भारत के साथ तनाव बढ़ने से पाकिस्तान की ग्रोथ पर पड़ेगा असर, विदेशी मुद्रा भंडार आ सकता है दबाव में: Moody's

भारत को लेकर मूडीज ने कहा कि भारत में मैक्रोइकोनॉमिक कंडीशंस स्थिर रहेंगी। भारत की आर्थिक गतिविधियों में कोई बड़ी बाधा पैदा होने के आसार नहीं दिखते। वर्ष 2024 में भारत के कुल निर्यात में पाकिस्तान की हिस्सेदारी 0.5 प्रतिशत से भी कम रही थी

अपडेटेड May 05, 2025 पर 5:32 PM
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी।

भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने से भारत में कोई बड़ी आर्थिक बाधा उत्पन्न नहीं होगी। लेकिन यह पाकिस्तान के लिए झटका होगा क्योंकि इससे उसका विदेशी मुद्रा भंडार दबाव में आ सकता है। साथ ही ग्रोथ रेट प्रभावित हो सकती है। रेटिंग एजेंसी मूडीज रेटिंग्स ने 'Escalating Pakistan-India tensions would weigh on Pakistan's growth' टाइटल से जारी एक रिपोर्ट में यह बात ही है। कहा गया कि मूडीज को भारत की आर्थिक गतिविधियों में कोई बड़ी बाधा पैदा होने के आसार नहीं दिखते, क्योंकि पाकिस्तान के साथ भारत के आर्थिक संबंध बहुत मामूली हैं। हालांकि, उच्च रक्षा खर्च संभावित रूप से भारत की वित्तीय ताकत पर भार डालेगा और इसके फिस्कल कंसोलिडेशन को धीमा कर देगा।

वर्ष 2024 में भारत के कुल निर्यात में पाकिस्तान की हिस्सेदारी 0.5 प्रतिशत से भी कम रही थी। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी। भारत ने पहलगाम में हुए नरसंहार के पीछे 3 पाकिस्तानी नागरिकों सहित 5 आतंकवादियों की पहचान की है और इस ​हमले के अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने का संकल्प किया है। इससे भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ गया है।

मैक्रोइकोनॉमिक स्टेबिलिटी हासिल करने की प्रगति पर पड़ेगा असर


मूडीज ने कहा, ‘‘भारत के साथ तनाव लगातार बढ़ने से पाकिस्तान की ग्रोथ पर असर पड़ेगा और सरकार के मौजूदा फिस्कल कंसोलिडेशन में बाधा आएगी। इससे मैक्रोइकोनॉमिक स्टेबिलिटी हासिल करने की पाकिस्तान की प्रगति बाधित होगी।’’ बता दें कि पाकिस्तान की मैक्रोइकोनॉमिक कंडीशंस में सुधार हो रहा है, ग्रोथ रेट धीरे-धीरे बढ़ रही है, महंगाई घट रही है और IMF प्रोग्राम में लगातार प्रगति के बीच विदेशी मुद्रा भंडार में भी बढ़ोतरी हो रही है।

मूडीज ने कहा, ‘‘तनाव लगातार बढ़ने से पाकिस्तान की एक्सटर्नल फाइनेंसिंग तक पहुंच बाधित हो सकती है और उसके विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव पड़ सकता है। यह फिलहाल अगले कुछ वर्षों के लिए उसके एक्सटर्नल डेट पेमेंट की जरूरतों को पूरा करने के लिए जरूरी स्तर से काफी कम है।’’ भारत को लेकर मूडीज ने कहा कि भारत में मैक्रोइकोनॉमिक कंडीशंस स्थिर रहेंगी। ये मजबूत पब्लिक इनवेस्टमेंट और स्वस्थ निजी खपत के बीच धीमी लेकिन अब भी उच्च स्तर की ग्रोथ से मजबूत होंगी।

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इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) का एग्जीक्यूटिव बोर्ड 9 मई को पाकिस्तानी अधिकारियों से मिलने वाला है, जिसमें जलवायु परिवर्तन लोन प्रोग्राम के तहत पाकिस्तान के लिए 1.3 अरब अमेरिकी डॉलर के नए फंडिंग अरेंजमेंट का मूल्यांकन किया जाएगा। बोर्ड मौजूदा 7 अरब अमेरिकी डॉलर के राहत पैकेज का भी मूल्यांकन करेगा। कहा जा रहा है कि भारत IMF सहित वैश्विक बहुपक्षीय एजेंसियों से पाकिस्तान को दिए गए फंड और कर्ज की फिर से जांच करने के लिए कहेगा।

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