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Abhishek Gupta JANUARY 15, 2026 / 4:01 PM IST

Budget 2026 Expectations: मध्यम वर्ग को टैक्स में राहत और उद्योग जगत के लिए बड़े रिफॉर्म्स पर सभी की नजरें, जानिए बजट 2026 में क्या हो सकता है खास

Budget 2026 Expectations: इस बार के बजट में सरकार का मुख्य फोकस वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच घरेलू खपत को बढ़ाना, वित्तीय स्थिरता बनाए रखना और बुनियादी ढांचे के लिए रिकॉर्ड पूंजीगत व्यय जारी रखना होगा

Budget 2026 Expectations: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को अपना लगातार 9वां केंद्रीय बजट पेश कर एक नया कीर्तिमान स्थापित करने जा रही हैं। यह बजट मोदी 3.0 सरकार के 'विकसित भारत 2047' के रोडमैप का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने पुष्टि की है कि बजट भाषण सुबह 11:00 बजे शुरू होगा। इस बार सरकार का मुख्य फोकस वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के

विशेषज्ञों का अनुमान है कि स्टैंडर्ड डिडक्शन को ₹75,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख किया जा सकता है
विशेषज्ञों का अनुमान है कि स्टैंडर्ड डिडक्शन को ₹75,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख किया जा सकता है
JANUARY 15, 2026 / 4:01 PM IST

Budget 2026 Expectations Live: टेक्निकल सर्विस प्रोवाइडर्स के पक्ष में हो सकता है बजट आवंटन

Beyond Key के संस्थापक और सीईओ पीयूष गोयल के अनुसार, आगामी केंद्रीय बजट 2026 में सरकार उन वेंडर्स और तकनीकी सेवा प्रदाताओं को प्राथमिकता दे सकती है जो केवल 'तकनीकी विशेषज्ञता' ही नहीं, बल्कि 'रणनीतिक सलाह' भी प्रदान करते हैं। गोयल का मानना है कि अब समय आ गया है जब डिजिटल निवेश को केवल खर्च के रूप में नहीं, बल्कि दीर्घकालिक व्यावसायिक मूल्य बनाने के उपकरण के रूप में देखा जाए। बजट आवंटन में ऐसे भागीदारों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है जो संगठनों को तकनीकी जटिलताओं से बाहर निकालकर ठोस परिणाम देने में सक्षम हों।

    JANUARY 15, 2026 / 3:34 PM IST

    Budget 2026 Expectations Live: बजट 2026 में 'मिड-इनकम' घर खरीदारों के लिए बड़ी राहत की उम्मीद

    RPS Group के निदेशक अमन गुप्ता के अनुसार, आगामी बजट 2026 दिल्ली-एनसीआर और अन्य तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में घर खरीदारों, डेवलपर्स और कर्जदाताओं के बीच तालमेल बिठाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। वर्तमान में 'किफायती आवास' के लिए ₹45 लाख की जो सीमा तय है, वह अधिकांश शहरी मध्यम वर्गीय खरीदारों की पहुंच से बाहर हो चुकी है। उद्योग जगत की मांग है कि इस सीमा को बढ़ाकर ₹90 लाख किया जाए, ताकि मध्यम आय वर्ग के लोग भी 1% जीएसटी और अन्य टैक्स लाभों का फायदा उठा सकें।

      JANUARY 15, 2026 / 3:03 PM IST

      Budget 2026 Expectations Live: कैंसर देखभाल के लिए स्पेशल आवंटन और चिकित्सा उपकरणों पर शुल्क कटौती की मांग

