CBSE Physics Answer Sheet Mismatch: 12वीं के छात्रों की थम नहीं रही मुश्किलें, री-इवैलुएशन में बोर्ड ने भेज दी किसी और की स्कैन आंसर शीट

CBSE Physics Answer Sheet Mismatch: सीबीएसई के 12वीं कक्षा के छात्रों की पेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब बोर्ड ने री-इवैलुएशन में एक छात्र को किसी और की फिजिक्स की स्कैन आंसर शीट थमा दी है। छात्र ने कॉपियों की अदला-बदली का दावा कर सीबीएसई से जांच की मांग की है

अपडेटेड May 25, 2026 पर 8:41 PM
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वेदांत नाम के छात्र ने सीबीएसई की ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (OSM) पर सवाल उठाए हैं।

CBSE Physics Answer Sheet Mismatch: सीबीएसई बोर्ड से 12वीं कक्षा की परीक्षा दे चुके छात्रों के लिए शैक्षिक वर्ष 2025-26 एक बुरे सपने की तरह हो गया है। सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 घोषित होने के बाद से छात्रों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पहले छात्रों को अपना रिजल्ट देख कर धक्का लगा। छात्रों की नाराजगी को देखते हुए बोर्ड ने री-इवैलुएशन प्रक्रिया शुरू की। लेकिन इसमें में छात्रों को निराशा हाथ लगी। बोर्ड का अधिकारिक पोर्टल पर आवेदन न कर पाने से छात्र दो दिनों तक परेशान रहे।

इसके बाद किसी तरह पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया आगे बढ़ी तो कभी छात्रों से गलत फीस वसूली जा रही है, तो कभी उन्हें धुंधली आंसर शीट दे मिल रही है। ताजा मामला एक ऐसे छात्र का है, जिसे उसकी स्कैन आंसर शीअ की जगह किसी और छात्र की फिजिक्स की उत्तर पुस्तिका थमा दी गई है। यह घटना वेदांत नाम के सीबीएसई 12वीं के छात्र के साथ हुई है, जिसे उसने सोशल मीडिया के जरिए साझा किया है। उसकी पोस्ट के वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है।

ओएसएम पर उठाए हैं गंभीर सवाल

वेदांत नाम के छात्र ने सीबीएसई की ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (OSM) पर सवाल उठाए हैं। फिजिक्स के पेपर में उम्मीद से बेहद कम नंबर मिलने के बाद वेदांत ने बोर्ड के नियमानुसार अपनी आंसर शीट की फोटोकॉपी के लिए आवेदन किया। उसे जो कॉपी मिली, उसे देखकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। छात्र और उसके परिवार का दावा है कि फिजिक्स की वह आंसर शीट वेदांत की है ही नहीं। वेदांत के माता-पिता, शिक्षकों और करीबियों ने फिजिक्स की कॉपी का मिलान इंग्लिश और कंप्यूटर साइंस की बोर्ड कॉपियों के साथ-साथ उसके नोट्स से किया तो लिखावट में जमीन-आसमान का अंतर मिला। आरोप है कि यह सिर्फ रीचेकिंग या कम नंबर देने की मानवीय भूल नहीं है, बल्कि सीबीएसई के ओएसएम की बहुत बड़ी तकनीकी खामी या कॉपियों की हेराफेरी का गंभीर मामला हो सकता है।


बोर्ड की लापरवाही से टूटा छात्र और उसका परिवार

छात्र का दावा है कि उसने परीक्षा के दौरान जो प्रश्न हल किए थे, वो इस कॉपी से गायब हैं या अलग तरीके से किए गए हैं। वेदांत ने सबूत के तौर पर अपनी इंग्लिश और कंप्यूटर साइंस की बोर्ड कॉपियां भी सामने रखीं, जिनकी हैंडराइटिंग आपस में हूबहू मेल खाती हैं, लेकिन फिजिक्स की कॉपी देखकर ऐसा लगता है जैसे वह किसी दूसरे छात्र की है। वेदांत का कहना है कि उसने इस परीक्षा के लिए अपनी नींद, सुकून, खुशियां और पूरा साल कुर्बान कर दिया था। इस बड़ी लापरवाही ने उसे और उसके परिवार को मानसिक रूप से तोड़कर रख दिया है।

सीबीएसई से छात्र ने की 4 मांगें

इस गंभीर संकट के बाद छात्र वेदांत और उसके अभिभावकों ने सीबीएसई बोर्ड से मांग की है कि बोर्ड तुरंत वेदांत की असली फिजिकल उत्तर पुस्तिका (हार्डकॉपी) का वेरिफिकेशन करे, ओएसएम की स्कैनिंग और टैगिंग प्रोसेस का टेक्निकल ऑडिट कराया जाए, कॉपियों के एक्सचेंज होने के एंगल की गहराई से जांच हो और छात्र की वास्तविक कॉपी को ढूंढकर उसका निष्पक्ष मूल्यांकन सुनिश्चित किया जाए।

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