वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि शहरों को ग्रोथ कॉरिडोर्स से जोड़ने के लिए 7 हाई स्पीड रेल कॉरिडोर्स बनेगें। इससे देश की इकोनॉमी की ग्रोथ को बढ़ावा मिलेगा। ये कॉरिडोर मुंबई से पुणे, पुणे से हैदराबाद, हैदराबाद से बेंगलुरुा, हैदराबाद से चेन्नई, चेन्नई से बेंगलुरु, दिल्ली से वाराणसी और वाराणसी से सिलीगुड़ी के बीच बनेंगे।
मोदी सरकार ने 2014-25 के बीच 34,428 किलोमीटर रेल लाइनों का निर्माण किया है। इसका मतलब है कि प्रति दिन 8.57 किलोमीटर लाइन का निर्माण हुआ। यह 2009 से 2014 के बीच रोजाना 4.2 किलोमीटर रेल लाइन निर्माण का दोगुना है।
1 अप्रैल और 30 नवंबर 2025 के बीच इंडियन रेलवे ने 900 किलोमीटर नई रेल लाइन बिछाने का काम किया। नई लाइनें बिछाने के अलावा सरकार का फोकस सुरक्षित ट्रैवल पर रहा।