Minnu PM Joshy UPSC story: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की ओर से प्रशासनिक सेवा के लिए आयोजित परीक्षा को देश की सबसे मुश्किल और प्रतिष्ठित परीक्षाओं में गिना जाता है। सिविल सेवा परीक्षा (CSE) की तैयारी करने वाले परीक्षार्थी कई मुश्किलों को पार करते हुए अपनी मंजिल हासिल कर पाते हैं। ये सफर किसी भी प्रतियोगी के लिए आसान बिलकुल नहीं होता है। इसलिए मंजिल पर सिर्फ वही पहुंचते हैं, जो निरंतर प्रयास करते रहते हैं। ऐसा ही एक नाम है मिन्नू पीएम जोशी का।
आईएएस ऑफिसर मिन्नू पीएम जोशी के लिए, इस सफर में परिवार की जिम्मेदारियों, फुल-टाइम सरकारी नौकरी और मां बनने के बीच बैलेंस बनाना शामिल था। 6 असफल कोशिशों के बावजूद वह न रुकीं, न थकीं। अंतत: 32 साल की उम्र में वह यूपीएससी की सीएसई में अपनी सफलता का परचम लहराने सफल रहीं। मिन्नू पीएम जोशी ने ऑल इंडिया रैंक (AIR) 150 हासिल की और अपने स्वर्गीय पिता के साथ शेयर किया हुआ सपना पूरा किया।
केरल के पठानमथिट्टा की रहने वाली मिन्नू की कहानी लगन और पक्के इरादे की एक मिसाल बन गई है। कम उम्र में परिवार की जिम्मेदारियां उठाने के बावजूद, वह भारतीय प्रशासनिक सेवा में शामिल होने के अपने लक्ष्य के प्रति डटी रहीं।
पिता के सपने को बनाया अपना लक्ष्य
मिन्नू पीएम जोशी ने अपने पुलिस ऑफिसर पिता को तब खो दिया था जब वह स्कूल में थीं। उनकी मौत का परिवार पर गहरा असर पड़ा। 2012 में, वह डाई-इन-हार्नेस स्कीम के तहत पुलिस डिपार्टमेंट में क्लर्क के तौर पर भर्ती हुईं। इस योजना के तहत मृत सरकारी कर्मचारियों के योग्य आश्रितों को नौकरी दी जाती है। अपनी पढ़ाई जारी रखते हुए उन्होंने केरल यूनिवर्सिटी से बायोकेमिस्ट्री में मास्टर डिग्री पूरी की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनके पिता को हमेशा उम्मीद थी कि वह एक सिविल सर्वेंट बनेंगी, एक सपना जो बाद में उनका अपना सपना बन गया।
मिन्नू पीएम जोशी का यूपीएससी सफर
उन्होंने 26 साल की उम्र में सिविल सर्विस परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी, उन्होंने ठान लिया था कि वह सिर्फ अपने गुजरे हुए पिता की जगह सरकारी सेवा में जाने के बजाय अपनी उपलब्धियों के आधार पर एक पहचान बनाएंगी।
उन्होंने एक डिसिप्लिन्ड रूटीन को फॉलो किया। वह सुबह शंकर लाइब्रेरी में अखबार, खासकर द हिंदू, पढ़ती थीं, और बाद में गाइडेंस के लिए शंकर आईएएस एकेडमी में एडमिशन ले लिया। वह दिन में ऑफिस के काम और रात में पढ़ाई के बीच बैलेंस बनाती थीं और साथ ही अपने परिवार का भी ध्यान रखती थीं। छह कोशिशों के बाद, मिन्नू ने 32 साल की उम्र में यूपीएससी परीक्षा में एआईआर 150 हासिल की।
मिन्नू पीएम जोशी पर एक नजर
होमटाउन : पठानमथिट्टा, केरल
एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : बायोकेमिस्ट्री में मास्टर्स, केरल यूनिवर्सिटी
सरकारी नौकरी : केरल पुलिस डिपार्टमेंट में क्लर्क (2012)
यूपीएससी की तैयारी शुरू की : 26 साल
यूपीएससी पास किया : 32 साल में
मिन्नू पीएम जोशी की मौजूदा पोस्टिंग
खबरों के मुताबिक, IAS मिन्नू पीएम जोशी अभी असिस्टेंट कलेक्टर, भटकुली-तिवसा सब-डिवीजन, अमरावती, महाराष्ट्र में काम कर रही हैं। पुलिस डिपार्टमेंट के क्लर्क से आईएएस अधिकारी बनने का उनका सफर सालों की लगातार कोशिशों को दिखाता है, जिसमें उन्होंने प्रोफेशनल जिम्मेदारियों के साथ फैमिली लाइफ और एकेडमिक तैयारी को बैलेंस किया है।