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Abhishek Gupta JANUARY 30, 2026 / 4:13 PM IST

Income Tax Slab | Budget 2026 Expectations: इस बार का बजट सैलरीड और मिडिल क्लास के लिए होगा बेहद खास! इनकम टैक्स रेट में हो सकते हैं बड़े बदलाव!

Income Tax Slab | Budget 2026 Expectations: बजट 2025 में स्टैंडर्ड डिडक्शन को ₹50,000 से बढ़ाकर ₹75,000 किया गया था, लेकिन इस बार विशेषज्ञ इसे ₹1,00,000 तक ले जाने की उम्मीद जता रहे हैं। इसके साथ ही, नई टैक्स रिजीम के तहत धारा 87A की छूट सीमा को वर्तमान के ₹12.75 लाख से बढ़ाकर ₹14 लाख से ₹15 लाख करने की चर्चा जोरों पर है

Income Tax Slab | Budget 2026 Expectations: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को अपना 9वां लगातार बजट पेश करने जा रही हैं। पिछले साल के बजट में ₹12 लाख तक की आय को टैक्स-फ्री करने और स्टैंडर्ड डिडक्शन को बढ़ाकर ₹75,000 करने के ऐतिहासिक फैसलों के बाद, इस साल भी टैक्सपेयर्स की उम्मीदें आसमान पर हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार सरकार का फोकस 'बड़ी घोषणाओं' के बजाय 'नियमों के

उम्मीद की जा रही है कि स्टैंडर्ड डिडक्शन की ₹75,000 की सीमा को बढ़ाकर ₹1 लाख किया जा सकता है
उम्मीद की जा रही है कि स्टैंडर्ड डिडक्शन की ₹75,000 की सीमा को बढ़ाकर ₹1 लाख किया जा सकता है
JANUARY 30, 2026 / 4:12 PM IST

Budget 2026 Expectations Live: शिक्षा को किफायती बनाने के लिए GST में कटौती और 'आउटकम-बेस्ड' फंडिंग की मांग

फिजिक्सवाला के सह-संस्थापक प्रतीक माहेश्वरी ने आगामी केंद्रीय बजट से शिक्षा क्षेत्र को अधिक किफायती और जवाबदेह बनाने की वकालत की है। उन्होंने शैक्षिक सेवाओं पर लागू वर्तमान 18% GST को एक बड़ा बोझ बताते हुए इसमें कटौती की मांग की है, ताकि हर परिवार के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुलभ हो सके। इसके साथ ही माहेश्वरी ने बजट आवंटन को 'आउटकम-बेस्ड' बनाने का सुझाव दिया है, जो खर्च के बजाय वास्तविक प्रभाव और परिणामों पर केंद्रित हो। उनका मानना है कि केवल बुनियादी ढांचे पर पैसा खर्च करने के बजाय, छात्रों के सीखने के स्तर में सुधार और उनकी रोजगार क्षमता को बढ़ाने जैसे परिणामों को फंडिंग से जोड़ना चाहिए। अगर बजट को प्रदर्शन से जोड़ा जाता है, तो खर्च किया गया हर रुपया युवाओं को सीधे तौर पर सशक्त बनाएगा और एक कुशल राष्ट्र के निर्माण में योगदान देगा।

    JANUARY 30, 2026 / 4:02 PM IST

    Budget 2026 Expectations Live: बीमा क्षेत्र ने की डिजिटल डिस्ट्रीब्यूशन के साथ 'सबका बीमा' लक्ष्य के लिए नीतिगत समर्थन की मांग

    Turtlemint के सह-संस्थापक और CEO धीरेंद्र महायावंशी के अनुसार, भारत का बीमा वितरण इकोसिस्टम एक बड़े बदलाव के दौर में है, जिसे FDI सीमा बढ़ाकर 100% करने और 'सबका बीमा सबकी रक्षा' अधिनियम जैसे नियामक सुधारों से बल मिला है। बजट 2026 से उद्योग जगत को उम्मीद है कि सरकार तकनीक बेस्ड डिस्ट्रीब्यूशन मॉडलों के लिए अतिरिक्त नीतिगत समर्थन प्रदान करेगी। महायावंशी ने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, API-आधारित पार्टनरशिप, एम्बेडेड इंश्योरेंस और POSP मॉडल को मजबूत करने पर जोर दिया है, क्योंकि ये तकनीकें कम लागत में दूर-दराज के इलाकों तक बीमा पहुंच बढ़ाने में सक्षम हैं। उनका मानना है कि इन बदलावों से न केवल बीमा पैठ बढ़ेगी, बल्कि यह उन बाजारों तक सुरक्षा कवच पहुंचाने में भी मदद करेगा जो अब तक मुख्यधारा से बाहर रहे हैं।

      JANUARY 30, 2026 / 3:57 PM IST

      Budget 2026 Expectations Live: क्या स्टैंडर्ड डिडक्शन ₹1 लाख और टैक्स-फ्री आय की सीमा ₹14 लाख होगी?

