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अप्रैल-सितंबर छमाही में केंद्र का राजकोषीय घाटा रहा ₹714413 करोड़, लक्ष्य के 42.1% पर पहुंचा

पिछले वर्ष की अप्रैल-सितंबर अवधि में राजकोषीय घाटा 2025-26 के बजट अनुमान का 36.5 प्रतिशत था। सितंबर महीने में केंद्र सरकार का शुद्ध टैक्स रेवेन्यू 12.76 लाख करोड़ रुपये रहा। कुल खर्च करीब 25.5 लाख करोड़ रुपये रहा

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Oct 31, 2026 पर 1:22 PM
अप्रैल-सितंबर छमाही में केंद्र का राजकोषीय घाटा रहा ₹714413 करोड़, लक्ष्य के 42.1% पर पहुंचा
सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य GDP का 4.3 प्रतिशत रखा है।

चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर 2026) में केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा पूरे साल के बजट लक्ष्य का 42.1 प्रतिशत रहा। शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली। कंट्रोलर जनरल ऑफ अकाउंट्स (CGA) के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर 2026 के अंत तक राजकोषीय घाटा (खर्च और रेवेन्यू के बीच का अंतर) 7,14,413 करोड़ रुपये रहा।

पिछले वर्ष की समान अवधि में राजकोषीय घाटा 2025-26 के बजट अनुमान (BE) का 36.5 प्रतिशत था। केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 4.3 प्रतिशत या 16.96 लाख करोड़ रुपये रखा है।

टैक्स रेवेन्यू और खर्च कितना

CGA के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर महीने में केंद्र सरकार का शुद्ध टैक्स रेवेन्यू चालू वित्त वर्ष के बजट अनुमान का 44.5 प्रतिशत या 12.76 लाख करोड़ रुपये रहा। पिछले साल की समान अवधि में यह 43.3 प्रतिशत था। मासिक लेखा आंकड़ों के अनुसार, कुल खर्च करीब 25.5 लाख करोड़ रुपये रहा। यह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा फरवरी में संसद में पेश किए गए वित्त वर्ष 2026-27 के बजट अनुमान का 47.7 प्रतिशत है।

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