CBSE 12th answer sheet mismatch: सीबीएसई बोर्ड से 12वीं कक्षा की परीक्षा देने वाले छात्र वेदांत श्रीवास्तव अपना रिजल्ट देखकर हैरत में थे। उन्हें अपने फिजिक्स के नंबरों पर यकीन नहीं हो रहा था। इसलिए जब सीबीएसई ने मूल्यांकन की हुई आंसर शीट की सीबीएसई 12वीं स्कैन कॉपी पाने के लिए आवेदन लेना शुरू किया, तो उन्होंने भी अप्लाई कर दिया। लेकिन, सीबीएसई की ओर से उपलब्ध कराई गई स्कैन आंसर शीट देखकर उनके होश उड़ गए। उन्होंने ने आरोप लगाया था कि फिजिक्स विषय में किसी दूसरे छात्र की आंसर शीट भेज दी गई।
वेदांत ने इस बाबत अपने एक्स हैंडल पर विस्तृत पोस्ट लिखा और अपने आरोप का समर्थन करते हुए अपनी हैंडराइटिंग के साथ प्राप्त स्कैन आंसर शीट की फोटा शेयर की। इस मामले ने काफी तूल पकड़ा और अब इसके बाद वेदांत का कॉपी बदलने का दावा सही सबित हुआ है। छात्र का दावा है कि सीबीएसई के अधिकारियों ने खुद संपर्क कर उसकी सही कॉपी भेजी है। इस घटना के खुलासे के बाद से बोर्ड की पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वेदांत की 23 मई की पोस्ट पर सोशल मीडिया पर काफी बहस हुई। काफी लोगों ने उनकी बात का समर्थन किया, तो ट्रोल करने वालों की भी कमी नहीं थी। ट्रोलर्स ने उन्हें पाकिस्तानी कहकर भी बुलाया।
सीबीएसई ने सोमवार रात को वेदांत को धन्यवाद देते हुए एक एक्स पोस्ट किया। बोर्ड की तरफ से लिखा गया, "डियर वेदांत, फिजिक्स आंसर शीट को लेकर जो आपकी चिंता थी उस पर हमारा ध्यान दिलाने के लिए धन्यवाद। समीक्षा के बाद मामले की जांच कर ली गई है और आपकी आंसर शीट की सही कॉपी आपके रजिस्टर्ड ईमेल पते पर भेज दी गई है। साथ ही, आवश्यकता अनुसार आपके परिणाम को अपडेट करने की प्रक्रिया भी की जा रही है। हम आपके धैर्य की सराहना करते हैं और आपको अपने निरंतर सहयोग का आश्वासन देते हैं।"
आगे क्या है वेदांत का प्लान?
सही कॉपी मिलने के बाद अब वेदांत का कहना है कि कॉपी में कई जगहों पर सही उत्तर होने के बावजूद अंक काटे गए हैं। इसलिए वह अब रीइवैल्युएशन के लिए आवेदन करेंगे। परिवार का कहना है कि यह सिर्फ उनके बेटे का मामला नहीं है, बल्कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने सीबीएसई से मांग की है कि बोर्ड को ओएसएम सिस्टम की पूरी तकनीकी जांच करानी चाहिए। साथ ही स्कैनिंग, टैगिंग और कॉपी अपलोड करने की प्रक्रिया का ऑडिट भी कराया जाना चाहिए।