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Abhishek Gupta JANUARY 19, 2026 / 4:04 PM IST

Budget 2026 Expectations: बजट 2026 में राजकोषीय घाटा 4.3% रहने का अनुमान, वैश्विक चुनौतियों के बीच वित्त मंत्री रचेंगी इतिहास

Budget 2026 Expectations: इस बार के बजट में मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोग नई कर व्यवस्था के तहत ₹12 लाख तक की आय को टैक्स-फ्री करने और होम लोन व स्वास्थ्य बीमा पर कटौती की सीमा बढ़ाने जैसी बड़ी घोषणाओं की प्रतीक्षा कर रहे हैं। साथ ही निवेशक 'लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स' (LTCG) पर राहत की मांग कर रहे हैं

Budget 2026 Expectations: 1 फरवरी को निर्मला सीतारमण अपना लगातार 9वां बजट पेश कर इतिहास रचेंगी। वह एक ही प्रधानमंत्री के कार्यकाल में सबसे अधिक बजट पेश करने वाली पहली वित्त मंत्री बन जाएंगी और मोरारजी देसाई के 10 बजट के रिकॉर्ड के करीब पहुंच जाएंगी। इस बार बजट रविवार को पेश होना एक दुर्लभ संयोग है। इस बार के बजट में मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोग नई कर व्यवस्था के तहत ₹12 लाख तक की आ

बजट 2026 एक ऐसे समय में आ रहा है जब भारत को गंभीर वैश्विक अनिश्चितताओं का सामना करना पड़ रहा है
बजट 2026 एक ऐसे समय में आ रहा है जब भारत को गंभीर वैश्विक अनिश्चितताओं का सामना करना पड़ रहा है
JANUARY 19, 2026 / 4:04 PM IST

Budget 2026 Expectations Live: बजट से स्टार्टअप्स और फिनटेक के लिए बड़ी उम्मीदें

आगामी बजट 2026-27 के लिए फिनटेक और स्टार्टअप जगत ने सरकार से भविष्योन्मुखी नीतियों और परिचालन पारदर्शिता की मांग की है। WazirX के संस्थापक निश्चल शेट्टी के अनुसार, स्टार्टअप्स राष्ट्र निर्माण के महत्वपूर्ण साधन हैं, विशेष रूप से क्रिप्टो जैसे उभरते क्षेत्रों में स्पष्ट नीतिगत समर्थन की आवश्यकता है। वहीं, 'फेडरल कार्ड सर्विसेज' के सीईओ मैटियास गेन्जा युर्नेकियन ने डिजिटल भुगतान को बड़े पैमाने पर ले जाने के लिए स्थानीय उत्पादन और पीएलआई (PLI) योजना के निरंतर सहयोग को महत्वपूर्ण बताया है। ग्रामीण भारत की जरूरतों को रेखांकित करते हुए 'स्पाइस मनी' के सीईओ दिलीप मोदी ने कहा कि वित्तीय समावेशन को और गहरा करने के लिए ग्रामीण फिनटेक और नॉन-बैंक बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट्स को मजबूत करना अनिवार्य है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्पष्ट नियामक ढांचे और उन्नत विनिर्माण प्रोत्साहन से न केवल स्टार्टअप इकोसिस्टम बढ़ेगा, बल्कि भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।

    JANUARY 19, 2026 / 3:48 PM IST

    Budget 2026 Expectations Live: स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र की मांग, 'टैक्स छूट और लागत घटाने के लिए संरचनात्मक सुधारों पर जोर'

    आगामी केंद्रीय बजट 2026-27 के लिए स्वच्छ ऊर्जा और ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र ने सरकार से निवेश में स्थिरता लाने और उत्पादन लागत कम करने के लिए कड़े संरचनात्मक सुधारों की मांग की है। 'एवाडा ग्रुप'के संस्थापक और चेयरमैन विनीत मित्तल के अनुसार, भारत के हरित ईंधन और नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए टैक्स संबंधी विसंगतियों को दूर करना और लंबी अवधि की निवेश निश्चितता बनाना अनिवार्य है। उद्योग जगत ने विशेष रूप से नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लाभांश पर शून्य आयकर, एनर्जी स्टोरेज सेवाओं पर कम जीएसटी और आयातित उपकरणों पर शुल्क छूट की सिफारिश की है।