      केंद्रीय बजट 2026-27 से पहले वेतनभोगियों और पेंशनभोगियों के बीच 'स्टैंडर्ड डिडक्शन' और 'सेक्शन 87A' के तहत मिलने वाली छूट को लेकर जबरदस्त उत्साह है। बजट 2025 में स्टैंडर्ड डिडक्शन को ₹50,000 से बढ़ाकर ₹75,000 किया गया था, लेकिन इस बार विशेषज्ञ इसे ₹1,00,000 तक ले जाने की उम्मीद जता रहे हैं। इसके साथ ही, नई टैक्स रिजीम के तहत धारा 87A की छूट सीमा को वर्तमान के ₹12.75 लाख से बढ़ाकर ₹14 लाख से ₹15 लाख करने की चर्चा जोरों पर है। विशेषज्ञों का मानना है कि 8वें वेतन आयोग के लागू होने की संभावना और बढ़ती महंगाई को देखते हुए, निचले और मध्यम आय वर्ग को 'जीरो टैक्स' ब्रैकेट में बनाए रखने के लिए यह बदलाव आवश्यक हैं। अगर ये घोषणाएं होती हैं, तो यह न केवल मध्यम वर्ग की खर्च करने योग्य आय को बढ़ाएगा, बल्कि टैक्स प्रणाली को और अधिक सरल और समावेशी बनाएगा।

        JANUARY 30, 2026 / 3:52 PM IST

        Budget 2026 Expectations Live: टिकाऊ FMCG और D2C स्टार्टअप्स के लिए ग्लोबल एक्सपोर्ट और ग्रोथ कैपिटल की मांग

        TABBSZ के संस्थापक शशांक नोरोन्हा के अनुसार, भारत का टिकाऊ FMCG और D2C क्षेत्र नवाचार की नई लहर का नेतृत्व कर रहा है और वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार है। उद्योग जगत को उम्मीद है कि बजट 2026 में उन स्टार्टअप्स के लिए मजबूत समर्थन दिया जाएगा जो अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार करना चाहते है। इसके लिए निर्यात अनुकूल बुनियादी ढांचे, बाजार तक आसान पहुंच और विदेशी विस्तार के लिए ग्रोथ कैपिटल की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की गई है। शशांक का मानना है कि नवाचार, कौशल विकास और स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र पर निरंतर ध्यान देने से ये ब्रांड न केवल जिम्मेदारी से आगे बढ़ सकेंगे, बल्कि सार्थक रोजगार भी पैदा करेंगे। सही नीतिगत समर्थन के साथ, भारतीय स्टार्टअप उच्च गुणवत्ता वाले और टिकाऊ उत्पादों के स्रोत के रूप में देश की वैश्विक स्थिति को मजबूत कर सकते हैं।

          JANUARY 30, 2026 / 3:45 PM IST

          Budget 2026 Expectations Live: ग्लोबल सप्लाई चेन में धाक जमाने के लिए केमिकल सेक्टर ने मांगी बुनियादी राहत

          विपुल ऑर्गेनिक्स लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मिहिर शाह के अनुसार, वैश्विक स्तर पर 'चीन प्लस वन' रणनीति के बीच भारत का केमिकल और स्पेशलिटी केमिकल उद्योग एक ऐतिहासिक मोड़ पर है। उद्योग जगत की मांग है कि बजट 2026 में केमिकल पार्क्स के बुनियादी ढांचे पर निवेश बढ़ाया जाए और नई परियोजनाओं के लिए पर्यावरण मंजूरी की प्रक्रिया को तेज व सरल बनाया जाए। मिहिर शाह ने जोर दिया कि लॉजिस्टिक्स लागत को कम करना और घरेलू स्तर पर कच्चे माल के उत्पादन को बढ़ावा देना आयात पर निर्भरता घटाने के लिए अनिवार्य है। इसके अलावा, तकनीक को आधुनिक बनाने और सुरक्षा मानकों को बेहतर करने के लिए लंबी अवधि की सस्ती पूंजी उपलब्ध कराना इस सेक्टर को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूती देगा, जिससे भारत वैश्विक सप्लाई चेन में एक भरोसेमंद केंद्र के रूप में उभर सकेगा।

            JANUARY 30, 2026 / 3:37 PM IST

            Budget 2026 Expectations Live: बजट 2026 में EV और बैटरी पर एक समान GST की मांग

            एस्ट्रानोवा मोबिलिटी के संस्थापक और CEO कुणाल मुंद्रा के अनुसार, भारत की इलेक्ट्रिक वाहन नीति की सफलता के लिए वर्तमान GST ढांचे में विसंगतियों को दूर करना अनिवार्य है। कुणाल मुंद्रा का कहना है कि जहां इलेक्ट्रिक वाहनों पर 5% GST लगता है, वहीं उनकी जान कही जाने वाली बैटरी पर अब भी 18% की उच्च दर लागू है। मुंद्रा का मानना है कि यह अंतर 'बैटरी-एज-ए-सर्विस' और 'बैटरी स्वैपिंग' जैसे मॉडलों की व्यवहार्यता को कमजोर करता है, जो विशेष रूप से वाणिज्यिक उपयोगकर्ताओं के लिए शुरुआती लागत कम करने में महत्वपूर्ण हैं। बजट 2026 से उम्मीद है कि सरकार EV और उसके प्रमुख घटकों पर एक समान 5% GST लागू करेगी। इससे न केवल स्वामित्व की कुल लागत कम होगी, बल्कि उन क्षेत्रों में भी EV अपनाने की रफ्तार बढ़ेगी जहां बड़े पैमाने पर बदलाव की सबसे अधिक आवश्यकता है।

              JANUARY 30, 2026 / 3:30 PM IST

              Budget 2026 Expectations Live: बजट 2026 से NBFC सेक्टर को बड़ी उम्मीदें

              कैपिटल इंडिया फाइनेंस लिमिटेड (CIFL) के CEO पिनांक शाह ने आगामी बजट से गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) के लिए कई महत्वपूर्ण सुधारों की मांग की है। उनका तर्क है कि भारत की अर्थव्यवस्था में MSME और रिटेल ग्राहकों तक ऋण की पहुंच (Last-mile Credit) सुनिश्चित करने में NBFC की भूमिका बैंकों से कम नहीं है, इसलिए उन्हें समान अवसर मिलने चाहिए।

                JANUARY 30, 2026 / 3:20 PM IST

                Budget 2026 Expectations Live: रिटेल और ई-कॉमर्स क्षेत्र के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर और GST को आसान बनाने की मांग

