CBSE कराएगा 9वीं क्लास में ओपन बुक एग्जाम, जानें क्या होता है ये

इस योजना के तहत कक्षा 9 में ओपन-बुक एग्जाम को स्कूलों के इंटरनल असेसमेंट में जोड़ा जाएगा, जो साल में होने वाले तीन पेन-पेपर टेस्ट का हिस्सा होंगी। इसमें भाषा, मैथ्स, साइंस और सोशल साइंस जैसे सब्जेक्ट रहेंगे। ये फैसला दिसंबर 2023 में शुरू हुई पायलट स्टडी और शिक्षकों की सकारात्मक रिएक्शन के बाद लिया गया है

अपडेटेड Aug 10, 2025 पर 6:08 PM
सीबीएसई का ये फैसला एनसीएफएसई की सिफारिशों पर बेस्ड है

सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) 2026-27 सेशन से ओपन बुक असेसमेंट (OBA) लागू करने की योजना बना रहा है। ये ओपन बुक असेसमेंट कक्षा 9 के छात्रों के लिए लागू की जाएगी। इसे लागू करने का उद्देश्य रटने की बजाय सबजेक्ट को गहराई से समझने, एनालिसिस करने और क्रिटिकल सोच को बढ़ावा देना है। ये फैसला दिसंबर 2023 में शुरू हुई पायलट स्टडी और शिक्षकों की सकारात्मक रिएक्शन के बाद लिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सीबीएसई की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली शासी परिषद ने जून में हुई बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी। यह पहल नेशनल स्कुलेशन फ्रेमवर्क फॉर सोशल एजुकेशन (NCFSE) 2023 के अनुरूप है, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 पर बेस्ड है।

क्या है ये नियम


इस योजना के तहत कक्षा 9 में ओपन-बुक एग्जाम को स्कूलों के इंटरनल असेसमेंट में जोड़ा जाएगा, जो साल में होने वाले तीन पेन-पेपर टेस्ट का हिस्सा होंगी। इसमें भाषा, मैथ्स, साइंस और सोशल साइंस जैसे सब्जेक्ट रहेंगे। हालांकि यह नियम सभी के लिए अनिवार्य नहीं होगा, बल्कि उन स्कूलों के लिए एक मॉडल होगा जो इसे अपनाना चाहें। साथ ही, स्कूलों को इन एग्जाम को बेहतर तरीके से कराने के लिए जरूरी दिशानिर्देश भी दिए जाएंगे।

NEP 2020 पर है बेस्ड

सीबीएसई का यह फैसला एनसीएफएसई की सिफारिशों पर बेस्ड है, जिसका उद्देश्य रटने की बजाय योग्यता-आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना है। इसमें ओपन-बुक परीक्षा को ऐसा तरीका माना गया है, जो छात्रों की तथ्य याद करने की बजाय उन्हें समझने, लागू करने और विश्लेषण करने की क्षमता को परखे। इस प्रणाली में छात्र उत्तर लिखते समय किताबों, नोट्स और लाइब्रेरी की किताबों का उपयोग कर सकते हैं। यह पहल NEP 2020 के सिद्धांतों के अनुरूप है।

कब हुआ पायलट स्टडी

दिसंबर 2023 में CBSE ने कक्षा 9 से 12 तक ओपन-बुक परीक्षा शुरू करने के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट की मंजूरी दी थी। इसका उद्देश्य यह देखना था कि परीक्षा पूरी करने में कितना समय लगता है और इस बारे में छात्रों, शिक्षकों व स्कूल प्रबंधन की राय क्या है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस अध्ययन में ज्यादातर शिक्षकों ने ओपन-बुक परीक्षा के विचार का सपोर्ट किया।

क्यों बंद किया गया OTBA

CBSE ने ओपन-बुक परीक्षा का विचार पहले भी अपनाया था। 2014 में कक्षा 9 के लिए हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान जैसे विषयों में ओपन टेक्स्ट बेस्ड असेसमेंट (OTBA) शुरू हुआ था, जिसे बाद में कक्षा 11 में अर्थशास्त्र, जीव विज्ञान और भूगोल तक बढ़ाया गया। इसमें छात्रों को परीक्षा से चार महीने पहले रेफरेंस मटेरियल दी जाती थी। लेकिन 2017-18 में इसे बंद कर दिया गया, क्योंकि यह छात्रों की क्रिटिकल सोच में खास सुधार नहीं कर पाया।

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