      ऑन्को-लाइफ कैंसर सेंटर के चेयरमैन और संस्थापक उदय देशमुख के अनुसार, आगामी केंद्रीय बजट 2026 में स्वास्थ्य सेवा, विशेषकर कैंसर देखभाल के लिए अधिक और निरंतर सहयोग की आवश्यकता है। कैंसर न केवल मरीजों पर शारीरिक, बल्कि भारी वित्तीय और भावनात्मक बोझ भी डालता है। उद्योग जगत की मांग है कि सरकार बजट में कैंसर स्क्रीनिंग, प्रारंभिक पहचान कार्यक्रमों और किफायती उपचार विकल्पों के लिए आवंटन बढ़ाए। इसके साथ ही, जीवन रक्षक चिकित्सा उपकरणों पर आयात शुल्क को कम करने और सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) को मजबूत करने के लिए प्रोत्साहनों की उम्मीद है, ताकि देश के कोने-कोने तक गुणवत्तापूर्ण कैंसर उपचार सुलभ और सस्ता हो सके।

        JANUARY 15, 2026 / 2:30 PM IST

        Budget 2026 Expectations Live: बजट में नई योजनाओं के बजाय 'नीतिगत स्थिरता' और 'रणनीतिक सुधारों' पर जोर

        आगामी केंद्रीय बजट 2026 से यह व्यापक उम्मीद की जा रही है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कोई बड़ी या लोकलुभावन नई योजनाएं लाने के बजाय, मौजूदा नीतियों को मजबूत करने और निवेश में बाधा डालने वाले 'बिंदुओं' को दूर करने पर ध्यान केंद्रित करेंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बजट एक 'कैलिब्रेटेड एक्सरसाइज' होगा, जिसका मुख्य उद्देश्य कर संरचना में स्पष्टता लाना, विनिर्माण की गति को बनाए रखना और डिजिटल व फिजिकल बुनियादी ढांचे के निष्पादन में सुधार करना है। यह बदलाव भारत को केवल प्रोत्साहन आधारित अर्थव्यवस्था से हटाकर एक ऐसी 'रियल इकोनॉमी' की ओर ले जाएगा, जहां बौद्धिक पूंजी और उत्पादकता विकास के मुख्य चालक होंगे।

          JANUARY 15, 2026 / 1:42 PM IST

          Budget 2026 Expectations Live: बजट में 'रियल इकोनॉमी' और बौद्धिक संपदा पर केंद्रित नीति की मांग

          एग्रम कनेक्ट की सह-संस्थापक तमन्ना खन्ना के अनुसार, भारतीय अर्थव्यवस्था अब प्रमुख रूप से 'सर्विस-डोमिनेंट' हो चुकी है, लेकिन हमारे राजकोषीय ढांचे अभी भी इस वास्तविकता के अनुरूप नहीं ढले हैं। उन्होंने तर्क दिया कि हमने 'डिजिटल रेल' तो तैयार कर लिया है, लेकिन विशेषज्ञता, प्लेटफॉर्म और बौद्धिक संपदा (IP) पर आधारित व्यवसायों के लिए इन पर काम करने की लागत बहुत अधिक है। आगामी केंद्रीय बजट 2026 से यह उम्मीद की जा रही है कि सरकार केवल अल्पकालिक प्रोत्साहन देने के बजाय दीर्घकालिक 'बौद्धिक पूंजी' को जोखिम मुक्त करने के लिए एक स्पष्ट रोडमैप पेश करेगी। नीतिगत स्तर पर बौद्धिक निवेश को उत्पादकता के इंजन के रूप में पहचानना ही 'रियल इकोनॉमी' को मजबूत करने की दिशा में सही कदम होगा।

            JANUARY 15, 2026 / 1:28 PM IST

            Budget 2026 Expectations Live: वैश्विक उथल-पुथल के बीच निर्यातकों को मिल सकता है बड़ा 'बूस्टर डोज'

            वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक अस्थिरता और व्यापारिक अनिश्चितताओं को देखते हुए, आगामी केंद्रीय बजट 2026 में निर्यातकों के लिए विशेष रियायतों और प्रोत्साहनों की घोषणा हो सकती है। S&A लॉ ऑफिसेस की पार्टनर स्मिता सिंह के अनुसार, प्रतिकूल वैश्विक वातावरण में निर्यात क्षेत्र को अतिरिक्त सरकारी समर्थन की सख्त जरूरत है। यह न केवल भारत के समग्र आर्थिक प्रदर्शन को बेहतर बनाएगा, बल्कि वैश्विक व्यापार में पैदा हुए जोखिमों को कम करने में भी मदद करेगा।