      JANUARY 19, 2026 / 3:23 PM IST

      Budget 2026 Expectations Live: सस्ता इंटरनेट और Gen-Z के कौशल विकास के लिए मिले विशेष बजट

      आगामी केंद्रीय बजट 2026-27 के लिए देश के युवाओं ने सस्ते इंटरनेट और न्यू-एज स्किल्स (Gen-Z Skills) पर विशेष ध्यान देने की मांग की है। 'Under25' के सीईओ जील गांधी के अनुसार, टियर-2 और टियर-3 शहरों में किफायती इंटरनेट की उपलब्धता 'क्रिएटर इकोनॉमी' को सशक्त बनाने और डिजिटल अवसरों तक समान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य है। इसके साथ ही, युवाओं ने डिजिटल साक्षरता से आगे बढ़कर रचनात्मक कौशल, प्रभावी संचार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों की आवश्यकता जताई है। विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा और कौशल विकास के पारंपरिक मॉडल के बजाय नए जमाने की तकनीक और Gen-Z केंद्रित कौशलों पर बजट का ध्यान रोजगार क्षमता को दीर्घकालिक स्थिरता प्रदान करेगा।

        JANUARY 19, 2026 / 2:46 PM IST

        Budget 2026 Expectations Live: अस्पतालों से आगे बढ़कर 'प्रिवेंटिव केयर' और कैंसर इंफ्रास्ट्रक्चर पर हो ध्यान

        आगामी केंद्रीय बजट 2026-27 के लिए हेल्थटेक क्षेत्र ने सरकार से आग्रह किया है कि वह अपना ध्यान केवल अस्पतालों और इलाज तक सीमित न रखकर निवारक स्वास्थ्य सेवा और कैंसर देखभाल के बुनियादी ढांचे पर केंद्रित करे। 'अदिवा' (Adivaa) की संस्थापक और सीईओ लावण्या शास्त्री के अनुसार, बदलती जीवनशैली, तनाव और खराब आदतों के कारण स्वास्थ्य समस्याएं कम उम्र में ही सामने आ रही हैं, जिसके लिए प्रारंभिक हस्तक्षेप और वेलनेस समाधानों को बढ़ावा देना अनिवार्य है। उद्योग जगत ने स्वास्थ्य-तकनीक और वेलनेस उत्पादों पर लगने वाले उच्च अप्रत्यक्ष करों को कम करने की मांग की है, ताकि ये समाधान आम परिवारों के लिए किफायती बन सकें। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रिवेंटिव हेल्थकेयर को बजट में प्राथमिकता देने से न केवल बीमारियों का बोझ कम होगा, बल्कि देश की दीर्घकालिक स्वास्थ्य प्रणाली भी मजबूत होगी।

          JANUARY 19, 2026 / 2:14 PM IST

          Budget 2026 Expectations Live: ई-कॉमर्स क्षेत्र की मांग- जटिल GST ढांचे को सरल बनाने और वर्किंग कैपिटल में सुधार पर जोर

          आगामी केंद्रीय बजट 2026-27 से पहले भारत के ई-कॉमर्स और डिजिटल व्यापार जगत ने सरकार से जटिल जीएसटी संरचना को सरल बनाने और अनुपालन संबंधी बाधाओं को दूर करने की मांग की है। 'Assiduus Global' की संस्थापक और सीईओ सोमदत्ता सिंह के अनुसार, ई-कॉमर्स निर्यात और एमएसएमई विकास का एक प्रमुख इंजन बनकर उभरा है, लेकिन कंपनियां अभी भी इनपुट-क्रेडिट के निपटान में देरी और दोहरे अनुपालन बोझ जैसी चुनौतियों से जूझ रही हैं। उद्योग जगत का तर्क है कि क्रेडिट चक्र को तेज और अधिक पूर्वानुमानित बनाने से कंपनियों के पास वर्किंग कैपिटल में सुधार होगा, जो विशेष रूप से सीमा पार व्यापार करने वाले ब्रांडों के लिए महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, ई-कॉमर्स क्षेत्र ने एआई-संचालित लॉजिस्टिक्स, आधुनिक वेयरहाउसिंग और टेक्नोलॉजी-आधारित सप्लाई चेन को 'रणनीतिक बुनियादी ढांचे' के रूप में मान्यता देने और डी2सी ब्रांडों के लिए वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने हेतु विशेष नीतिगत समर्थन की मांग की है।

