भारतीय अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष 2025-26 में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन करते हुए 7.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। लेकिन अर्थशास्त्रियों को डर है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष, ऊर्जा की ऊंची कीमतों और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण चालू वित्त वर्ष 2026-27 में वृद्धि दर धीमी पड़ सकती है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) की तरफ से शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में देश की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) ग्रोथ रेट 7.8 प्रतिशत रही। अक्टूबर-दिसंबर 2025 तिमाही में यह 8 प्रतिशत थी।