                वुमनकार्ट के प्रबंध निदेशक मधु सूदन पाहवा के अनुसार, आगामी बजट 2026 में भारत के रिटेल और कंज्यूमर कॉमर्स इकोसिस्टम को अगले फेज में ले जाने के लिए नीतिगत हस्तक्षेप की आवश्यकता है। उद्योग जगत ने क्विक कॉमर्स और हाइपरलोकल रिटेल के विस्तार के लिए लास्ट-माइल इंफ्रास्ट्रक्चर, शहरी वेयरहाउसिंग और स्थानीय पूर्ति केंद्रों में निवेश बढ़ाने की मांग की है। इसके साथ ही फैशन, ब्यूटी और लाइफस्टाइल श्रेणियों में GST दरों को युक्तिसंगत बनाने और इन्वेंट्री-बेस्ड व भारतीय D2C ब्रांडों के लिए कार्यशील पूंजी तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। पाहवा का मानना है कि अगर सरकार डिजिटल भुगतान प्रणालियों को और मजबूत करती है और रिटेल क्षेत्र में महिला उद्यमिता व कार्यबल में उनकी भागीदारी को प्रोत्साहित करने वाली पहल करती है, तो यह टियर-2 और टियर-3 शहरों से आने वाली मांग को भुनाने और समावेशी आर्थिक विकास सुनिश्चित करने में मील का पत्थर साबित होगा।

                  JANUARY 30, 2026 / 3:07 PM IST

                  Budget 2026 Expectations Live: क्या इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव से मिलेगी 'महंगाई' से राहत?

                  बजट 2026-27 में मध्यम वर्ग की सबसे बड़ी उम्मीद आयकर स्लैब के पुनर्गठन पर टिकी है। पिछले कुछ वर्षों में बढ़ी हुई महंगाई के कारण घर का बजट बिगड़ा है, जिसे देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण स्लैब की सीमाओं को बढ़ा सकती हैं। हालांकि, बजट 2025 में नई टैक्स रिजीम के तहत ₹12.75 लाख तक की आय को कर-मुक्त कर एक बड़ा कदम उठाया गया था, लेकिन इस बार उम्मीद है कि 30% के उच्चतम टैक्स स्लैब की सीमा को वर्तमान के ₹24 लाख से बढ़ाकर ₹30 लाख किया जा सकता है। इससे 'ब्रैकेट क्रीप' जहां महंगाई के साथ बढ़ी सैलरी आपको उच्च टैक्स स्लैब में धकेल देती है, उसकी समस्या का समाधान होगा। विशेषज्ञों के अनुसार, स्लैब में इस तरह का मामूली बदलाव बिना मुख्य टैक्स दरों को छेड़े मध्यम आय वर्ग के 'टेक-होम पे' में सीधी बढ़ोतरी कर सकता है, जिससे बाजार में खपत को भी बढ़ावा मिलेगा।

                    JANUARY 30, 2026 / 2:48 PM IST

                    Budget 2026 Expectations Live: 'न्यू vs ओल्ड' टैक्स रिजीम, क्या इस बार खत्म होगी करदाताओं की उलझन?

                    बजट 2026 के करीब आते ही करदाताओं के बीच सबसे ज्यादा चर्चा इस बात पर है कि उनके लिए 'नई' या 'पुरानी' में से कौन सी टैक्स व्यवस्था बेहतर है। वर्तमान में, नई टैक्स रिजीम कम टैक्स दरों और सरल फाइलिंग का वादा करती है (जहां ₹12.75 लाख तक की आय प्रभावी रूप से कर-मुक्त है), लेकिन बड़ी संख्या में करदाता अब भी पुरानी व्यवस्था को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसकी मुख्य वजह 80C (PPF, LIC, ELSS), 80D (स्वास्थ्य बीमा), HRA और होम लोन ब्याज (Section 24b) जैसी महत्वपूर्ण कटौतियां हैं, जो निवेश की आदत को बढ़ावा देती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बजट 2026 में सरकार या तो नई रिजीम में कुछ चुनिंदा कटौतियों को शामिल कर सकती है, या फिर पुरानी व्यवस्था को धीरे-धीरे चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने का स्पष्ट रोडमैप पेश कर सकती है।

                      JANUARY 30, 2026 / 2:37 PM IST

                      Budget 2026 Expectations Live: ग्रीन हाइड्रोजन और कवच 4.0 के लिए बजटीय प्रोत्साहन की उम्मीद

                      कॉन्कॉर्ड कंट्रोल सिस्टम्स के संयुक्त प्रबंध निदेशक गौरव लाथ के अनुसार, आगामी बजट 2026-27 रेलवे तकनीक क्षेत्र के लिए एक क्रांतिकारी मोड़ साबित हो सकता है। उद्योग जगत ने रेलवे पारिस्थितिकी तंत्र में सुरक्षा, सुरक्षा और नवाचार को प्राथमिकता देने के सरकार के प्रयासों की सराहना की है, विशेष रूप से कवच 4.0 (Kavach 4.0) और ग्रीन हाइड्रोजन को अपनाने की दिशा में किए गए कार्यों को। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बजट में 'ग्रीन हाइड्रोजन इंफ्रास्ट्रक्चर' के वाणिज्यिक विस्तार के लिए विशेष नीतिगत समर्थन और बजटीय आवंटन की आवश्यकता है, जिससे भारतीय रेल न केवल सुरक्षित बने बल्कि वैश्विक स्तर पर टिकाऊ परिवहन का एक उत्कृष्ट मॉडल पेश करे।

                        JANUARY 30, 2026 / 2:13 PM IST

                        Budget 2026 Expectations Live: रिन्यूएबल एनर्जी और बैटरी स्टोरेज के लिए टैक्स सुधारों व सरकारी समर्थन की मांग

