जून में देश के 8 बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर 1.7 प्रतिशत दर्ज की गई। यह 3 महीने का हाई है। इन 8 इंडस्ट्रीज को देश का कोर सेक्टर भी कहा जाता है। मई में कोर सेक्टर की ग्रोथ 1.2 प्रतिशत रही थी। कोर सेक्टर में बिजली, स्टील, रिफाइनरी प्रोडक्ट्स, कच्चा तेल, कोयला, सीमेंट, प्राकृतिक गैस और फर्टिलाइजर इंडस्ट्री आती है।
कोर सेक्टर, देश के औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) में 40 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखता है। इसलिए देश की आर्थिक रफ्तार को मापने के लिए इन 8 इंडस्ट्रीज की ग्रोथ काफी मायने रखती है।सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, फर्टिलाइजर और बिजली के उत्पादन में जून में गिरावट आई।
कोयले के उत्पादन में जून में 6.8 प्रतिशत, जबकि कच्चे तेल के उत्पादन में 1.2 प्रतिशत की गिरावट आई। प्राकृतिक गैस का उत्पादन 2.8 प्रतिशत और फर्टिलाइजर का 1.2 प्रतिशत गिरा। जून में बिजली उत्पादन में सालाना आधार पर 2.8 प्रतिशत की गिरावट आई। वहीं रिफाइनरी प्रोडक्ट के उत्पादन में 3.4 प्रतिशत, स्टील में 9.3 प्रतिशत और सीमेंट में 9.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
अप्रैल-जून तिमाही में सुस्त रही ग्रोथ
हालांकि, पूरी अप्रैल-जून तिमाही की बात करें तो कोर सेक्टर की ग्रोथ रेट सुस्त रही। जून 2025 तिमाही में उत्पादन केवल 1.3 प्रतिशत बढ़ा, जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में उत्पादन 6.2 प्रतिशत की दर से बढ़ा था।