            JANUARY 19, 2026 / 1:32 PM IST

            Budget 2026 Expectations Live: मेटल सेक्टर को इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार और 'ग्रीन ट्रांजिशन' के लिए बड़े प्रोत्साहन की उम्मीद

            आगामी केंद्रीय बजट 2026-27 से पहले भारत का मेटल सेक्टर सरकार से बुनियादी ढांचे के विकास और पर्यावरण के अनुकूल उत्पादन तकनीकों के लिए विशेष सहयोग की उम्मीद कर रहा है। 'एनलाइट मेटल्स' के सीईओ वेदांत गोयल के अनुसार, पिछले वर्षों में सड़कों, पुलों, सौर पार्कों और औद्योगिक गलियारों में हुए सरकारी निवेश ने कच्चे माल और घटकों के लिए एक मजबूत मांग पैदा की है। उद्योग जगत का मानना है कि पूंजीगत व्यय में निरंतर वृद्धि से न केवल बुनियादी ढांचा निर्माताओं को स्थिरता मिलेगी, बल्कि लंबी अवधि के अवसर भी पैदा होंगे। इसके अलावा, इस क्षेत्र ने उत्पादन लागत घटाने और 'सस्टेनेबल स्टील' को बढ़ावा देने के लिए हाइड्रोजन-आधारित स्टील निर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा और रियायती हरित वित्त जैसे क्षेत्रों में विशेष प्रोत्साहन और टैक्स छूट की मांग की है।

              JANUARY 19, 2026 / 1:05 PM IST

              Budget 2026 Expectations Live: घटाई जाए सोने-चांदी पर GST, ज्वेलरी उद्योग की डिमांड

              ऑल इंडिया जेम एंड ज्वेलरी डोमेस्टिक काउंसिल (GJC) ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को सौंपी अपनी बजट पूर्व सिफारिशों में जीएसटी युक्तिकरण को प्रमुख मुद्दा बनाया है। काउंसिल ने सोने और चांदी के आभूषणों पर वर्तमान 3% जीएसटी को घटाकर 1.25% या एकसमान 1.5% करने का आग्रह किया है। उद्योग का तर्क है कि टैक्स में इस कटौती से महंगाई के दबाव को कम करने और मध्यम आय वाले तथा ग्रामीण बाजारों में आभूषणों की मांग को पुनर्जीवित करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही, परिषद ने एमएसएमई ज्वैलर्स के लिए आसान ऋण सुविधाओं और व्यापारिक बाधाओं को दूर करने के लिए नीतिगत समर्थन की भी मांग की है, ताकि यह असंगठित क्षेत्र अधिक पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बन सके।

                JANUARY 19, 2026 / 12:26 PM IST

                Budget 2026 Expectations Live: बुनियादी ढांचे और कैपेक्स में भारी उछाल की उम्मीद

                आगामी केंद्रीय बजट 2026-27 में बुनियादी ढांचे पर खर्च सरकार की आर्थिक रणनीति का मुख्य केंद्र बना रहने वाला है। रेटिंग एजेंसी CRISIL Intelligence के अनुसार, भारत को अपनी विकास दर बनाए रखने के लिए इस साल लगभग ₹12 लाख करोड़ के पूंजीगत व्यय की आवश्यकता है। पिछले पांच वर्षों में सरकार ने सड़क, रेलवे और लॉजिस्टिक्स को अर्थव्यवस्था का इंजन माना है, जिससे सार्वजनिक निवेश में लगातार वृद्धि हुई है।

                  JANUARY 19, 2026 / 11:49 AM IST

                  Budget 2026 Expectations Live: रक्षा विनिर्माण को 'स्केल-अप' फेज से आगे ले जाने के लिए ठोस नीतिगत समर्थन की आवश्यकता

