JEE Advanced Result 2026 Topper: जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम (JEE) एडवांस्ड 2026 का रिजल्ट घोषित हो चुका है। इस परीक्षा में बिहार के शुभम कुमार ऑल इंडिया रैंक (AIR) 01 हासिल करने में सफल रहे हैं। शुभम कुमार बिहार के गया के रहने वाले हैं. वह साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं। वहीं, लड़कियों में टॉप करने वाली आरोही देशपांडे ने एआईआर 77 हासिल की है। आरोही मूल रूप से महाराष्ट्र के पुणे की रहने वाली हैं। जेईई एडवांस्ड से पहले जेईई मेन 2026 में भी वह दमदार रैंक पाने में सफल रही थीं। इन छात्रों ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर यह मकाम कायम किया है।
जेईई एडवांस्ड में इस साल ऑल इंडिया टॉपर शुभम और लड़कियों में टॉपर आरोही ने आईआईटी दिल्ली जोन से परीक्षा दी थी। इस साल जेईई एडवांस्ड परीक्षा परिणाम में आईआईटी दिल्ली जोन के 5 छात्रों का दबदबा रहा। वहीं, आईआईटी मद्रास जोन के छात्रों ने भी टॉप 10 में जगह बनाने में कामयाबी हासिली है। आईआईटी मद्रास जोन 3 छात्रों ने टॉप 10 में नाम दर्ज कराया है।
जेईई एडवांस्ड टॉपर शुभम जेईई सेशन 1 में भी कर चुके हैं कमाल
जेईई एडवांस्ड में टॉप करने वाले शुभम कुमार इससे पहले जेईई मेन सेशन 1 में भी कमाल कर चुके हैं। जेईई मेन सेशन 1 में उन्होंने 300 में से 300 अंक हासिल कर 100 परसेंटाइल स्कोर किया था। इसके बाद आईआईटी रुड़की (IIT Roorkee) की तरफ से जारी जेईई एडवांस्ड 2026 रिजल्ट में उन्होंने 360 में से 330 नंबर लाकर ऑल इंडिया रैंक 1 पर अपना कब्जा जमाया। बिहार के गया जिले के रहने वाले शुभम कुमार बेहद साधारण और मध्यमवर्गीय परिवार से हैं।
उनके पिता शिव कुमार गया में छोटी सी हार्डवेयर की दुकान चलाते हैं और मां एक गृहिणी हैं। आईआईटी बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग की पढ़ाई का सपना पूरा करने के लिए शुभम कोटा चले गए और जेईई की तैयारी में पूरी तरह खुद को झोंक दिया। शुभम ने अपनी अविश्वसनीय सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया। शिक्षकों के मार्गदर्शन और राजस्थान के कोटा शहर के कॉम्पिटिटिव माहौल की वजह से वह ये कारनामा कर पाए।
महाराष्ट्र के पुणे की आरोही देशपांडे ने देश की इस सबसे मुश्किल परीक्षा में न सिफ सफलता हासिली की, बल्कि वो लड़कियों में टॉपर भी रही हैं। जेईई मेन में 99 रैंक के बाद जेईई एडवांस्ड में 77वीं रैंक लाकर उन्होंने साबित कर दिया ही मेहनत और सही दिशा में तैयारी कोई भी लक्ष्य मुश्किल नहीं होता है। इस साल जेईई एडवांस्ड में कुल 56,880 अभ्यर्थी सफल रहे, जिनमें 10,107 महिला उम्मीदवार शामिल हैं। आरोही देशपांडे ने दिल्ली जोन से परीक्षा दी थी और 360 में से 280 अंक प्राप्त किए। उन्होंने कोटा में चार साल रहकर पढ़ाई पर फोकस किया और शानदार रैंक हासिल की।
लंबे समय तक लक्ष्य पर फोकस बनाए रखना उनकी सफलता की बड़ी वजह माना जा रहा है। आरोही ने अपनी सफलता के पीछे की रणनीति साझा करते हुए बताया कि वह नियमित पढ़ाई के साथ छुट्टियों और रविवार का भी पूरा उपयोग करती थीं। उनका मानना है कि सिर्फ पढ़ लेना काफी नहीं होता, बल्कि बार-बार दोहराना भी उतना ही जरूरी है। आरोही की तैयारी का एक खास हिस्सा उनकी नोट्स बनाने की शैली थी, जिसके लिए उन्होंने कलर कोडिंग तकनीक का इस्तेमाल किया। अलग-अलग रंगों में लिखने से उन्हें रिवीजन के दौरान जरूरी बिंदुओं को जल्दी याद करने में मदद मिलती थी।