                        ग्लोबल एनर्जी एलायंस फॉर पीपल एंड प्लैनेट (GEAPP) के इंडिया वाइस प्रेसिडेंट सौरभ कुमार के अनुसार, केंद्रीय बजट 2026 भारत के ग्रिड आधुनिकीकरण और अक्षय ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। उद्योग विशेषज्ञों ने मांग की है कि बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) के लिए टैक्स और GST दरों को युक्तिसंगत बनाया जाए और इस क्षेत्र के लिए बजटीय आवंटन बढ़ाया जाए ताकि परियोजनाओं की व्यवहार्यता में सुधार हो और निजी निवेश को आकर्षित किया जा सके। इसके अलावा, पीएम-कुसुम योजना के विस्तार से कृषि-सौरकरण में तेजी आने की उम्मीद है। सौरभ कुमार ने यह भी सुझाव दिया है कि यूटिलिटी-एलईडी मॉडल्स के जरिए रूफटॉप सोलर अपनाने के लिए प्रोत्साहन दिए जाने चाहिए, जिससे न केवल डिस्कॉम (DISCOMs) के लिए राजस्व उत्पन्न होगा, बल्कि कम आय वाले परिवारों के लिए भी सौर ऊर्जा अपनाना आसान हो जाएगा।

                          JANUARY 30, 2026 / 1:39 PM IST

                          Budget 2026 Expectations Live: टैक्स में बदलाव और घरेलू बाजार की मजबूती पर जोर, क्रिप्टो सेक्टर की बजट से डिमांड

                          बजट 2026-27 से पहले भारत का क्रिप्टो और वर्चुअल डिजिटल एसेट (VDA) सेक्टर एक बड़े नीतिगत बदलाव की उम्मीद कर रहा है। 'लिमिनल कस्टडी' के इंडिया हेड मनहर गरेग्रत के अनुसार, अब समय आ गया है कि भारत क्रिप्टो पर केवल प्रवर्तन और भारी कराधान से आगे बढ़कर इसके बाजार ढांचे और स्थिरता पर ध्यान केंद्रित करे। उद्योग विशेषज्ञों का तर्क है कि वर्तमान में लागू 1% TDS और 30% फ्लैट टैक्स जैसी सख्त नीतियों के कारण भारतीय निवेशक और ट्रेडिंग वॉल्यूम विदेशी प्लेटफॉर्म्स की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे पारदर्शिता कम हो रही है और सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है। गरेग्रत ने सुझाव दिया है कि ट्रांजेक्शन लेवल पर लगने वाले भारी टैक्स की जगह 'VDA ट्रांजेक्शन टैक्स' पर विचार किया जाना चाहिए। इससे न केवल लेनदेन की बेहतर निगरानी संभव होगी और सरकार के लिए राजस्व के विश्वसनीय स्रोत बनेंगे, बल्कि यह हाई-रिस्क डेरिवेटिव्स पर निर्भरता कम कर पूरे क्रिप्टो इकोसिस्टम में स्थिरता और पारदर्शिता लाएगा।

                            JANUARY 30, 2026 / 1:25 PM IST

                            Budget 2026 Expectations Live: MSMEs के लिए 'क्लाइमेट फाइनेंस' और तकनीक आधारित हरित विकास की मांग

                            Impactree.ai की संस्थापक और CEO राजश्री साई के अनुसार, केंद्रीय बजट 2026 भारत के MSME क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मकता को फिर से परिभाषित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है, जिसमें छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए 'क्लाइमेट फाइनेंस' बुनियादी ढांचे को मजबूत करना अनिवार्य हो गया है। उद्योग जगत को उम्मीद है कि सरकार ऐसे डिजिटल इकोसिस्टम को प्रोत्साहित करेगी जो MSMEs को उनके टिकाऊ प्रदर्शन को वित्तीय साख में बदलने में मदद करें, जिससे उनके लिए 'ग्रीन कैपिटल' तक पहुंच आसान हो सके। राजश्री साई का मानना है कि डेटा-संचालित प्लेटफॉर्म और तकनीक के माध्यम से एक 'ग्रीन क्रेडिट' फ्रेमवर्क तैयार किया जाना चाहिए, जहां किसी उद्यम की सामाजिक और पर्यावरणीय लचीलापन उसकी बैलेंस शीट पर एक 'एसेट' के रूप में दिखे। यह पहल न केवल वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के बदलावों के बीच भारत को एक निवेश योग्य विकास मॉडल प्रदान करेगी, बल्कि MSMEs को भारत की टिकाऊ औद्योगिक क्रांति का अग्रदूत बनने के लिए भी सशक्त बनाएगी।

                              JANUARY 30, 2026 / 12:53 PM IST

                              Budget 2026 Expectations Live: बजट 2026 में होम लोन छूट, HRA रिवीजन और तेज रिफंड पर टिकी मध्यम वर्ग की निगाहें

                              केंद्रीय बजट 2026-27 में मध्यम वर्ग के लिए होम लोन के ब्याज पर मिलने वाली धारा 24(b) के तहत छूट की सीमा को ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख करने की प्रबल मांग है, ताकि बढ़ती ब्याज दरों और घर की कीमतों के बीच खरीदारों को राहत मिल सके। इसके साथ ही, करदाता बेंगलुरु और पुणे जैसे उभरते शहरों को 'मेट्रो' की श्रेणी में शामिल करने और HRA छूट की सीमा बढ़ाने की उम्मीद कर रहे हैं ताकि शहरी क्षेत्रों में बढ़ते किराये के बोझ को कम किया जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार इस बजट में सभी करदाताओं के लिए एक 'कॉमन ITR फॉर्म' और रीयल-टाइम इनकम टैक्स रिफंड जैसी व्यवस्था लागू करती है, तो इससे न केवल टैक्स फाइलिंग सरल होगी बल्कि वेतनभोगियों के पास निवेश और खर्च के लिए अधिक नगदी उपलब्ध होगी, जिससे अर्थव्यवस्था में उपभोग को बढ़ावा मिलेगा।

