S&P ने 19 साल बाद भारत की रेटिंग बढ़ाकर की 'BBB', आउटलुक रखा स्टेबल; इंडियन इकोनॉमी से क्या है उम्मीद

भारत की रेटिंग को निम्नतम निवेश स्तर 'BBB-' से अपग्रेड करने वाली S&P पहली ग्लोबल रेटिंग एजेंसी है। S&P ने यह भी कहा कि भारत, दुनिया की बेस्ट परफॉर्मिंग इकोनॉमीज में जगह बनाए हुए है। शॉर्ट टर्म रेटिंग को ‘A-3’ से बढ़ाकर ‘A-2’ कर दिया है

अपडेटेड Aug 15, 2025 पर 12:28 AM
S&P का मानना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था पर अमेरिकी टैरिफ का असर मैनेज किया जा सकने वाला होगा।

रेटिंग एजेंसी S&P ग्लोबल रेटिंग्स ने 19 साल बाद भारत की साख को अपग्रेड किया है। S&P ने देश की लॉन्ग टर्म सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग को 'BBB-' से एक पायदान बढ़ाकर 'BBB' कर दिया है। आउटलुक स्टेबल रखा है। इसके पीछे एजेंसी ने भारत के महंगाई पर अंकुश लगाने वाले बेहतर मौद्रिक नीति उपायों, फिस्कल कंसोलिडेशन के लिए राजनीतिक प्रतिबद्धता और मजबूत आर्थिक वृद्धि का हवाला दिया है। 15 अगस्त को देश के 79वें स्वतंत्रता दिवस से पहले S&P का यह अपग्रेड इंडियन इकोनॉमी के लिए वाकई एक बड़ा तोहफा है।

भारत की रेटिंग को निम्नतम निवेश स्तर 'BBB-' से अपग्रेड करने वाली S&P पहली ग्लोबल रेटिंग एजेंसी है। इसने भारत के लिए शॉर्ट टर्म रेटिंग को ‘ए-3’ से बढ़ाकर ‘ए-2’ कर दिया है। साख में सुधार से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारतीय कंपनियों के लिए कर्ज की लागत में कमी आएगी। S&P ने जनवरी 2007 में भारत को ‘BBB-’ रेटिंग दी थी। ‘BBB’ रेटिंग, किसी देश की अपने कर्जों को आसानी से चुकाने की बेहतर क्षमता को बताती है।

S&P ने एक बयान में कहा, ‘‘भारत राजकोषीय मजबूती को वरीयता दे रहा है। यह मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के अभियान को बरकरार रखते हुए, स्थायी पब्लिक फाइनेंस प्रदान करने को लेकर सरकार की राजनीतिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।’’ यह भी कहा कि भारत, दुनिया की बेस्ट परफॉर्मिंग इकोनॉमीज में जगह बनाए हुए है। पिछले 5 से 6 सालों में सरकारी खर्च की क्वालिटी बेहतर हुई है।


अमेरिकी टैरिफ से ग्रोथ पर कोई बड़ा असर पड़ने का डर नहीं

S&P का मानना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था पर अमेरिकी टैरिफ का असर मैनेज किया जा सकने वाला होगा। भारत ट्रेड पर अपेक्षाकृत कम निर्भर है और इसकी लगभग 60 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि घरेलू खपत से आती है। बयान में कहा गया कि भले ही अमेरिका, भारत का सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है, लेकिन 50 प्रतिशत टैरिफ अगर लागू होता है तो इससे भारत की ग्रोथ पर कोई बड़ा असर पड़ने की आशंका नहीं है।

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अमेरिका जाने वाले भारतीय सामान पर 27 अगस्त से 50 प्रतिशत टैरिफ 

हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत की अर्थव्यवस्था को ‘डेड इकोनॉमी’ कहा था। लेकिन अब अमेरिका की S&P ने ही भारत की सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग बढ़ा दी है। अमेरिका जाने वाले भारतीय सामान पर 27 अगस्त से नए टैरिफ की दर 50 प्रतिशत होने वाली है। इस 50 प्रतिशत में से 25 प्रतिशत की दर 7 अगस्त से लागू हो चुकी है। एडिशनल 25 प्रतिशत टैरिफ 27 अगस्त से लागू होंगे।

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