CBSE Re-evaluation: अब छात्रों को रुला रहा सीबीएसई का री-इवैल्यूएशन पोर्टल, बोर्ड ने माना हैक हुआ था ओएसएम पोर्टल

CBSE Re-evaluation: स्‍कैन आंसर शीट की गड़बड़ियों के बाद अब सीबीएसई बोर्ड के 12वीं कक्षा के छात्रों को री-इवैल्यूएशन पोर्टल से भी निराशा हाथ लगी है। सीबीएसई ने 1 जून 2026 को री-इवैल्यूएशन और वेरिफिकेशन पोर्टल को फिर से लॉन्च किया, लेकिन छात्र लॉगिन नहीं कर पा रहे हैं

अपडेटेड Jun 01, 2026 पर 3:34 PM
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सीबीएसई बोर्ड 12वीं री-इवैलुएशन 2026 के लिए पोर्टल पहले 29 मई को शुरू होना था।

CBSE Re-evaluation: केंद्रीय माध्‍यम‍िक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के 12वीं कक्षा के छात्रों की परेशानियां खत्‍म होने का नाम नहीं ले रही हैं। अभी छात्रों के खराब रिजल्‍ट, स्‍कैन आंसर शीट में गड़बड़ी का विवाद खत्‍म भी नहीं हुआ था क‍ि री-इवैल्यूएशन पोर्टल को लेकर नया संकट खड़ा हो गया है। री-इवैल्यूएशन पोर्टल खुलने का इंतजार कर रहे छात्रों के लिए आज अहम दिन था, क्‍योंकि सीबीएसई बोर्ड का री-इवैल्यूएशन और वेर‍िफिकेशन पोर्टल आज, 01 जून 2026 से शुरू होना था। बोर्ड ने 12वीं के छात्रों के लिए री-इवैल्यूएशन और वेर‍िफिकेशन पोर्टल दोबारा लॉन्‍च किया है। लेकिन पोर्टल लॉन्‍च होने के बावजूद छात्र इस वेबसाइट पर आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। सीबीएसई बोर्ड 12वीं री-इवैल्यूएशन 2026 के लिए पोर्टल पहले 29 मई को शुरू होना था। लेकिन आखिरी वक्त पर बोर्ड ने इसकी तारीख बढ़ाकर 1 जून कर दी थी।

वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन पोर्टल में आ रहा एरर

बोर्ड का कहना था कि ऐसा वे छात्रों को एक बेहद 'पारदर्शी और ग्लिच-फ्री' (तकनीकी खामियों से मुक्त) सिस्टम देने की कोशिशों के तहत किया जा रहा है। लेकिन आज घोषित तारीख पर छात्र सुबह से ही मार्क्स वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन के लिए लॉगिन करने की कोशिश कर रहे हैं, तो उनके हाथ सिर्फ 'एरर' के मैसेज लगे। कई घंटों की मशक्कत के बाद भी छात्र पोर्टल तक नहीं पहुंच पाए हैं।


सीबीएसई ने मानी डाटा ब्रीच की बात

इस बीच सीबीएसई बोर्ड की 12वीं के छात्रों के लिए अपनाई गई ऑन स्‍क्रीन मार्किंग (OSM) पोर्टल की सुरक्षा व्यवस्‍था को लेकर बड़ा अपडेट जारी किया है। बोर्ड ने अपने आध‍िकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट कर कहा है कि पोर्टल में सामने आई साइबर सुरक्षा संबंधी कमजोरी को गंभीरता से लिया गया है और उन्हें दूर करने के लिए केंद्र सरकार के अलग-अलग विभागों और आईआईटी के एक्सपर्ट्स की टीम लगातार काम कर रही है। सीबीएसई के अनुसार, जिन सुरक्षा खामियों की पहचान की गई है, उन्हें कंट्रोल कर लिया गया है और दूसरी संभावित कमजोरी की भी गहन जांच की जा रही है। 12वीं बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का डाटा पब्लिक डोमेन में उपलब्ध होने की बात अब तक नकार रही सीबीएसई ने रविवार को आखिरकार अपने सर्विस प्रोवाइडर के आन मार्क पोर्टल में साइबर सुरक्षा से जुड़ी खामियों को स्वीकार किया। ऑन मार्क पोर्टल एक ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम है जिसका इस्तेमाल इस साल 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं को जांचने के लिए किया गया था।

बोर्ड ने जताया नागरिकों और एथिकल हैकर्स का आभार

सीबीएसई ने कहा ''हम उन सभी जागरूक नागरिकों और एथिकल हैकर्स के आभारी हैं जिन्होंने इन कमजोंरियों की ओर हमारा ध्यान दिलाया। हमने उनमें से कुछ से सीधे संपर्क भी किया है। हम बाकी सभी लोगों से अनुरोध करते हैं कि किसी भी और जानकारी या सुझाव के लिए हमारी सिक्योरिटी टीम से संपर्क करें।'' सीबीएसई की 12वीं बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं के डाटा ब्रीच होने का यह मामला ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली की गंभीर खामियों पर बीते दो हफ्ते से उठाए जा रहे सवालों के बीच आयी है।

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