RBI Monetary Policy : रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया ने 5 जून को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए CPI महंगाई दर (रिटेल महंगाई) 5.1 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने द्वि-मासिक पॉलिसी समीक्षा बैठक के बाद यह जानकारी दी। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि रेट तय करने वाली कमिटी ने कोर महंगाई का अनुमान 4.7% पर बनाए रखने का फैसला किया है। उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल महंगाई का दबाव कम बना हुआ है।
महंगाई के अनुमान पर एक नजर
RBI के ताजा अनुमानों के मुताबिक वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में CPI महंगाई दर 4.2 प्रतिशत,दूसरी तिमाही में 5.1 प्रतिशत,तीसरी तिमाही में 5.9 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 5.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
कीमती धातुओं को छोड़कर,कोर महंगाई दर कम रहने का अनुमान
आरबीआई का कहना है कि कीमती धातुओं को छोड़कर,कोर महंगाई दर कम रहने का अनुमान है। इससे पता चलता है कि मांग का दबाव नियंत्रण में है। ग्लोबल सप्लाई चेन में बाधा और मॉनसून के समय और जगह के हिसाब से वितरण को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण इन अनुमानों में बढ़ोतरी का जोखिम बना हुआ है। हालांकि,अनाज का पर्याप्त स्टॉक और जलाशयों में संतोषजनक जल स्तर कुछ राहत की बात है। सेंट्रल बैंक ने बैंकिंग सिस्टम में पर्याप्त लिक्विडिटी सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय रूप से स्थायी और अस्थायी लिक्विडिटी उपाय किए हैं। बताते चलें कि सेंट्रल बैंक ने रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखा है और अपना रुख न्यू्ट्रल बनाए रखा है।
पेट्रोल की रिटेल कीमतों में 7.4 प्रतिशत और डीजल की कीमतों में 8.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी
गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि पेट्रोल की रिटेल कीमतों में 7.4 प्रतिशत और डीजल की कीमतों में 8.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इस बढ़ोतरी का हेडलाइन महंगाई पर लगभग 36 बेसिस पॉइंट का सीधा असर पड़ने की उम्मीद है। साथ ही आने वाले महीनों में कंज्यूमर कीमतों पर इसके अतिरिक्त 'सेकंड-ऑर्डर' असर भी पड़ सकते हैं।
रिटेल महंगाई में और बढ़त का जोखिम कायम
उन्होंने आगे कहा कि दुनिया भर में एनर्जी की बढ़ती कीमतों का असर कई अन्य इनपुट जैसे कमर्शियल LPG, इंडस्ट्रियल रॉ मटीरियल,केमिकल,रबर और प्लास्टिक के उत्पादों पर भी दिख रहा है। इनपुट लागत बढ़ने से आगे रिटेल महंगाई में और बढ़त देखने को मिल सकती है।