Income Tax Slab | Budget 2026 Expectations: वेतनभोगी वर्ग और वरिष्ठ नागरिक इस बार कुछ खास बदलावों की उम्मीद कर रहे हैं। उम्मीद है कि सबसे ऊंचे 30% टैक्स स्लैब की सीमा को ₹24 लाख से बढ़ाकर ₹30 लाख या ₹40 लाख किया जा सकता है। इसके अलावा, ₹75,000 की स्टैंडर्ड डिडक्शन को बढ़ाकर ₹1 लाख करने की मांग की जा रही है
Income Tax Slab | Budget 2026 Expectations: केंद्रीय बजट 2026 को लेकर मध्यम वर्ग और वेतनभोगी कर्मचारियों की धड़कनें तेज हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को मोदी 3.0 सरकार का तीसरा पूर्ण बजट पेश करेंगी। पिछले बजट में नई टैक्स व्यवस्था के तहत ₹12 लाख तक की आय को टैक्स-फ्री कर वित्त मंत्री ने एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक खेला गया था, जिसके बाद अब उम्मीदें और बढ़ गई है। इस बार चर्चा
Income Tax Slab | Budget 2026 Expectations: केंद्रीय बजट 2026 को लेकर मध्यम वर्ग और वेतनभोगी कर्मचारियों की धड़कनें तेज हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को मोदी 3.0 सरकार का तीसरा पूर्ण बजट पेश करेंगी। पिछले बजट में नई टैक्स व्यवस्था के तहत ₹12 लाख तक की आय को टैक्स-फ्री कर वित्त मंत्री ने एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक खेला गया था, जिसके बाद अब उम्मीदें और बढ़ गई है। इस बार चर्चा केवल राहत की नहीं, बल्कि पुरानी टैक्स व्यवस्था के भविष्य को लेकर भी है।
क्या पुरानी टैक्स व्यवस्था का यह आखिरी साल है?
टैक्स एक्सपर्ट्स और हालिया रुझानों के अनुसार, सरकार पुरानी टैक्स व्यवस्था को धीरे-धीरे खत्म करने की दिशा में बढ़ रही है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि बजट 2026 में इसे पूरी तरह खत्म नहीं किया जाएगा, बल्कि 'फेज-आउट' की घोषणा हो सकती है। चूंकि लगभग 72% करदाता अब नई व्यवस्था अपना चुके हैं, इसलिए सरकार नई व्यवस्था को और आकर्षक बनाने पर ध्यान देगी। पुरानी व्यवस्था फिलहाल उन लोगों के लिए बनी रह सकती है जिन्होंने होम लोन या लंबे समय के निवेश (Section 80C) के आधार पर वित्तीय योजना बनाई है।
नई और पुरानी व्यवस्था से क्या हैं उम्मीदें?
वेतनभोगी वर्ग और वरिष्ठ नागरिक इस बार कुछ खास बदलावों की उम्मीद कर रहे हैं। उम्मीद है कि सबसे ऊंचे 30% टैक्स स्लैब की सीमा को ₹24 लाख से बढ़ाकर ₹30 लाख या ₹40 लाख किया जा सकता है। इसके अलावा, ₹75,000 की स्टैंडर्ड डिडक्शन को बढ़ाकर ₹1 लाख करने की मांग की जा रही है। पुरानी टैक्स व्यवस्था में ₹2.5 लाख की बेसिक छूट सीमा को बढ़ाकर ₹5 लाख करने और Section 80C की ₹1.5 लाख की लिमिट को बढ़ाने की मांग सबसे ऊपर है। इसके साथ ही होम लोन के ब्याज पर Section 24(b) के तहत छूट को ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹3-4 लाख करने की उम्मीद है, ताकि रियल एस्टेट सेक्टर को बूस्ट मिल सके।
वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं के लिए विशेष मांग
वरिष्ठ नागरिकों के लिए बैंक डिपॉजिट पर मिलने वाले ब्याज की टैक्स-फ्री सीमा बढ़ाने और स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर अतिरिक्त छूट की मांग की जा रही है। वहीं, महिला करदाताओं के लिए विशेष छूट और कार्यबल में उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए 'वर्किंग वुमन इंसेंटिव' जैसे उपायों की चर्चा है। साथ ही, निवेशक LTCG टैक्स में स्पष्टता और राहत चाहते हैं ताकि शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में निवेश पर बेहतर रिटर्न मिल सके।