Budget 2026 Expectations: संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होकर 2 अप्रैल तक दो चरणों में चलेगा, जिसकी शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण से होगी। 30 जनवरी को देश का आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा। पिछले बजट में मध्यम वर्ग को दी गई टैक्स राहत के बाद, इस साल सरकार का मुख्य ध्यान ग्रोथ-ड्राइविंग सेक्टर्स पर हो सकता है
Budget 2026 Expectations: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, रविवार को सुबह 11 बजे संसद में अपना लगातार नौवां बजट पेश करेंगी। यह स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार होगा जब बजट रविवार के दिन पेश किया जाएगा। संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होकर 2 अप्रैल तक दो चरणों में चलेगा, जिसकी शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण से होगी। 30 जनवरी को देश का आर्थिक सर्वेक्षण पेश कि
Budget 2026 Expectations: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, रविवार को सुबह 11 बजे संसद में अपना लगातार नौवां बजट पेश करेंगी। यह स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार होगा जब बजट रविवार के दिन पेश किया जाएगा। संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होकर 2 अप्रैल तक दो चरणों में चलेगा, जिसकी शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण से होगी। 30 जनवरी को देश का आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा। ऐसे में सभी के मन में ये सवाल उठ रहे हैं कि इस बार के बजट में क्या खास देखने को मिल सकता है।
रेलवे को लेकर सरकार कर सकती है बड़ी घोषणा!
पिछले बजट में मध्यम वर्ग को दी गई टैक्स राहत के बाद, इस साल सरकार का मुख्य ध्यान ग्रोथ-ड्राइविंग सेक्टर्स पर होगा। रेटिंग एजेंसी ICRA के अनुसार, रेलवे विद्युतीकरण का काम लगभग पूरा होने के बाद अब बजट में ट्रैक दोहरीकरण, गेज परिवर्तन और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) के विस्तार पर जोर दिया जाएगा ताकि माल ढुलाई की क्षमता बढ़ सके और भीड़भाड़ कम हो। इसके अलावा, लॉजिस्टिक्स और पावर सेक्टर के लिए मजबूत नीतिगत समर्थन की उम्मीद है, जिससे विनिर्माण लागत में कमी आएगी और भारत वैश्विक बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनेगा।
MSME और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का होगा लक्ष्य
PHD चैंबर ऑफ कॉमर्स के सुझावों के अनुसार, बजट 2026 में MSMEs के लिए वित्त तक आसान पहुंच और नियमों के बोझ को कम करने पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है। रक्षा क्षेत्र में 'मेक इन इंडिया' और PLI स्कीम के तहत स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए बड़े आवंटन की संभावना है। सरकार का लक्ष्य रक्षा निर्यात को बढ़ाना और आयात पर निर्भरता को कम करना है। साथ ही, सेमीकंडक्टर निर्माण और डेटा सेंटर्स जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए नई घोषणाएं की जा सकती हैं।
डिजिटल क्रांति के साथ होगा ग्रीन ट्रांजिशन
इस बार के रविवार को पेश होने वाले बजट में भारत के डिजिटल स्टैक को वैश्विक बनाने पर जोर रहेगा, जिसमें क्रॉस-बॉर्डर UPI और डिजिटल करेंसी (e-Rupee) की नई पहलें शामिल हो सकती हैं। साथ ही, ग्रीन ग्रोथ सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अधिक निवेश के माध्यम से बिजली की लागत कम करने और टिकाऊ विकास सुनिश्चित करने का रोडमैप तैयार किया जाएगा। हालांकि, वित्तीय घाटे को नियंत्रित रखने की चुनौती के कारण बड़ी टैक्स कटौतियों के बजाय लक्षित सहायता और नीतिगत स्थिरता पर अधिक जोर रहने की उम्मीद है।