CBSE 10 Board Exam Re-evaluation: 10वीं कक्षा के लिए री-इवैल्युएशन प्रक्रिया, 9 अगस्त तक कर सकेंगे स्कैन कॉपियों के लिए आवेदन

CBSE 10 Board Exam Re-evaluation: सीबीएसई बोर्ड ने 10वीं कक्षा के मुख्य और दूसरी बोर्ड परीक्षा के छात्रों के लिए री-इवैल्युएशन प्रक्रिया शुरू कर दी है। री-इवैल्युएशन प्रक्रिया के पहले चरण के तहत छात्र 9 अगस्त तक स्कैन कॉपी के लिए आवेदन कर सकते हैं। आइए जानें पूरा शेड्यूल

अपडेटेड Aug 06, 2026 पर 10:34 AM
री-इवैल्युएशन प्रक्रिया के पहले चरण के तहत छात्र 9 अगस्त तक स्कैन कॉपी के लिए आवेदन कर सकते हैं।

CBSE 10 Board Exam Re-evaluation: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से शैक्षिक सत्र 2025-26 में 10वीं कक्षा की परीक्षा में शामिल सभी छात्रों के लिए बड़ा और अहम अपडेट है। बोर्ड ने इस सत्र से दो बोर्ड परीक्षा व्यवस्था की शुरुआत की है, जिसके तहत मुख्य बोर्ड परीक्षा फरवरी-मार्च में आयोजित की गई थी और दूसरी बोर्ड परीक्षा मई में हुई थी। दोनों परीक्षाओं के शामिल छात्रों के लिए अब बोर्ड ने रिजल्ट घोषित होने के बाद वाली सुविधाएं शुरू करने की घोषणा की है। इसके तहत बोर्ड ने पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) प्रक्रिया शुरू कर दी है।

सीबीएसई बोर्ड ने कक्षा 10 मेन बोर्ड और सेकंड बोर्ड एग्जाम 2026 में शामिल जो छात्र अपने प्रदर्शन की समीक्षा करना चाहते हैं, वे अब अपनी चेक की हुई आंसर बुक की स्कैन कॉपी के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद अगर जरूरत हो तो मार्क्स का सत्यापन और री-इवैल्यूएशन भी होगा। बोर्ड ने 5 अगस्त को जारी एक नोटिस में कहा कि यह प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी होगी। छात्रों को मार्क्स के वेरिफिकेशन के लिए आवेदन करने या किसी भी उत्तर के री-इवैल्यूएशन के लिए अपील करने से पहले अपनी आंसर बुक की स्कैन कॉपी लेनी होगी। मेन बोर्ड एग्जाम के रिजल्ट 15 अप्रैल को घोषित किए गए थे, जबकि सेकंड बोर्ड के रिजल्ट 18 जुलाई को घोषित किए गए थे।

स्कैन की हुई आंसर बुक के लिए शुरू हुआ आवेदन

छात्र 5 अगस्त से 9 अगस्त तक अपनी मूल्यांकन की हुई उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी के लिए आवेदन कर सकते हैं। सीबीएसई ने छात्रों को सलाह दी है कि वे सत्यापन या री-इवैल्यूएशन के लिए अप्लाई करने का फैसला करने से पहले अपनी आंसर बुक को ध्यान से देख लें।

स्कैन की हुई कॉपी को रिव्यू करने के बाद, स्टूडेंट्स 16 अगस्त से 19 अगस्त तक मार्क्स के वेरिफिकेशन, री-इवैल्यूएशन या दोनों के लिए आवेदन कर सकते हैं।

अंकों के सत्यापन की फीस हर आंसर बुक के लिए 300 रुपये है, जबकि री-इवैल्यूएशन की फीस हर सवाल के लिए 100 रुपये है, जिसमें उसके सभी सब-पार्ट्स शामिल हैं। दोनों सर्विस चुनने वाले स्टूडेंट्स को हर प्रोसेस के लिए लागू फीस देनी होगी।


सत्यापन में क्या-क्या शामिल है?

सीबीएसई के मुताबिक, सत्यापन प्रक्रिया का मकसद यह चेक करना है कि कोई जवाब बिना चेक किए तो नहीं रह गया, मार्क्स जोड़ने में कोई गलती तो नहीं हुई, या फाइनल स्कोर में मार्क्स ट्रांसफर करते समय कोई गलती तो नहीं हुई।

अगर छात्र सत्यापन के बाद भी संतुष्ट नहीं हैं, तो वे खास सवालों के री-इवैल्यूएशन की अपील कर सकते हैं। बोर्ड ने साफ किया है कि सिर्फ कैंडिडेट के चुने हुए सवालों का ही रिव्यू किया जाएगा। बदले हुए मार्क्स - चाहे वे बढ़ें, घटें या वही रहें - उन्हें फाइनल माना जाएगा।

सीबीएसई ने छात्रों को यह भी याद दिलाया है कि सभी एप्लीकेशन तय तारीखों के अंदर ऑनलाइन जमा करने होंगे, क्योंकि ऑफलाइन रिक्वेस्ट एक्सेप्ट नहीं की जाएंगी।

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