Budget 2026 Expectations: बजट 2026 ऐसे समय में आ रहा है जब अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता में आने के बाद वैश्विक व्यापार नियमों और टैरिफ नीतियों में बड़े बदलाव की संभावना है। इसे देखते हुए, भारत का राजकोषीय रोडमैप घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने और आपूर्ति श्रृंखला को बाहरी झटकों से सुरक्षित करने पर केंद्रित रहने की उम्मीद है
Budget 2026 Expectations: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, रविवार को सुबह 11 बजे अपना लगातार 9वां बजट पेश करेंगी। इस बार मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों की नजरें इनकम टैक्स स्लैब में और सुधार पर टिकी हैं। पिछले बजट में ₹12 लाख तक की आय को प्रभावी रूप से टैक्स-फ्री करने के बाद, अब उम्मीद की जा रही है कि मानक कटौती की सीमा को ₹75,000 से बढ़ाकर ₹90,000 किया जा सकता है। इसके अलावा,
Budget 2026 Expectations: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, रविवार को सुबह 11 बजे अपना लगातार 9वां बजट पेश करेंगी। इस बार मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों की नजरें इनकम टैक्स स्लैब में और सुधार पर टिकी हैं। पिछले बजट में ₹12 लाख तक की आय को प्रभावी रूप से टैक्स-फ्री करने के बाद, अब उम्मीद की जा रही है कि मानक कटौती की सीमा को ₹75,000 से बढ़ाकर ₹90,000 किया जा सकता है। इसके अलावा, नई टैक्स व्यवस्था को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए होम लोन के ब्याज और स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर कुछ सीमित छूट देने की मांग भी जोर पकड़ रही है।
FMCG और MSME सेक्टर की उम्मीदें
FMCG सेक्टर इस बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए ठोस उपायों की उम्मीद कर रहा है। कंपनियों का मानना है कि 'जीएसटी 2.0' के तहत टैक्स ढांचे को और सरल बनाया जाना चाहिए, विशेष रूप से घर में इस्तेमाल होने वाली आवश्यक वस्तुओं (जैसे डिटर्जेंट और स्वच्छता उत्पाद) पर जीएसटी दर को 18% से घटाकर 5% करने की मांग की जा रही है। वहीं, MSME क्षेत्र के लिए कच्चे माल की बढ़ती कीमतों और लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने हेतु विशेष फंड और नीतिगत स्पष्टता की जरूरत है। विशेषज्ञों के अनुसार, बुनियादी ढांचे और ग्रामीण रोजगार योजनाओं (जैसे मनरेगा) पर अधिक खर्च से लोगों के हाथ में खर्च योग्य आय बढ़ेगी, जिससे बाजार में मांग को दोबारा गति मिलेगी।
वैश्विक अनिश्चितता के बीच कैसा होगा आर्थिक रोडमैप?
बजट 2026 ऐसे समय में आ रहा है जब अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता में आने के बाद वैश्विक व्यापार नियमों और टैरिफ नीतियों में बड़े बदलाव की संभावना है। इसे देखते हुए, भारत का राजकोषीय रोडमैप घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने और आपूर्ति श्रृंखला को बाहरी झटकों से सुरक्षित करने पर केंद्रित रहने की उम्मीद है। यह बजट न केवल अगले एक साल की दिशा तय करेगा, बल्कि 'विकसित भारत 2047' के दीर्घकालिक लक्ष्य की ओर एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। उद्योग जगत को उम्मीद है कि सरकार राजकोषीय अनुशासन बनाए रखते हुए पूंजीगत व्यय में निरंतरता रखेगी ताकि निजी निवेश के लिए अनुकूल माहौल बना रहे।