देश में औद्योगिक उत्पादन के मोर्चे पर अच्छी खबर आई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस साल मार्च में इसकी ग्रोथ में मंथली बेसिस पर सुधार हुआ और बढ़ोतरी 3 प्रतिशत की रही। औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि इस साल फरवरी में सुस्त पड़कर 2.7 प्रतिशत रही थी। सरकार ने फरवरी 2025 के लिए औद्योगिक विकास दर के आंकड़े को संशोधित कर 2.7 प्रतिशत कर दिया है। शुरुआत में जारी अनुमान 2.9 प्रतिशत का था।
हालांकि मार्च 2025 का औद्योगिक उत्पादन एक साल पहले इसी महीने में देखी गई ग्रोथ 5.5 प्रतिशत से कम है। वित्त वर्ष 2024-25 में IIP में 4 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो 4 साल का निचला स्तर है। इससे पिछले वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 5.9 प्रतिशत था। वित्त वर्ष 2020-21 में इसमें 8.4 प्रतिशत की गिरावट आई थी।
किस सेगमेंट में कितना बढ़ा उत्पादन
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के आंकड़ों के मुताबिक, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की उत्पादन वृद्धि मार्च 2025 में थोड़ी कम होकर 3 प्रतिशत रह गई। एक साल पहले इसी महीने में यह 5.9 प्रतिशत थी। खनन उत्पादन में वृद्धि सालाना आधार पर घटकर 0.4 प्रतिशत रह गई। एक साल पहले यह 1.3 प्रतिशत थी। बिजली उत्पादन भी मार्च 2025 में 6.3 प्रतिशत पर आ गया, जो एक साल पहले इसी अवधि में 8.6 प्रतिशत था।
कैपिटल गुड्स सेगमेंट में उत्पादन की ग्रोथ मार्च 2025 में घटकर 2.4 प्रतिशत हो गई, जो एक साल पहले इसी अवधि में 7 प्रतिशत थी। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स की ग्रोथ 6.6 प्रतिशत रही, जो मार्च 2024 में 9.5 प्रतिशत थी। आंकड़ों के मुताबिक, मार्च 2025 में कंज्यूमर नॉन ड्यूरेबल्स के उत्पादन में 4.7 प्रतिशत की कमी आई, जबकि एक साल पहले इसमें 5.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।
आंकड़ा जारी करने की तारीख में बदलाव
सरकार ने हाल ही में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) का आंकड़ा जारी करने की तारीख में बदलाव किया है। अब यह हर महीने की 28 तारीख को जारी किया जाएगा। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MOSPI) ने इस आंकड़े को जारी करने की समयसीमा 42 दिन से घटाकर 28 दिन कर दी है। सरकार ने एक बयान में कहा था, ‘‘अप्रैल 2025 से IIP का आंकड़ा संबंधित महीने के खत्म होने पर 28 दिन के अंदर यानि हर महीने की 28 तारीख को शाम 4 बजे जारी किया जाएगा। किसी विशेष महीने के लिए पहले IIP का क्विक एस्टिमेट जारी किया जाएगा, उसके बाद फाइनल एस्टिमेट जारी किया जाएगा।’’
IIP देश में इंडस्ट्रियल ग्रोथ के बारे में जानकारी देने वाला महत्वपूर्ण आंकड़ा है। इस बदलाव से पहले इसे संबंधित महीना खत्म होने के 42 दिनों बाद हर महीने की 12 तारीख को जारी किया जाता था। अगर 12 तारीख को छुट्टी हो तो इसे एक दिन पहले ही जारी कर दिया जाता है।