CISCE ICSE Result 2025: काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशंस (CISCE) की कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षा के नतीजे बुधवार (30 अप्रैल) को घोषित कर दिए गए। इसमें लड़किया लड़कों से फिर आगे रहीं। कक्षा 10वीं की परीक्षा में लड़कियों का पासिंग प्रतिशत 99.45 और लड़कों का पासिंग प्रतिशत 98.64 रहा। इसी तरह 12वीं कक्षा में भी लड़कियों ने लड़कों से बेहतर प्रदर्शन किया। इसमें लड़कियों का पासिंग प्रतिशत 99.45 और लड़कों का पासिंग प्रतिशत 98.64 रहा।
ISC परीक्षा (कक्षा 10) 67 लिखित विषयों में आयोजित की गई थी, जिनमें से 20 भारतीय भाषाएं और 14 विदेशी भाषाएं थीं और एक शास्त्रीय भाषा थी। ISC परीक्षा (कक्षा 12) 47 लिखित विषयों में आयोजित की गई थी, जिनमें से 12 भारतीय भाषाएं, चार विदेशी भाषाएं और दो शास्त्रीय भाषाएं थीं।
झारखंड के बोकारो स्थित सेक्टर-1 के संत ज़ेवियर स्कूल की छात्रा अनन्या कुमारी ने ICSE 10वीं बोर्ड परीक्षा में 98.8% अंक हासिल कर जिले की टॉपर बनकर इतिहास रच दिया है। अनन्या ने बिना किसी कोचिंग के डेली 7 घंटे घर पर ही तैयारी करके इस सफलता को हासिल की है। अनन्या ने इंग्लिश में 98, हिंदी में 99, मैथ्स में 99, SST में 99, कंप्यूटर में 99 और साइंस में 96 अंक हासिल किए हैं।
'लोकल18' से बातचीत में अनन्या ने बताया, "शुरु में मुझे फिजिक्स से बहुत डर लगता था। लेकिन मैंने यूट्यूब और स्कूल के टीचर्स की मदद से कांसेप्ट क्लियर किया।" अनन्या के पिता सुनील राम चास में टाइल्स की दुकान चलाते हैं। जबकि उनकी मां पिंकी कुमारी हाउस वाइफ हैं। बेटी की सफलता से गदगद पिता ने कहा, "अनन्या बचपन से मेहनती रही है। ये उसकी लगन और अनुशासन का नतीजा है।"
बीटिया रानी ने बताया कि उसने एग्जाम की तैयारी के लिए पूरे साल डेली रूटीन बनाया। वह उसे सख्ती से पालन करती थीं। उन्होंने कहा, "हर दिन 7 घंटे की पढ़ाई को मैंने बिना ब्रेक पूरा किया।"उनके मुताबिक, डिसिप्लिन ही बोर्ड की तैयारी की कुंजी है। अनन्या ने अन्य छात्राओं को सलाह देते हुए आगे कहा, "कभी डरें नहीं। अगर रोज मेहनत करोगे और डाउट्स को तुरंत क्लियर करोगे, तो सफलता जरूर मिलेगी।"
कुल 2,803 स्कूलों के 2,52,557 उम्मीदवारों ने कक्षा 10वीं की परीक्षा दी, जिनमें से 2,308 उम्मीदवार फेल हो गए। सीखने में कठिनाई (डिस्लेक्सिया) से पीड़ित 1,184 उम्मीदवारों में से 112 ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। दृष्टिबाधित 48 उम्मीदवारों में से 13 ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हैं।
पश्चिमी क्षेत्र ने कक्षा 10वीं की परीक्षा में 99.83 प्रतिशत के साथ सर्वश्रेष्ठ पासिंग प्रतिशत हासिल किया है। इसके बाद दक्षिणी क्षेत्र 99.73 फीसदी पासिंग प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर है। कक्षा 12वीं की परीक्षा में 1,460 स्कूलों के 99,551 उम्मीदवार थे। उनमें से 973 परीक्षा पास नहीं कर सके।
सीखने में परेशानी से पीड़ित कक्षा 12वीं की परीक्षा में शामिल हुए 257 छात्रों में से 29 ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए। कक्षा 12वीं के उत्कृष्ट परिणामों में दक्षिणी क्षेत्र का पासिंग प्रतिशत 99.76 प्रतिशत रहा। जबकि पश्चिमी क्षेत्र का पासिंग प्रतिशत 99.72% रहा।