IIT Kanpur hires Nisarga Adhikary: जिस उम्र में देश के ज्यादातर बच्चे अपने भविष्य की तैयारियों में व्यस्त रहते हैं। देश-विदेश के कॉलेज के खास कोर्स में प्रवेश की तैयारी कर रहे होते हैं। 19 साल की ऐसी ही उम्र में निसर्ग अधिकारी नाम के छात्र ने कुछ ऐसा किया जिसने पूरे सीबीएसई बोर्ड को हिला कर रख दिया। अब निसर्ग को देश के प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर ने साइबर सिक्योरिटी इनोवेशन हब में नियुक्त किया है।
निसर्ग को आईआईटी कानपुर के टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब C3iHub में ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) और थ्रेट इंटेलिजेंस इंजीनियर के तौर पर नियुक्त किया गया था। उनकी लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक वह आईआईटी में ओएसआईएनटी और थ्रेट इंटेलिजेंस में काम कर रहे हैं। यह नियुक्ति अधिकारी द्वारा सीबीएसई के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कई आरोपों से देश का ध्यान खींचने के कुछ समय बाद हुई है।
आईआईटी कानपुर के डायरेक्टर, प्रो. मनिंद्र अग्रवाल ने निसर्ग की नियुक्ति पर कहा, “निसर्ग अधिकारी आईआईटी कानपुर के C3iHub में ओएसआईएनटी और थ्रेट इंटेलिजेंस इंजीनियर के तौर पर शामिल हुए हैं। वह एक टैलेंटेड युवा इंजीनियर हैं जिन्होंने कम उम्र में ही कमाल की टेक्निकल काबिलियत दिखाई है। हमारा मानना है कि उनमें काफी सामर्थ्य है, और आईआईटी कानपुर में काम करने से उन्हें C3iHub में साइबर सिक्योरिटी और थ्रेट इंटेलिजेंस इनिशिएटिव में योगदान देते हुए अपनी काबिलियत को और डेवलप करने का मौका मिलेगा। हम उनके आगे के सफर के लिए उन्हें शुभकामनाएं देते हैं।”
सीबीएसई बोर्ड ने इस साल 12वीं कक्षा की परीक्षा देने वाले छात्रों की कॉपियों के मूल्यांकन के लिए ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) व्यवस्था शुरू की थी। बोर्ड का कहना था कि यह व्यवस्था कॉपियों के तेज मूल्यांकन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अपनाई गई है। लेकिन जब सीबीएसई बोर्ड 12वीं रिजल्ट 2026 घोषित हुए, तो अपने नंबर देख बहुत से छात्रों के पैरों तले जमीन खिसक गई। छात्रों की शिकायत थी कि उन्हें अनुमान के मुताबिक नंबर नहीं मिले हैं।
साइंस स्ट्रीम में पीसीएम समूह के ढेरों छात्रों का कहना था कि जेईई मेन जैसी परीक्षा में उनके अच्छे पर्सेंटाइल आए हैं, लेकिन 12वीं कक्षा में 75% से कम नंबर या बमुश्किल पास पर्सेंटेज होन से आईआईटी में प्रवेश मुश्किल हो गया है। ऐसे समय में 19 साल के एथिकल हैकर निसर्ग अधिकारी ने दावा किया कि उन्होंने फरवरी में सीबीएसई के ओएसएम पोर्टल को हैक किया था और उसके बाद उसमें मौजूद खामियों की जानकारी दी थी। जिसके बाद निसर्ग को पूरे देश में पहचान मिली थी।
अपने एक्स पोस्ट में, अधिकारी ने दावा किया कि कथित क्लाउड स्टोरेज कॉन्फिगरेशन समस्या के कारण सीबीएसई से जुड़ी स्कैन आंसर शीट और प्रश्नपत्र सार्वजनिक तौर से प्राप्त किए जा सकते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि 2026 आंसर शीट और क्वेश्चन पेपर वाली एडब्लूएस स्टोरेज बकेट को बिना ऑथेंटिकेशन के एक्सेस किया जा सकता था।
उन्होंने एक पोस्ट में लिखा, "इंटरनेट पर कोई भी कोई भी स्कैन की गई बुकलेट डाउनलोड कर सकता है।" अधिकारी ने पहले भी सीबीएसई के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) पोर्टल में कमजोरियां मिलने का दावा किया था। एक ब्लॉग पोस्ट में, उन्होंने कहा कि उन्हें फरवरी में इन दिक्कतों का पता चला था और उन्हें पब्लिक करने से पहले CERT-In को रिपोर्ट किया था।