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Medical expansion: देश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेज होंगे अपग्रेड! PG और MBBS की बढ़ेंगी 10,000 से अधिक सीटें

Medical expansion: मोदी कैबिनेट ने मौजूदा केंद्रीय और राज्य सरकार के मेडिकल कॉलेजों को अपग्रेड करने के लिए 5,000 पोस्ट ग्रेजुएट की सीट बढ़ाने की योजना के तीसरे चरण को बुधवार (24 सितंबर) को मंजूरी दे दी। साथ ही मंत्रिमंडल ने 5,023 MBBS सीट बढ़ाने के लिए केंद्रीय योजना के विस्तार को भी मंजूरी दी है

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Sep 24, 2025 पर 7:46 PM
Medical expansion: देश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेज होंगे अपग्रेड! PG और  MBBS की बढ़ेंगी 10,000 से अधिक सीटें
सरकारी मेडिकल कॉलेजों को अपग्रेड करने के लिए 5,023 MBBS की सीटें बढ़ेंगी

Medical expansion: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार (24 सितंबर) को केंद्रीय कैबिनेट ने राज्य और केंद्र सरकार के मौजूदा मेडिकल कॉलेजों, स्वतंत्र पीजी इंस्टीट्यूट और सरकारी अस्पतालों को मजबूत बनाने एवं उन्हें अपग्रेड करने के लिए केंद्र प्रायोजित योजना (Centrally Sponsored Scheme- CSS) के तीसरे फेज को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत 5,000 PG सीटें बढ़ाई जाएंगी। साथ ही मौजूदा सरकारी मेडिकल कॉलेजों के अपग्रेड के लिए CSS को बढ़ाया जाएगा, जिससे 5,023 MBBS की सीटें बढ़ेंगी।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इस पहल से मेडिकल कॉलेज की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इसके अलावा कैबिनेट ने प्रति सीट लागत सीमा बढ़ाकर 1.50 करोड़ रुपये कर दी है। इन दोनों योजनाओं का कुल वित्तीय खर्च 2025-26 से 2028-29 के बीच 15,034.50 करोड़ रुपये होगा। इसमें से केंद्र सरकार का हिस्सा 10,303.20 करोड़ रुपए और राज्य सरकार का हिस्सा 4731.30 करोड़ रुपए होगा।

पीएम मोदी ने 2024 में स्वतंत्रता दिवस पर अपने भाषण में कहा था कि सरकार देश के हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने के लिए अगले पांच वर्षों में 75,000 नई मेडिकल सीटें बनाएगी। फिलहाल, दुनिया में सबसे अधिक भारत में 808 मेडिकल कॉलेज हैं। इनकी कुल क्षमता 1,23,700 MBBS सीटें है। पिछले 10 सालों में देश में 69,352 नई MBBS सीटें जोड़ी गईं, जो 127% की वृद्धि है। इसी अवधि में 43,041 पीजी सीटें भी जोड़ी गईं, जो 143 फीसदी की वृद्धि है। इसके बावजूद कुछ एरिया में हेल्थकेयर की मांग, पहुंच और किफायती दर को पूरा करने के लिए क्षमता बढ़ाने की जरूरत है।

कैबिनेट ने एक बयान में कहा कि इस पहल से अंडरग्रेजुएट मेडिकल क्षमता में बढ़ोतरी होगी। साथ ही पीजी सीटों की संख्या बढ़ाकर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी। वहीं, सरकारी मेडिकल संस्थानों में नई स्पेशियलिटी शुरू की जा सकेंगी। कुल मिलाकर इस पहल के साथ देश में डॉक्टरों की कुल उपलब्धता मजबूत होगी। यह मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल कर लागत प्रभावी तरीके से हेल्थकेयर संसाधनों का संतुलित क्षेत्रीय वितरण सुनिश्चित करेगा।

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