Federal Reserve Meeting: आज देर रात (भारत में) अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व अपनी मॉनेटरी पॉलिसी पेश करेगा। यह फेड के नए चेयरमैन केविन वॉर्श की पहली पॉलिसी होगी। यह पॉलिसी ऐसे वक्त आ रही है, जब अमेरिका सहित दुनियाभर में महंगाई बढ़ने का खतरा है। इसका असर केंद्रीय बैंकों पर पड़ा है। केंद्रीय बैंक की प्राथमिकता महंगाई को बढ़ने से रोकने पर होगी। भारतीय समय के मुताबिक आज रात 11:30 फेड अपनी पॉलिसी पेश करेगा।
इंटरेस्ट रेट अपरिवर्तित रख सकता है फेड
एक्सपर्ट्स का कहना है कि केविन वॉर्श के आज की बैठक में इंटरेस्ट रेट बढ़ाने की उम्मीद नहीं है। लेकिन, इकोनॉमी के बारे में उनकी कमेंट्री पर नजरें लगी हैं। वह महंगाई के खतरे को किस तरह से देखते हैं, यह दुनिया जानना चाहेगी। इस महीने की शुरुआत में भारत में आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी आई थी। केंद्रीय बैंक ने इसमें महंगाई का अनुमान बढ़ा दिया था।
साढ़े तीन महीनों में बदली दुनिया की आर्थिक तस्वीर
बीते साढ़े तीन महीनों में वैश्विक अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदल गई है। इस साल की शुरुआत में इंटरेस्ट रेट में कमी का अनुमान जताया जा रहा था। भारत में भी माना जा रहा था कि ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए आरबीआई इंटरेस्ट रेट में कमी कर सकता है। केंद्रीय बैंकों के पास ऐसा करने की गुंजाइश थी, क्योंकि महंगाई कमोबेश काबू में था। लेकिन, पिछले कुछ महीनों के डेटा बता रहे हैं कि महंगाई एक बार फिर विकराल रूप धारण कर सकती है।
आगे सख्त पॉलिसी का संकेत दे सकते हैं वॉर्श
जानकारों का कहना है कि केविन वॉर्श बेंचमार्क इंटरेस्ट रेट को 3.6 फीसदी पर अपरिवर्तित रख सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो यह फेड की चौथी पॉलिसी होगी, जिसमें इंटरेस्ट रेट को छेड़ा नहीं जाएगा। लेकिन, क्या अगस्त की पॉलिसी को लेकर वॉर्श किसी तरह का संकेत देंगे? उन्हें सख्त रुख वाला चेयरमैन माना जाता है। ऐसे में इस बात की उम्मीद कम है कि वह इस बारे में स्पष्ट रूप से कुछ कहेंगे। इसके उलट वह पॉलिसी में सख्ती का संकेत दे सकते हैं।
फेड की पॉलिसी का असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा
फेडरल रिजर्व की आज की पॉलिसी का असर भारत सहित दुनियाभर की इकोनॉमीज पर पड़ेगा। इसका सबसे ज्यादा असर कैपिटल फ्लो पर पड़ेगा। बॉन्ड यील्ड, डॉलर इंडेक्स और मार्केट सेंटिमेंट पर भी इसका असर पड़ेगा। अगर वह आगे सख्त पॉलिसी का संकेत देते हैं तो इससे गोल्ड में बड़ी गिरावट आ सकती है। पहले से ही सोना दबाव में है। सख्त मौद्रिक नीति का असर डॉलर पर पड़ सकता है। इससे भारत सहित उभरते बाजारों पर दबाव बढ़ सकता है।
आरबीआई की नजरें भी फेड की पॉलिसी पर होंगी
जानकारों का कहना है कि फेड की पॉलिसी का असर भारत में आरबीआई पर भी पड़ेगा। आरबीआई यह स्पष्ट कर चुका है कि कमोडिटी खासकर क्रूड की बढ़ती कीमतों की वजह से महंगाई में इजाफा हो सकता है। महंगाई बढ़ने पर इंटरेस्ट रेट में कमी की जगह वृद्धि दिख सकती है। आरबीआई नहीं चाहता है कि महंगाई इकोनॉमी की ग्रोथ के लिए खतरा बन जाए। ऐसे में वह फेडरल रिजर्व के पीछे-पीछे चलने की कोशिश कर सकता है।