                  विशेषज्ञों का मानना है कि भारत का रक्षा विनिर्माण क्षेत्र अब एक ऐसे महत्वपूर्ण मोड़ पर है, जहां केवल क्षमता निर्माण काफी नहीं है, बल्कि इस इकोसिस्टम को बड़े पैमाने पर उत्पादन और वैश्विक निर्यात के लिए निरंतर नीतिगत समर्थन की आवश्यकता है। सबसे संवेदनशील चरण शुरुआती उत्पादन से बड़े पैमाने पर तैनाती की ओर बढ़ना है, जहां बढ़ती लागत, लंबी समय सीमा और अनुपालन की चुनौतियां अक्सर विकास की गति को धीमा कर देती हैं। उद्योग जगत ने बजट 2026 में लंबी अवधि के पूंजीगत निवेश, गुणवत्ता मानकों में सुधार और बिक्री के बाद समर्थन के लिए विशेष फंड की मांग की है। इसके अतिरिक्त, भारतीय रक्षा निर्यात को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए वैश्विक प्रमाणपत्रों, नियामक अनुपालन और लाइफ-साइकिल सपोर्ट में अग्रिम निवेश की अनिवार्यता पर जोर दिया गया है।

                    JANUARY 19, 2026 / 11:15 AM IST

                    Budget 2026 Expectations Live: डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षक प्रशिक्षण के लिए भारी निवेश की मांग

                    देश के प्रमुख शिक्षाविदों और संस्थानों ने आगामी केंद्रीय बजट 2026-27 में स्कूलों, डिजिटल बुनियादी ढांचे और शिक्षकों के कौशल विकास के लिए आवंटन बढ़ाने की पुरजोर मांग की है। ग्रीनवुड हाई इंटरनेशनल स्कूल की प्रबंध ट्रस्टी नीरू अग्रवाल के अनुसार, केवल नीतिगत महत्वाकांक्षा से काम नहीं चलेगा। जब तक निरंतर फंडिंग सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक लर्निंग गैप को कम करना और कार्यबल को भविष्य के लिए तैयार करना मुश्किल होगा। शिक्षा जगत ने विशेष रूप से सरकारी स्कूलों और ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक क्लासरूम, तकनीक-साक्षर स्नातकों की मांग को पूरा करने के लिए 'पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप' (PPP) मॉडल को बढ़ावा देने का सुझाव दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा राष्ट्र की प्रगति की आधारशिला है, और यह बजट एक गतिशील व भविष्य के लिए तैयार शिक्षा प्रणाली बनाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।

                      JANUARY 19, 2026 / 10:41 AM IST

                      Budget 2026 Expectations Live: सभी फसलों के लिए 'कानूनी MSP' की मांग, किसानों ने निवेश बढ़ाने पर दिया जोर

                      आगामी केंद्रीय बजट 2026-27 से पहले किसान संगठनों ने अपनी पुरानी मांग को फिर से दोहराया है, जिसमें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के दायरे में सभी कृषि फसलों को लाने और इसे कानूनी दर्जा देने की बात कही गई है। भारतीय किसान यूनियन (BKU) के राष्ट्रीय महासचिव चौधरी युद्धवीर सिंह के अनुसार, किसानों की आय सुनिश्चित करने के लिए सभी फसलों को एमएसपी सुरक्षा कवच देना अनिवार्य है। वर्तमान में सरकार केवल 22 फसलों (14 खरीफ, 6 रबी और 2 व्यावसायिक) के लिए एमएसपी तय करती है, जबकि गन्ने के लिए एफआरपी (FRP) की व्यवस्था है। इसके अतिरिक्त, किसान संगठनों ने कृषि क्षेत्र में बुनियादी ढांचे, सिंचाई और भंडारण सुविधाओं के लिए बड़े बजटीय निवेश की मांग की है, ताकि किसानों की उपज की बर्बादी कम हो और उन्हें उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल सके।

                        JANUARY 19, 2026 / 10:21 AM IST

                        Budget 2026 Expectations Live: ड्राई फ्रूट्स उद्योग की मांग- अल्पकालिक उपायों के बजाय घरेलू प्रसंस्करण और बुनियादी ढांचे पर हो फोकस