                                JANUARY 30, 2026 / 12:44 PM IST

                                Budget 2026 Expectations Live: बजट 2026 से MSME सेक्टर की GST सुधारों की मांग

                                भारत के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) इस बार के केंद्रीय बजट 2026 से नीतिगत समर्थन की उम्मीद कर रहे हैं, जो विशेष रूप से GST सुधारों के पूरक के रूप में कार्य करे। एक हालिया उद्योग अध्ययन के अनुसार, MSME क्षेत्र चाहता है कि सरकार ऐसे उपाय करे जो कारोबार करने में आसानी को बढ़ाएं और परिचालन निरंतरता सुनिश्चित करें। उद्योग जगत का मानना है कि बजट में टिकाऊ विनिर्माण, तकनीक-संचालित सप्लाई चेन और छोटे उद्योगों के सशक्तीकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता स्पष्ट दिखनी चाहिए। इसके अलावा, GST फाइलिंग की प्रक्रियाओं को और सरल बनाने, इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के दावों को सुव्यवस्थित करने और डिजिटल बुनियादी ढांचे तक पहुंच बढ़ाने की मांग की जा रही है, ताकि यह क्षेत्र वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सके और 'विकसित भारत' के सपने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सके।

                                  JANUARY 30, 2026 / 12:29 PM IST

                                  Budget 2026 Expectations Live: शिक्षा और एडटेक क्षेत्र के लिए बजट 2026 में नीतिगत प्रोत्साहन की मांग

                                  उद्योग जगत के विशेषज्ञों और एडटेक लीडर्स ने 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को हासिल करने के लिए शिक्षा क्षेत्र में बड़े नीतिगत बदलावों और निवेश की मांग की है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को एक कुशल कार्यबल तैयार करने के लिए एडटेक सेवाओं पर GST की दरों को कम करने, पेशेवर कोर्सेज पर टैक्स छूट देने और शिक्षा ऋण की प्रक्रिया को सरल बनाने की तत्काल आवश्यकता है। इसके साथ ही, डिजिटल लर्निंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर सार्वजनिक खर्च बढ़ाने और कौशल विकास के साथ पर्सनल फाइनेंस को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने पर जोर दिया गया है। एडटेक क्षेत्र के दिग्गजों का कहना है कि सरकार की ओर से मिलने वाला यह सहयोग न केवल डिजिटल शिक्षा की पहुंच बढ़ाएगा, बल्कि भविष्य की आर्थिक चुनौतियों का सामना करने के लिए युवाओं को सशक्त भी करेगा।

                                    JANUARY 30, 2026 / 12:24 PM IST

                                    Budget 2026 Expectations Live: कैपिटल गेंस टैक्स में सुधार, सभी एसेट क्लासेस के लिए एक समान 'होल्डिंग पीरियड' की मांग

                                    बजट 2026 से पहले कर विशेषज्ञों ने सरकार से पूंजीगत लाभ की गणना के लिए सभी एसेट क्लासेस (जैसे सोना, चांदी, शेयर और प्रॉपर्टी) के लिए एक समान 'होल्डिंग पीरियड' निर्धारित करने की मांग की है। टैक्स कनेक्ट एडवाइजरी सर्विसेज के पार्टनर विवेक जालान के अनुसार, वर्तमान में लिस्टेड सिक्योरिटीज के लिए यह अवधि 12 महीने है, जबकि सोना, चांदी और अन्य एसेट्स के लिए यह 24 महीने है, जिससे निवेशकों के बीच असमानता पैदा होती है। उदाहरण के तौर पर अगर सोना या चांदी एक से दो साल के बीच बेचे जाते हैं, तो उन पर 20% की दर से 'शॉर्ट-टर्म' टैक्स लगता है, जबकि उसी अवधि में लिस्टेड शेयरों पर केवल 12.5% 'लॉन्ग-टर्म' टैक्स देना होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस विसंगति को दूर करने के लिए एक 'यूनिफॉर्म होल्डिंग पीरियड' और स्पष्ट आयकर अधिनियम 2025 के ढांचे की आवश्यकता है, जिससे छोटे निवेशकों को जटिल टैक्स प्लानिंग के बिना राहत मिल सके और सोने-चांदी जैसे निवेशों को शेयरों के समान दर्जा प्राप्त हो।

                                      JANUARY 30, 2026 / 12:15 PM IST

                                      Budget 2026 Expectations Live: बजट 2026 का तारीख, समय और लाइव प्रसारण, जानें इस रविवार कहां और कैसे देखें?

                                      वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, रविवार को सुबह 11:00 बजे संसद में अपना लगातार 9वां बजट भाषण पेश करेंगी, जो पिछले एक दशक में पहली बार रविवार को आयोजित हो रहा है। इस ऐतिहासिक सत्र का सीधा प्रसारण आप संसद टीवी और दूरदर्शन पर देख सकते हैं। साथ ही यूट्यूब पर पीआईबी, MyGov और प्रमुख समाचार चैनलों के आधिकारिक हैंडल पर इसकी लाइव स्ट्रीमिंग उपलब्ध होगी। डिजिटल पहुंच के लिए, बजट से जुड़े सभी आधिकारिक दस्तावेज़ और टैक्स प्रस्ताव भाषण के तुरंत बाद 'Union Budget Mobile App' और आधिकारिक वेबसाइट पर हिंदी और अंग्रेजी में अपलोड कर दिए जाएंगे। रविवार होने के बावजूद, शेयर बाजार (BSE/NSE) सुबह 9:00 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक विशेष ट्रेडिंग सत्र के लिए खुले रहेंगे ताकि निवेशक बजट घोषणाओं पर तुरंत प्रतिक्रिया दे सकें।

                                        JANUARY 30, 2026 / 11:51 AM IST

                                        Budget 2026 Expectations Live: स्टैंडर्ड डिडक्शन और टैक्स-फ्री लिमिट से बढ़ेगी मिडिल क्लास की बचत!