              JANUARY 15, 2026 / 12:47 PM IST

              Budget 2026 Expectations Live: टेक्सटाइल सेक्टर ने मांगी कच्चे माल की आसान उपलब्धता और स्किलिंग के लिए मदद

              भारत के कपड़ा और फैशन उद्योग ने आगामी केंद्रीय बजट 2026 से घरेलू विनिर्माण और छोटे शहरों में विस्तार के लिए विशेष प्रोत्साहन की मांग की है। स्टाइलॉक्स फैशन के सह-संस्थापक विशाल मेहरा के अनुसार, यदि सरकार कच्चे माल की स्थानीय सोर्सिंग, कौशल विकास और टियर-II व टियर-III शहरों में रिटेल विस्तार को बढ़ावा देती है, तो यह भारतीय ब्रांडों के लिए विकास के एक नए चरण की शुरुआत होगी। एक विकास-उन्मुख बजट न केवल भारतीय उपभोक्ताओं को प्रतिस्पर्धी कीमतों पर उच्च गुणवत्ता वाले कपड़े उपलब्ध कराने में मदद करेगा, बल्कि एक टिकाऊ और जिम्मेदार बिजनेस इकोसिस्टम को भी मजबूती देगा।

                JANUARY 15, 2026 / 12:14 PM IST

                Budget 2026 Expectations Live: स्टार्टअप्स ने मांगी वित्त मंत्री से 'एग्जीक्यूशन सपोर्ट' और डीपटेक इंफ्रास्ट्रक्चर

                Capital-A के संस्थापक और प्रमुख निवेशक अंकित केडिया के अनुसार, भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम अब केवल आइडियाज तक सीमित नहीं है, बल्कि अब ध्यान 'एग्जीक्यूशन' पर देने की जरूरत है। आगामी केंद्रीय बजट 2026 से डीपटेक और मैन्युफैक्चरिंग स्टार्टअप्स को उम्मीद है कि सरकार उनके लंबे विकास चक्र, टेस्टिंग और सर्टिफिकेशन की प्रक्रियाओं में मदद करेगी। चूंकि इन क्षेत्रों में सुरक्षा और विश्वसनीयता सबसे महत्वपूर्ण होती है, इसलिए सरकार द्वारा साझा परीक्षण बुनियादी ढांचा और स्पष्ट विनियामक रास्ते तैयार करना आवश्यक है।

                  JANUARY 15, 2026 / 11:35 AM IST

                  Budget 2026 Expectations Live: बजट 2026 में रिन्यूएबल एनर्जी से आगे बढ़कर 'ग्रीन इकोनॉमी' बनाने की तैयारी

                  ओस्टारा एडवाइजर्स की संस्थापक और सीईओ वसुधा माधवन के अनुसार, आगामी केंद्रीय बजट 2026 भारत के लिए अपनी हरित ऊर्जा महत्वाकांक्षाओं को केवल सौर और पवन ऊर्जा के विस्तार से कहीं आगे ले जाने का एक सुनहरा अवसर है। उद्योग जगत को उम्मीद है कि इस बार सरकार ग्रीन हाइड्रोजन, बैटरी स्टोरेज (BESS) और ग्रिड आधुनिकीकरण जैसे उभरते क्षेत्रों के लिए बड़े वित्तीय प्रोत्साहन और नीतिगत स्पष्टता प्रदान करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म क्षमता के लक्ष्य को पाने के लिए अब केवल उत्पादन ही नहीं, बल्कि एक मजबूत सप्लाई चेन और निजी निवेश को आकर्षित करने वाले 'ग्रीन फाइनेंस' ढांचे की आवश्यकता है।

                    JANUARY 15, 2026 / 11:14 AM IST

                    Budget 2026 Expectations Live: इंफ्रास्ट्रक्चर, रियल एस्टेट और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने की 'कैपेक्स' बढ़ाने की मांग

