Budget 2026 Expectations: टैक्स विशेषज्ञों ने आगामी बजट को लेकर सरकार को सलाह दी है कि ज्यादा पैसों वाले व्यक्तियों पर इनकम टैक्स सरचार्ज में बढ़ोतरी न की जाए और न ही वेल्थ टैक्स को दोबारा लागू किया जाए। विशेषज्ञों का तर्क है कि टैक्स के बोझ को बढ़ाने से उच्च आय वर्ग वाले व्यक्ति भारत छोड़कर कम टैक्स वाले देशों का रुख कर सकते हैं, जिससे देश से पूंजी का पलायन हो सकता है
Budget 2026 Expectations: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को अपना 9वां केंद्रीय बजट पेश करेंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल के बजट का मुख्य केंद्र कंजप्शन यानी 'खपत' को बढ़ावा देना होगा। सरकार टैक्स छूट और जीएसटी दरों को तर्कसंगत बनाकर आम जनता के हाथ में अधिक पैसा देने की योजना बना सकती है। बजट 2026 में राजकोषीय सहायता के साथ-साथ रक्षा, MSME और हरित ऊर्जा सुधारों पर विशे
Budget 2026 Expectations: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को अपना 9वां केंद्रीय बजट पेश करेंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल के बजट का मुख्य केंद्र कंजप्शन यानी 'खपत' को बढ़ावा देना होगा। सरकार टैक्स छूट और जीएसटी दरों को तर्कसंगत बनाकर आम जनता के हाथ में अधिक पैसा देने की योजना बना सकती है। बजट 2026 में राजकोषीय सहायता के साथ-साथ रक्षा, MSME और हरित ऊर्जा सुधारों पर विशेष जोर रहने की उम्मीद है।
रेलवे के बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण
ICRA रेटिंग्स के अनुसार, इस बार रेलवे के बजट आवंटन में 5% की वृद्धि देखी जा सकती है। विद्युतीकरण का काम लगभग पूरा होने के बाद, अब सरकार का ध्यान रेल नेटवर्क को आधुनिक बनाने और भीड़भाड़ कम करने पर होगा। इसके लिए नए रूट, गेज परिवर्तन, पटरियों का दोहरीकरण और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) जैसे प्रोजेक्ट्स पर क्षमता विस्तार किया जाएगा, जिससे रेल कनेक्टिविटी और बेहतर होगी।
पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PHDCCI) ने सुझाव दिया है कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) के लिए वित्त पोषण को आसान बनाया जाए और नियामक बोझ कम किया जाए। पिछले बजट (2025) में ₹12.75 लाख तक की आय को टैक्स फ्री करने और पहली बार उद्यमियों बनने वाली महिलाओं व SC-ST वर्ग के लिए ₹2 करोड़ तक के लोन जैसी योजनाओं ने आधार तैयार किया था। अब 2026 के बजट से उम्मीद है कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए और भी कड़े कदम उठाए जाएंगे।