                                        बजट 2026-27 के करीब आते ही नौकरीपेशा मध्यम वर्ग और पेंशनभोगियों की नजरें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर टिकी हैं। बढ़ती महंगाई और शहरी खर्चों के बीच सबसे बड़ी उम्मीद 'डिस्पोजेबल इनकम' (हाथ में बचने वाला पैसा) बढ़ाने की है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार सरकार 'न्यू टैक्स रिजीम' को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए दो बड़े कदम उठा सकती है: स्टैंडर्ड डिडक्शन में बढ़ोतरी और टैक्स-फ्री इनकम की सीमा का विस्तार।

                                          JANUARY 30, 2026 / 11:45 AM IST

                                          Budget 2026 Expectations Live: बजट 1957 में पहली बार आया था वेल्थ टैक्स का कॉन्सेप्ट

                                          भारत के आर्थिक इतिहास में बजट 1957-58 अपनी क्रांतिकारी कर नीतियों के लिए जाना जाता है, जब तत्कालीन वित्त मंत्री टी.टी. कृष्णमचारी ने पहली बार 'वेल्थ टैक्स' की शुरुआत की थी। निकोलस कैलडोर समिति के सुझावों पर आधारित इस कर का मुख्य उद्देश्य केवल राजस्व जुटाना नहीं, बल्कि देश में बढ़ती आर्थिक असमानता को कम करना और कर आधार को व्यापक बनाना था। इसके तहत व्यक्तियों, हिंदू अविभाजित परिवारों (HUF) और कंपनियों की 'नेट वेल्थ' पर टैक्स लगाया गया, जिसमें लग्जरी कारें, आभूषण और अतिरिक्त रियल एस्टेट जैसी अनुत्पादक संपत्तियां शामिल थीं। हालांकि, समय के साथ इसे वसूलने की लागत इसके लाभ से अधिक होने लगी और डेटा के अभाव में इसकी चोरी भी बढ़ गई। अंततः, कर प्रणाली को सरल बनाने और 'सुपर रिच' पर सरचार्ज लगाने के उद्देश्य से 2015 के बजट में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इसे पूरी तरह समाप्त कर दिया।

                                            JANUARY 30, 2026 / 11:20 AM IST

                                            Budget 2026 Expectations Live: इकोनॉमिक सर्वे 2026 के प्रमुख आर्थिक संकेत

                                            संसद में 29 जनवरी को पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण 2026 के अनुसार, भारतीय अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 2027 (FY27) में 6.8% से 7.2% की दर से बढ़ने का अनुमान है, जिसे मजबूत मैक्रो फंडामेंटल्स और निरंतर विनियामक सुधारों से समर्थन मिल रहा है। सर्वेक्षण में यह भी संकेत दिया गया है कि वित्त वर्ष 2027 में 'कोर' और 'हेडलाइन' मुद्रास्फीति दरें पिछले वर्ष की तुलना में थोड़ी अधिक रह सकती हैं, हालांकि इसे चिंता का विषय नहीं माना गया है। राजकोषीय मोर्चे पर, नवंबर 2025 तक भारत का राजकोषीय घाटा बजटीय अनुमानों का 62.3% रहा है, और सरकार ने वित्त वर्ष 2026 तक इसे सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 4.4% के लक्ष्य तक लाने का संकल्प दोहराया है, जो देश के सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन और आर्थिक स्थिरता को दर्शाता है।

                                              JANUARY 30, 2026 / 11:02 AM IST

                                              Budget 2026 Expectations Live: क्या होता है इकोनॉमिक सर्वे? बजट से पहले क्यों है यह जरूरी

                                              बजट पेश होने से ठीक एक दिन पहले संसद में आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाता है। अगर बजट भविष्य की योजना है, तो इकोनॉमिक सर्वे पिछले एक साल का विस्तृत 'रिपोर्ट कार्ड' होता है। इसे वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग की आर्थिक इकाई द्वारा मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) की देखरेख में तैयार किया जाता है। इस बार इकोनॉमिक सर्वे बजट से तीन दिन पहले 29 जनवरी को ही पेश कर दिया गया है।

                                                JANUARY 30, 2026 / 10:48 AM IST

                                                Budget 2026 Expectations Live: कब पेश हुआ था देश का पहला बजट

                                                भारत के आर्थिक इतिहास में बजट केवल अंकों का खेल नहीं रहा, बल्कि देश के नवनिर्माण की कहानी रहा है। स्वतंत्र भारत का पहला बजट 26 नवंबर, 1947 को पहले वित्त मंत्री आर.के. शनमुखम चेट्टी द्वारा पेश किया गया था। वह बजट महज 197 करोड़ रुपये के कुल राजस्व वाला था, जो आज के खरबों रुपये के बजट के मुकाबले एक छोटी सी शुरुआत थी।

                                                  JANUARY 30, 2026 / 10:37 AM IST

                                                  Budget 2026 Expectations Live: 12 साल बाद बदलेगी ₹1.5 लाख की '80C' की सीमा! हेल्थ इंश्योरेंस पर भी बड़ी आस

                                                  1 फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट 2026 से पहले करदाताओं की 'विशलिस्ट' में सबसे ऊपर धारा 80C और 80D के तहत मिलने वाली छूट की सीमा को बढ़ाना है। पिछले एक दशक से अधिक समय से 80C की सीमा ₹1.5 लाख पर टिकी हुई है, जबकि इस दौरान महंगाई और निवेश की लागत कई गुना बढ़ गई है। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि आयकर अधिनियम 2025 के लागू होने के साथ, सरकार इन पुरानी पड़ चुकी सीमाओं में बड़े बदलाव कर सकती है।

                                                    JANUARY 30, 2026 / 10:28 AM IST

                                                    Budget 2026 Expectations Live: क्या स्टैंडर्ड डिडक्शन और टैक्स-फ्री लिमिट मिडिल क्लास की बचत बढ़ाएगी?