                    भारत की विकास दर को गति देने के लिए रियल एस्टेट, इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा और विनिर्माण क्षेत्रों के दिग्गजों ने आगामी केंद्रीय बजट 2026 में निरंतरता और बड़े निवेश की उम्मीद जताई है। इन क्षेत्रों का मानना है कि बुनियादी ढांचे पर सरकारी खर्च न केवल रोजगार के नए अवसर पैदा करता है, बल्कि यह निजी निवेश को भी आकर्षित करता है। उद्योग जगत ने सरकार से आग्रह किया है कि वह अपने राजकोषीय रोडमैप पर कायम रहे, साथ ही कच्चे माल की बढ़ती कीमतों और नियामक बाधाओं जैसी संरचनात्मक चुनौतियों का समाधान करे ताकि 'मेक इन इंडिया' और 'हाउसिंग फॉर ऑल' जैसे लक्ष्यों को समय पर पूरा किया जा सके।

                      JANUARY 15, 2026 / 10:51 AM IST

                      Budget 2026 Expectations Live: टेलीकॉम कंपनियों ने मांगी लाइसेंस शुल्क और GST में बड़ी राहत

                      टेलीकॉम उद्योग के प्रमुख संगठन COAI ने वित्त मंत्रालय को पत्र लिखकर आगामी बजट में वित्तीय बोझ कम करने की मांग की है। टेलीकॉम कंपनियों का तर्क है कि भारी वैधानिक शुल्क उनके बैलेंस शीट पर दबाव डाल रहे हैं, जिससे नेटवर्क विस्तार और 5G रोलआउट के लिए निवेश की क्षमता सीमित हो रही है।

                        JANUARY 15, 2026 / 10:48 AM IST

                        Budget 2026 Expectations Live: GST और सीमा शुल्क में बड़े बदलाव संभव

                        उद्योग जगत की नजरें 'GST 2.0' और सीमा शुल्क में होने वाले बदलावों पर टिकी है। बजट 2026 में कस्टम ड्यूटी स्लैब को तर्कसंगत बनाने और विरासत में मिले पुराने विवादों के निपटारे के लिए 'एम्नेस्टी स्कीम' की घोषणा हो सकती है। एफएमसीजी और उपभोक्ता वस्तुओं पर जीएसटी दरों को 18% से घटाकर 12% या 5% करने की मांग की जा रही है ताकि ग्रामीण मांग में तेजी आ सके। साथ ही, डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ग्रीन एनर्जी सेक्टर के लिए नए PLI स्कीम के विस्तार की संभावना है।

                          JANUARY 15, 2026 / 10:25 AM IST

                          Budget 2026 Expectations Live: मध्यम वर्ग को मिल सकती है इनकम टैक्स में राहत

                          वेतनभोगी वर्ग को इस बजट से बड़ी उम्मीदें हैं कि सरकार डिस्पोजेबल आय बढ़ाने के लिए टैक्स स्लैब में बदलाव कर सकती है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि स्टैंडर्ड डिडक्शन को ₹75,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख किया जा सकता है। इसके अलावा होम लोन के ब्याज पर मिलने वाली ₹2 लाख की छूट को बढ़ाकर ₹4 लाख करने की भी मांग की जा रही है, ताकि बढ़ती महंगाई और रियल एस्टेट की कीमतों के बीच मध्यम वर्ग को राहत मिल सके।

                            JANUARY 15, 2026 / 10:24 AM IST

                            Budget 2026 Expectations Live: MSME सेक्टर के लिए और आसान हो सकती है राह

                            देश की जीडीपी में 30% योगदान देने वाले MSME सेक्टर के लिए क्रेडिट एक्सेस और आसान रेगुलेटरी नियमों की उम्मीद की जा रही है। ग्रामीण भारत की आय बढ़ाने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना के विस्तार और 'जलवायु-अनुकूल कृषि' के लिए विशेष फंड का प्रावधान हो सकता है। यह बजट न केवल करदाताओं के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि भारत को $5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक बड़े 'ग्रोथ ट्रिगर' के रूप में देखा जा रहा है।