                        नट्स एंड ड्राई फ्रूट्स काउंसिल ऑफ इंडिया (NDFC) ने आगामी केंद्रीय बजट 2026-27 के लिए अपनी मांगों में घरेलू प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन को प्राथमिकता देने का आग्रह किया है। काउंसिल के अध्यक्ष गुंजन विजय जैन का कहना है कि उद्योग अब केवल अल्पकालिक व्यापारिक हस्तक्षेपों या आयात-निर्यात शुल्क में बदलाव पर निर्भर रहने के बजाय दीर्घकालिक क्षमता निर्माण चाहता है। इसके लिए बजट में विशेष प्रसंस्करण क्लस्टर, आधुनिक भंडारण और पैकेजिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए लक्षित आवंटन की मांग की गई है। साथ ही, उद्योग ने एमएसएमई क्षेत्र के लिए दीर्घकालिक ऋण तक आसान पहुंच और ड्राई फ्रूट्स पर जीएसटी की दर को 18% से घटाकर 5% करने का प्रस्ताव भी रखा है, ताकि भारतीय उत्पाद वैश्विक बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकें और देश आयात पर अपनी निर्भरता कम कर सके।

                          JANUARY 19, 2026 / 9:55 AM IST

                          Budget 2026 Expectations Live: आत्मनिर्भर भारत और आधुनिकीकरण पर जोर

                          आगामी केंद्रीय बजट 2026 में रक्षा क्षेत्र के लिए एक बार फिर रिकॉर्ड आवंटन की उम्मीद है। पिछले पांच वर्षों में भारत ने न केवल अपनी सीमाओं की सुरक्षा बल्कि 'मेक इन इंडिया' के तहत रक्षा उपकरणों के स्वदेशीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते वैश्विक तनाव और पड़ोसी सीमाओं पर चुनौतियों को देखते हुए इस साल रक्षा बजट में 9% से 10% की वृद्धि की जा सकती है, जिससे यह ₹7.4 लाख करोड़ के पार पहुंच सकता है।

                            JANUARY 19, 2026 / 9:45 AM IST

                            Budget 2026 Expectations Live: ट्रांजैक्शन टैक्स में बढ़ोतरी न करने की मांग

                            बाजार विशेषज्ञों और निवेशकों ने आगामी केंद्रीय बजट 2026-27 के लिए सरकार से पूंजी बाजार करों को तर्कसंगत बनाने की पुरजोर वकालत की है। उनकी मुख्य मांग है कि इक्विटी पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) की कर-मुक्त सीमा को वर्तमान ₹1.25 लाख से बढ़ाकर ₹2 लाख किया जाए, ताकि खुदरा निवेशकों को राहत मिल सके। साथ ही, उद्योग जगत ने सरकार से प्रतिभूति लेनदेन कर (STT) में किसी भी तरह की और वृद्धि न करने का आग्रह किया है, क्योंकि पिछले बजट में हुई बढ़ोतरी से ट्रेडिंग लागत काफी बढ़ गई है। जेएम फाइनेंशियल जैसे संस्थानों ने सभी परिसंपत्ति वर्गों (इक्विटी, डेट, सोना) के लिए 'लॉन्ग टर्म' की परिभाषा को एक समान 12 महीने करने और पूंजीगत हानि को अन्य आय के साथ सेट-ऑफ करने की अनुमति देने का भी सुझाव दिया है, जिससे कर व्यवस्था अधिक सरल और निवेश-अनुकूल बन सके।

                              JANUARY 19, 2026 / 9:34 AM IST

                              Budget 2026 Expectations Live: बजट से शेयर बाजार निवेशकों को राहत की उम्मीद, LTCG छूट सीमा ₹2 लाख करने की मांग

                              इन्वेस्टमेंट फर्म जेएम फाइनेंशियल ने आगामी बजट 2026-27 के लिए सरकार को सुझाव दिया है कि इक्विटी पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) की कर-मुक्त सीमा को वर्तमान ₹1.25 लाख से बढ़ाकर ₹2 लाख किया जाए। फर्म का मानना है कि इससे खुदरा निवेशकों को प्रोत्साहन मिलेगा और पूंजी बाजार में भागीदारी बढ़ेगी। इसके अतिरिक्त, कर नियमों को सरल बनाने के लिए सभी परिसंपत्ति वर्गों (Asset Classes) के लिए 'लॉन्ग टर्म' की परिभाषा को एक समान 12 महीने करने का प्रस्ताव भी दिया गया है। बाजार विशेषज्ञ उम्मीद कर रहे हैं कि वित्त मंत्री इन बदलावों के जरिए निवेशकों के कर बोझ को कम कर निवेश के माहौल को और अधिक अनुकूल बनाएंगी।