IIRF Rankings: इंटरनेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (IIRF) ने 2026 के लिए भारत के टॉप 10 प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेजों की अपनी सालाना लिस्ट जारी की है। यह रैंकिंग देश के निजी इंजीनियरिंग संस्थानों की इंफ्रास्ट्रक्चर, फैकल्टी और प्लेसमेंट के मौकों के आधार पर रैंकिंग करती है। देश में मौजूद सरकारी प्रौद्योगिकी संस्थानों के अलावा निजी संस्थानों में अच्छी टेक्निकल एजुकेशन ढूंढ़ रहे छात्रों के लिए ये लिस्ट खास अहमियत रखती है।
हाल के वर्षों में निजी संस्थान काफी बढ़े हैं, और उनमें से कई अब इंफ्रास्ट्रक्चर, फैकल्टी और प्लेसमेंट के मौकों के मामले में देश के प्रमुख आईआईटी और एनआईटी जैसे इंजीनियरिंग संस्थानों से मुकाबला करते हैं। आईआईआरएफ लिस्ट देश भर के टॉप परफॉर्मर्स की जानकारी मुहैया कराती है और छात्रों को सोच-समझकर चुनाव करने में मदद करती है। आईआईआरएफ रैंकिंग के अनुसार, 2026 में भारत के टॉप 10 प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेजों की लिस्ट कुछ इस प्रकार है।
चौथा नंबर कर्नाटक के मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन (MAHE) का है। यह देश के सबसे पुराने निजी विश्वविद्यालयों में से एक है। पंजाब के पटियाला का थापर इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी पांचवें नंबर पर है। इस साल की लिस्ट में छठे नंबर पर एक नया संस्थान शामिल हुआ है। इसका नाम गुजरात के गांधीनगर की धीरूभाई अंबानी यूनिवर्सिटी है।
तेलंगाना का इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, आईआईआईटी हैदराबाद सातवें नंबर पर है। वहीं, आठवें नंबर पर उत्तर प्रदेश के ही दो संस्थानों ने कब्जा जमाया है। यह दादरी स्थित शिव नादर डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी और गाजियाबाद की केआईईटी डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी है। कर्नाटक का आईआईआईटी बेंगलुरु नौवें नंबर पर है, और झारखंड का बिरला इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मेसरा दसवें नंबर पर लिस्ट में है।
बीआईटीएस पिलानी और वीआईटी जैसे जाने-माने नाम अब भी आगे हैं, लेकिन नए प्रौद्योगिकी शिक्षा संस्थान भी अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं। छात्रों के लिए, इंजीनियरिंग एडमिशन के लिए कॉलेजों को शॉर्टलिस्ट करते समय यह लिस्ट काफी उपयोगी साबित हो सकती है। हालांकि, आखिरी फैसला लेने से पहले हमेशा अलग-अलग प्रोग्राम, फैकल्टी और प्लेसमेंट रिकॉर्ड पर रिसर्च करना सही रहता है।