Consumer inflation for June : 14 जुलाई को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक भारत की खुदरा महंगाई जून में घटकर 77 महीने के निम्नतम स्तर 2.1 फीसदी पर आ गई है जो पिछले महीने 2.8 थी। रिटेल महंगाई में आई गिरावट में सबसे बड़ा योगदान खाने-पीने की चीजों की कीमतों में आई गिरावट का रहा है। खाने-पीने की चीजों की कीमतों में गिरावट थोक भाव के रुझान के अनुरूप ही रहा है, जो जून में लगभग दो सालों के सबसे निचले स्तर -0.13 फीसदी पर आ गया। जून में खाने-पीने की चीजों में और गिरावट आई है।
जून महीने में रिटेल खाद्य महंगाई 74 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गई है। यह अप्रैल 2019 के बाद पहली बार डिफ्लेशन के जोन में प्रवेश कर गई है। खाने-पीने की चीजों की कीमतों में गिरावट में सबसे ज्यादा योगदान देने वाली चीज़ों में सब्ज़ियां शामिल हैं। सब्ज़ियां पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 19 फीसदी सस्ती हो गी है। इसके आलावा दान की रिटेल महंगाई में भी साल-दर-साल आधार पर 12 फीसदी की गिरावट आई। हालांकि तेल और फलों की ऊंची कीमतों ने महंगाई में आने वाली कमी को सीमित रखा है।
आज आए आंकड़ों के मुताबिक जून रिटेल महंगाई मई के 2.82 फीसदी से घटकर 2.10 फीसदी पर आई है। हालांकि इसके 2.30 फीसदी पर रहने का अनुमान किया गया था। जून खाद्य महंगाई मई के 0.99 फीसदी से घटकर -1.06 फीसदी पर रही है। वहीं, ग्रामीण महंगाई 2.59 फीसदी से घटकर 1.72 फीसदी पर रही है। शहरी महंगाई महीने दर महीने आधार पर 3.10 फीसदी से घटकर 2.56 फीसदी पर रही है। वहीं, जून में हाउसिंग महंगाई मई के 3.16 फीसदी से बढ़कर 3.24 फीसदी पर रही है।
जून में कपड़ा,जूता चप्पल की महंगाई घटकर 2.55 फीसदी पर रही है। जून में फ्यूल और बिजली की महंगाई मई के 2.78 फीसदी से घटकर 2.55 फीसदी पर रही है। जून में दालों की महंगाई मई के -8.22 फीसदी से घटकर -11.76 फीसदी पर ही है। जून में सब्जियों की रिटेल महंगाई मई के -13.70 से घटकर -19 फीसदी पर आ गई है। जून में रिटेल महंगाई दर जनवरी 2019 के निचले स्तर पर आ गई है।