Budget 2026 Expectations: इस बार के बजट में सरकार का मुख्य फोकस वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच घरेलू खपत को बढ़ाना, वित्तीय स्थिरता बनाए रखना और बुनियादी ढांचे के लिए रिकॉर्ड पूंजीगत व्यय जारी रखना होगा
Budget 2026 Expectations: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को अपना लगातार 9वां केंद्रीय बजट पेश कर एक नया कीर्तिमान स्थापित करने जा रही हैं। यह बजट मोदी 3.0 सरकार के 'विकसित भारत 2047' के रोडमैप का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने पुष्टि की है कि बजट भाषण सुबह 11:00 बजे शुरू होगा। इस बार सरकार का मुख्य फोकस वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के
Budget 2026 Expectations: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को अपना लगातार 9वां केंद्रीय बजट पेश कर एक नया कीर्तिमान स्थापित करने जा रही हैं। यह बजट मोदी 3.0 सरकार के 'विकसित भारत 2047' के रोडमैप का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने पुष्टि की है कि बजट भाषण सुबह 11:00 बजे शुरू होगा। इस बार सरकार का मुख्य फोकस वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच घरेलू खपत को बढ़ाना, वित्तीय स्थिरता बनाए रखना और बुनियादी ढांचे के लिए रिकॉर्ड पूंजीगत व्यय जारी रखना है।
मध्यम वर्ग को है इनकम टैक्स में राहत की उम्मीद
वेतनभोगी वर्ग को इस बजट से बड़ी उम्मीदें हैं कि सरकार डिस्पोजेबल आय बढ़ाने के लिए टैक्स स्लैब में बदलाव करेगी। विशेषज्ञों का अनुमान है कि नई टैक्स व्यवस्था के तहत ₹12 लाख तक की आय को पूरी तरह टैक्स-फ्री बनाए रखने के साथ-साथ, स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा को वर्तमान के ₹75,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख किया जा सकता है। इसके अलावा, होम लोन के ब्याज पर मिलने वाली ₹2 लाख की छूट को बढ़ाकर ₹4 लाख करने की भी मांग की जा रही है, ताकि बढ़ती महंगाई और रियल एस्टेट की कीमतों के बीच मध्यम वर्ग को राहत मिल सके।
GST और सीमा शुल्क में बदलाव संभव
उद्योग जगत की नजरें 'GST 2.0' और सीमा शुल्क के सरलीकरण पर टिकी हैं। बजट 2026 में कस्टम ड्यूटी स्लैब को तर्कसंगत बनाने और विरासत में मिले पुराने विवादों के निपटारे के लिए 'एम्नेस्टी स्कीम' की घोषणा हो सकती है। एफएमसीजी और उपभोक्ता वस्तुओं पर जीएसटी दरों को 18% से घटाकर 12% या 5% करने की मांग की जा रही है ताकि ग्रामीण मांग में तेजी आ सके। साथ ही, डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ग्रीन एनर्जी सेक्टर के लिए नए PLI स्कीम के विस्तार की संभावना है।
MSME और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर विशेष ध्यान
देश की जीडीपी में 30% योगदान देने वाले MSME सेक्टर के लिए क्रेडिट एक्सेस और आसान रेगुलेटरी नियमों की उम्मीद की जा रही है। ग्रामीण भारत की आय बढ़ाने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना के विस्तार और 'जलवायु-अनुकूल कृषि' के लिए विशेष फंड का प्रावधान हो सकता है। यह बजट न केवल करदाताओं के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि भारत को $5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक बड़े 'ग्रोथ ट्रिगर' के रूप में देखा जा रहा है।