CBSE New Rules: इस साल से बिना APAAR ID के नहीं होगा बोर्ड परीक्षा का पंजीकरण, इन विषयों की दो लेवेल पर होगी 10वीं की परीक्षा

CBSE New Rules: सीबीएसई बोर्ड ने शिक्षा प्रणाली को अधिक व्यवस्थित, डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए दो नए नियम लागू करने की घोषणा की है। इनके तहत, आगामी शैक्षिक वर्ष से बोर्ड परीक्षाओं के लिए छात्रों का पंजीकरण बिना अपार आईडी के नहीं किया जा सकेगा। आइए इसके बारे में विस्तार से जानें

अपडेटेड Feb 21, 2026 पर 6:04 PM
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शैक्षिक सत्र 2026-27 से, 9वीं कक्षा के छात्रों को दो स्तर, यानी स्टैंडर्ड और एडवांस्ड पर सब्जेक्ट पढ़ेंगे।

CBSE New Rules: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने पूरे शिक्षा तंत्र को डिजिटल, अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए नई शिक्षा नीति के तहत दो नए नियम लागू करने का फैसला किया है। इन नियमों के तहत अब बोर्ड परीक्षा के लिए पंजीकरण बिना APAAR (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री) ID के नहीं होगा और मैथ्स साइंस और सोशल साइंस की बोर्ड परीक्षाएं दो स्तरों पर करवाई जाएंगी। बोर्ड ने यह फैसला छात्रों और स्कूलों के लिए एक व्यवस्थित, डिजिटल और स्टूडेंट-फ्रेंडली एजुकेशन सिस्टम बनाने के मकसद से लिया है।

बोर्ड परीक्षा रजिस्ट्रेशन के लिए APAAR ID

अपार आई छात्रों की पूरी शैक्षिक यात्रा के लिए एक डिजिटल पहचान पत्र की तरह काम करेगी। इसके अंतर्गत हर छात्र का पूरा शैक्षिक डाटा यानी एकेडमिक रिकॉर्ड दर्ज होगा। सीबीएसई बोर्ड ने बताया है कि 2026-27 के शैक्षिक सत्र से, 9वीं से 12वीं कक्षा तक के छात्रों को पंजीकरण कराते समय और कैंडिडेट्स की लिस्ट भरते समय अपनी अपार आईडी देना अनिवार्य होगा। बिना अपार आईडी वाले छात्रों का पंजीकरण स्वीकार नहीं किया जाएगा। ताजा समीक्षा में यह भी बताया गया है कि शैक्षिक सत्र 2025-26 तक, 50% छात्रों के पास भी अपार आईडी नहीं थी।

राज्यों की अपार आईडी के मामले में स्थिति

बोर्ड के जारी किए गए डेटा से पता चलता है कि पश्चिम बंगाल में, 9वीं कक्षा के 10% छात्र और 11वीं कक्षा के 18% छात्रों के पास भी अपार आईडी नहीं है। इस मामले में हरियाणा की स्थिति थोड़ी बेहतर है। इस राज्य में 9वीं और 11वीं कक्षा के लगभग 54% छात्रों की आईडी पंजीकृत है। बोर्ड ने नियमों को लागू करने से पहले संबद्ध स्कूलों को मिलकर काम करने और रजिस्ट्रेशन नंबर में सुधार करने का निर्देश दिया है।

गुजरात और बिहार जैसे राज्यों में भी प्रतिशत कम रहा। गुजरात में कक्षा 9 के 27.59% और कक्षा 11 के 19.94% छात्रों ने आईडी बनवाई है। वहीं, बिहार में कक्षा 9 के 23.59% और कक्षा 11 के 26.01% छात्रों के पास अपार आईडी है। सीबीएसई ने कहा है कि जिन राज्यों में दिक्कतें आ रही हैं, वहां स्कूलों को विशेष सहयोग दिया जाएगा, ताकि अगले साल बेहतर परिणाम मिल सकें।


2028 से 10वीं कक्षा में होगा ये बदलाव

सीबीएसई बोर्ड साल 2028 से मैथ्स, साइंस और सोशल साइंस जैसे विषयों के लिए 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं दो स्तर पर आयोजित करेगा। शैक्षिक सत्र 2026-27 से, 9वीं कक्षा के छात्रों को दो स्तर, यानी स्टैंडर्ड और एडवांस्ड पर सब्जेक्ट पढ़ेंगे।

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