेशी बनाएंगी ताकि अधिक से अधिक लोग शून्य टैक्स लायबिलिटी का लाभ उठा सकें।

                                          JANUARY 21, 2026 / 8:50 AM IST

                                          Budget 2026 Expectations Live: नई और पुरानी व्यवस्था से क्या हैं उम्मीदें?

                                          वेतनभोगी वर्ग और वरिष्ठ नागरिक इस बार कुछ खास बदलावों की उम्मीद कर रहे हैं। उम्मीद है कि सबसे ऊंचे 30% टैक्स स्लैब की सीमा को ₹24 लाख से बढ़ाकर ₹30 लाख या ₹40 लाख किया जा सकता है। इसके अलावा, ₹75,000 की स्टैंडर्ड डिडक्शन को बढ़ाकर ₹1 लाख करने की मांग की जा रही है। पुरानी टैक्स व्यवस्था में ₹2.5 लाख की बेसिक छूट सीमा को बढ़ाकर ₹5 लाख करने और Section 80C की ₹1.5 लाख की लिमिट को बढ़ाने की मांग सबसे ऊपर है। इसके साथ ही होम लोन के ब्याज पर Section 24(b) के तहत छूट को ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹3-4 लाख करने की उम्मीद है, ताकि रियल एस्टेट सेक्टर को बूस्ट मिल सके।