                                                    केंद्रीय बजट 2026 से मध्यम वर्ग और वेतनभोगियों की सबसे बड़ी उम्मीद 'हाथ में अधिक पैसा' बचने की है। बढ़ती महंगाई और होम लोन की ईएमआई के बोझ के बीच, करदाताओं को उम्मीद है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बार टैक्स के बोझ को कम करने के लिए दो बड़े ऐलान स्टैंडर्ड डिडक्शन में बढ़ोतरी और टैक्स-फ्री इनकम की सीमा का विस्तार करेंगी।

                                                      JANUARY 30, 2026 / 10:10 AM IST

                                                      Budget 2026 Expectations Live: इन प्रमुख क्षेत्रों पर रहेगा मोदी सरकार का विशेष ध्यान

                                                      वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए जाने वाले बजट 2026 में सरकार का मुख्य फोकस बुनियादी ढांचे के विकास, भविष्य की तकनीक और आत्मनिर्भरता पर रहने की उम्मीद है। विशेषज्ञों के अनुसार, रेलवे के लिए ₹2.65 लाख करोड़ से अधिक का आवंटन हो सकता है, जिसमें 200 नई वंदे भारत ट्रेनों और 'कवच' सुरक्षा प्रणाली के विस्तार पर जोर होगा। रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने के लिए बजट आवंटन ₹7.5 लाख करोड़ के पार जा सकता है, जबकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर उत्पादन के लिए नए वित्तीय प्रोत्साहन (Incentives) मिलने की संभावना है। साथ ही, कृषि क्षेत्र में 'पीएम-किसान' की राशि में बढ़ोतरी और रिन्यूएबल एनर्जी (विशेषकर सौर ऊर्जा और न्यूक्लियर मिशन) के लिए बड़े निवेश की घोषणा की जा सकती है, जिससे 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को मजबूती मिले।

                                                        JANUARY 30, 2026 / 9:58 AM IST

                                                        Budget 2026 Expectations Live: आखिर क्यों पूरे देश की नजरें 'यूनियन बजट' पर टिकी होती हैं?

                                                        यूनियन बजट केवल आय और व्यय का लेखा-जोखा नहीं है, बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक 'ब्लूप्रिंट' होता है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 112 के तहत, सरकार को हर वित्तीय वर्ष के लिए संसद में अपना 'वार्षिक वित्तीय विवरण' पेश करना अनिवार्य होता है। 1 अप्रैल से शुरू होने वाले नए वित्तीय वर्ष के लिए यह बजट ही तय करता है कि देश किस दिशा में आगे बढ़ेगा।

                                                          JANUARY 30, 2026 / 9:37 AM IST

                                                          Budget 2026 Expectations Live: 'विकसित भारत' और 'मिडिल क्लास' के लिए खास होगा बजट

                                                          प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल का दूसरा पूर्ण बजट 1 फरवरी को पेश होने जा रहा है। यह बजट न केवल मोदी सरकार की आगामी 4 वर्षों की दिशा तय करेगा, बल्कि 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य की ओर एक मजबूत कदम माना जा रहा है। 2025 के चुनाव बाद वाले बजट के बाद, अब सरकार से उम्मीद है कि वह वित्तीय अनुशासन और जनकल्याण के बीच संतुलन बनाकर एक बड़ा आर्थिक बदलाव लाएगी।

                                                            JANUARY 30, 2026 / 9:28 AM IST

                                                            Budget 2026 Expectations Live: बजट 2026 में होम लोन और HRA पर बड़ी राहत की उम्मीद

                                                            आसमान छूती घरों की कीमतों और मेट्रो शहरों के बढ़ते किराए ने आम आदमी के बजट को बुरी तरह प्रभावित किया है। ऐसे में 1 फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट 2026 से घर खरीदारों और किराएदारों को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से बड़ी उम्मीदें हैं। रियल एस्टेट सेक्टर और करदाता चाहते हैं कि पुरानी हो चुकी टैक्स छूट की सीमाओं को आज की आर्थिक वास्तविकता के अनुसार बदला जाए।

                                                              JANUARY 30, 2026 / 9:15 AM IST

                                                              Budget 2026 Expectations Live: क्या इनकम टैक्स कंप्लायंस बनेगा और भी आसान? जानें एक्सपर्ट्स की राय

                                                              बजट 2026 से करदाताओं की सबसे बड़ी उम्मीद 'टैक्स रेट' में कटौती के साथ-साथ 'प्रक्रिया' के सरलीकरण की भी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए जाने वाले इस बजट में आयकर अधिनियम 2025 के क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जो 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगा। सुदित के. पारेख एंड कंपनी एलएलपी की पार्टनर अनीता बसरूर के अनुसार, इस नए कानून का मुख्य उद्देश्य कर अनुपालन को और अधिक सहज और डेटा-आधारित बनाना है।

                                                                JANUARY 30, 2026 / 8:54 AM IST

                                                                Budget 2026 Expectations Live: 1 अप्रैल से लागू होगा नया कानून, जानें मिडिल क्लास के लिए क्या बदलेगा?

                                                                भारत के प्रत्यक्ष कर इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। 1 अप्रैल, 2026 से छह दशक पुराने 'आयकर अधिनियम 1961' की जगह 'आयकर अधिनियम 2025' प्रभावी हो जाएगा। मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए यह केवल एक कानूनी बदलाव नहीं है, बल्कि यह टैक्स फाइलिंग को आसान बनाने और विवादों को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। बजट 2026 में इस नए कानून के सुचारू कार्यान्वयन के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं होने की उम्मीद है।

                                                                  JANUARY 30, 2026 / 8:39 AM IST

                                                                  Budget 2026 Expectations Live: NPS, हेल्थ इंश्योरेंस और SGB पर क्यों टिकी हैं सबकी नजरें?

