CBSE से 12वीं कक्षा के छात्रों ने मार्क्स वेरिफिकेशन और री-इवैल्युएशन पोर्टल के आज से शुरू होने से राहत की सांस ली है। लेकिन छात्रों को सीबीएसई बोर्ड के पोर्टल पर आवेदन करने से पहले नए नियमों के बारे में जान लेना चाहिए। बोर्ड ने री-इवैल्युएशन पोर्टल पर वेरिफिकेशन के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए आवेदन करते समय आधार कार्ड प्रमाणीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। बता दें, आज से शुरू हुआ अंक सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन पोर्टल 06 जून 2026 तक खुला रहेगा।
शैक्षिक सत्र 2025-26 के 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम आने के बाद से छात्र लगातार एक के बाद एक दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। छात्रों को पहले तो अपने नंबर देख कर झटका लगा और चारों तरफ से ओएसएम के खिलाफ नाराजगी सामने आने लगी। इसके बाद सीबीएसई ने आनन-फानन में स्कैन आंसर शीट लेने की व्यवस्था की शुरुआत की और आवेदन का शुल्क काफी कम कर दिया। लेकिन छात्रों की परेशानियां यहां भी खत्म नहीं हुआ। स्कैन आंसर शीट लेने का पोर्टल काफी देर से खुला, पेमेंट गेटवे में दिक्कतें आई और कई छात्रों का तकनीकी दिक्कत की वजह से दोगुने से भी अधिक शुल्क कट गया। इतना ही नहीं कई छात्रों को स्कैन आंसर शीट में गड़बड़ियां मिलीं।
इतनी तकलीफें पार करने के बाद अब मार्क्स वेरिफिकेशन और री-इवैल्युएशन पोर्टल शुरू होने से छात्रों को अब कुछ राहत महसूस हो रही होगी। सीबीएसई द्वारा जारी एक आधिकारिक सूचना के अनुसार, पुनर्मूल्यांकन और उत्तर पुस्तिका की जांच के लिए ऑनलाइन पोर्टल 2 जून से शुरू हो गया है और यह 6 जून की रात तक खुला रहेगा। इस दौरान वे छात्र आवेदन कर सकते हैं, जिन्हें अपनी स्कैन की हुई उत्तर पुस्तिकाएं पहले से मिल चुकी हैं। छात्र अपनी कॉपी में किसी गलती की जांच करा सकते हैं और अगर वे अपने नंबर से संतुष्ट नहीं हैं, तो कुछ प्रश्नों के पुनर्मूल्यांकन के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। संशोधित प्रक्रिया के अंतर्गत, छात्रों को CBSE वेबसाइट पर अपने खातों के माध्यम से लॉग इन करना होगा और पोर्टल तक पहुंचने से पहले आधार सत्यापन पूरा करना होगा।
आधार वेरिफिकेशन जरूरी होगा