                                                                  बजट 2026 की घड़ी जैसे-जैसे करीब आ रही है, करदाताओं और निवेशकों की उम्मीदें तीन मुख्य क्षेत्रों पेंशन (NPS), स्वास्थ्य, और सुरक्षित निवेश (SGB) पर केंद्रित हो गई हैं। महंगाई और अनिश्चित बाजार के बीच, आम आदमी चाहता है कि सरकार उसे न केवल टैक्स में राहत दे, बल्कि सुरक्षित भविष्य के लिए बेहतर विकल्प भी प्रदान करे।

                                                                    JANUARY 30, 2026 / 8:21 AM IST

                                                                    Budget 2026 Expectations Live: क्या ₹15 लाख तक की आय होगी टैक्स-फ्री? मिडिल क्लास की बड़ी आस

                                                                    1 फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट 2026 से पहले वेतनभोगी वर्ग और मध्यम वर्ग के बीच टैक्स छूट की सीमा को लेकर चर्चा सबसे तेज है। वर्तमान में नई टैक्स व्यवस्था के तहत प्रभावी रूप से ₹12.75 लाख (स्टैंडर्ड डिडक्शन सहित) तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगता है। लेकिन बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की लागत को देखते हुए, अब इस सीमा को ₹15 लाख तक बढ़ाने की पुरजोर मांग की जा रही है।

                                                                      JANUARY 30, 2026 / 8:07 AM IST

                                                                      Budget 2026 Expectations Live: क्या खत्म हो जाएगी पुरानी टैक्स व्यवस्था?

                                                                      केंद्रीय बजट 2026 की प्रस्तुति से पहले सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पुरानी टैक्स व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त करने की घोषणा करेंगी। हालांकि सरकार का झुकाव स्पष्ट रूप से 'नई टैक्स व्यवस्था' की ओर है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इसे एक झटके में खत्म करना फिलहाल मुश्किल है। सरकार 'धीरे-धीरे बाहर करने' की रणनीति अपना सकती है।

                                                                        JANUARY 30, 2026 / 7:58 AM IST

                                                                        Budget 2026 Expectations Live: क्या सुलझेगी टैक्स नियमों की उलझन? टैक्सपेयर्स को स्पष्टता और सरलता की है उम्मीद

                                                                        पिछले कुछ वर्षों में आयकर नियमों में हुए लगातार बदलावों ने करदाताओं के बीच 'क्या करें और क्या न करें' की स्थिति पैदा कर दी है। केंद्रीय बजट 2026 से आम आदमी की सबसे बड़ी उम्मीद किसी भारी टैक्स कटौती से ज्यादा 'स्पष्टता' और 'स्थायित्व' की है। करदाता चाहते हैं कि सरकार एक ऐसी दीर्घकालिक नीति पेश करे जिससे हर साल निवेश की योजना बदलते रहने की जरूरत न पड़े।

                                                                          JANUARY 30, 2026 / 7:51 AM IST

                                                                          Budget 2026 Expectations Live: नई बनाम पुरानी टैक्स व्यवस्था, आपके लिए कौन सी है फायदे का सौदा?

                                                                          वेतनभोगी करदाताओं के लिए यह चुनना कि कौन सी व्यवस्था बेहतर है, उनकी आय और उनके द्वारा किए जाने वाले निवेश पर निर्भर करता है। वर्तमान नियमों के अनुसार, नई टैक्स व्यवस्था उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो निवेश के झंझट में नहीं पड़ना चाहते और कम कागजी कार्रवाई के साथ 'सीधा टैक्स लाभ' लेना चाहते हैं। वहीं, पुरानी टैक्स व्यवस्था आज भी उन करदाताओं की पहली पसंद है जो होम लोन, लाइफ इंश्योरेंस और पीपीएफ जैसे माध्यमों में भारी निवेश करते हैं।

                                                                            JANUARY 30, 2026 / 7:40 AM IST

                                                                            Budget 2026 Expectations Live: टैक्स रिफंड, शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर क्या हैं उम्मीदें?

                                                                            केंद्रीय बजट 2026 की तैयारी अपने अंतिम चरण में है, और इस बार 'आम आदमी' की नजरें केवल टैक्स स्लैब पर ही नहीं, बल्कि दैनिक जीवन से जुड़े बुनियादी सुधारों पर भी टिकी हैं। महंगाई और बढ़ती मेडिकल लागत के बीच, देश का मध्यम वर्ग सरकार से सरल प्रक्रिया और सस्ती सेवाओं की उम्मीद कर रहा है।

                                                                              JANUARY 30, 2026 / 7:33 AM IST

                                                                              Budget 2026 Expectations Live: भारी निवेश और होम लोन वालों के लिए पुरानी टैक्स व्यवस्था अब भी है 'पहली पसंद'

                                                                              बजट 2026 की चर्चाओं के बीच पुरानी टैक्स व्यवस्था उन करदाताओं के लिए आज भी प्रासंगिक बनी हुई है जो बचत और निवेश के जरिए अपनी टैक्स देनदारी कम करना चाहते हैं। जहां नई व्यवस्था 'कम टैक्स दर' का ऑफर करती है, वहीं पुरानी व्यवस्था 'कटौती और छूट' के जरिए टैक्स बचाने का मौका देती है। यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए फायदेमंद है जिन्होंने बड़े होम लोन ले रखे हैं या जो भविष्य के लिए लंबी अवधि का निवेश करते हैं।

                                                                                JANUARY 30, 2026 / 7:25 AM IST

                                                                                Budget 2026 Expectations Live

                                                                                मनीकंट्रोल के बजट स्पेशल लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है