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NEET UG 2027 reforms: अगले साल से बदल जाएगा नीट यूजी एग्जाम, कई दिनों तक सीबीटी मोड में होंगी परीक्षाएं

NEET UG 2027 reforms: नीट यूजी परीक्षा में कई तरह के बदलावों की सिफारिश की गई है। एनटीए अगले साल से ये परीक्षा सीबीटी मोड में कराने की तैयारी कर रहा है। इसके अलावा, अगले साल से यह परीक्षाएं 5 से 6 दिनों में करवाई जा सकती हैं। आइए जानें और क्या सुधार हो सकते हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 09, 2026 पर 12:48 PM
NEET UG 2027 reforms: अगले साल से बदल जाएगा नीट यूजी एग्जाम, कई दिनों तक सीबीटी मोड में होंगी परीक्षाएं
एजेंसी ने 2027 में नीट यूजी कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में कराने की योजना बनाई है।

NEET UG 2027 reforms: नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट अंडरग्रेजुएट (NEET UG) परीक्षा की तैयारी करने की इच्छा रखने वाले लाखों छात्रों के लिए बड़ा अपडेट है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) अगले साल से इस परीक्षा में कई तरह के बदलाव करने की तैयारी कर रहा है। मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक, एजेंसी इसरो के पूर्व चेयरमैन के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली हाई-लेवल कमिटी द्वारा सुझाए गए सुधारों को लागू करने को तैयार है।

एजेंसी अगले साल यानी 2027 में नीट यूजी कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में कराने की योजना बनाई है। साथ यह परीक्षा पांच से छह दिनों में होने की उम्मीद है। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह परीक्षा भारत और विदेश के लगभग 500 शहरों में लगभग 1,000 सेंटर्स पर होने की उम्मीद है। भारत में, यह टेस्ट मुख्य रूप से केंद्रीय विद्यालयों सहित सरकारी संस्थानों में होगा, जिसमें हर दिन लगभग पांच लाख कैंडिडेट्स के शामिल होने का अनुमान है।

सीबीटी मोड में परीक्षा करने का फैसला इस साल की शुरुआत में नीट यूजी पेपर लीक विवाद के बाद शिक्षा मंत्रालय की एक बड़ी सुधार पहल का हिस्सा है। एग्जाम फॉर्मेट में बदलाव के साथ-साथ, केंद्र नीट यूजी और कई दूसरी राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षाएं कराने के लिए जिम्मेदार ऑटोनॉमस बॉडी एनटीए पुनर्गठन की भी योजना बना रहा है। यह प्रस्तावित बदलाव एजेंसी के संगठनात्मक ढांचा, मूल स्वरूप, तकनीक और परीक्षा प्रक्रिया को मजबूत करने पर फोकस करेगा ताकि निष्पक्षता और प्रभावशीलता में सुधार हो सके।

इस बीच, संसद सदस्यों ने भी एक कानून के जरिए एनटीए को कानूनी दर्जा देने की सिफारिश की है। इस प्रस्ताव पर संसद की स्थायी समिति की हाल ही में हुई बैठक में चर्चा हुई। इसमें शिक्षा मंत्रालय और एनटीए के अधिकारियों ने सांसदों को 21 जून को हुई नीट यूजी पुन:परीक्षा के आयोजन और इसरो के पूर्व चेयरमैन के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली हाई-लेवल कमिटी द्वारा सुझाए गए सुधारों को लागू करने के बारे में जानकारी दी।

एनटीए को कानूनी दर्जा देने की मांग की

स्थायी समिति के सदस्यों के अनुसार, एनटीए अभी एक रजिस्टर्ड सोसाइटी के तौर पर काम करता है। उसके पास कानूनी अधिकार, स्थायी मैनपावर और एक नेशनल टेस्टिंग एजेंसी से उम्मीद की जाने वाली संस्थागत जवाबदेही का स्तर नहीं है। उन्होंने इसे कानून के जरिए यूजीसी या एआईसीटीई की तरह एक कानूनी संस्था में बदलने की सिफारिश की।

प्रस्तावित सुधार नीट यूजी 2026 पेपर लीक विवाद के बाद आए हैं। प्रवेश परीक्षा असल में 3 मई, 2026 को हुई थी, लेकिन क्वेश्चन पेपर लीक के आरोपों के बाद इसे कैंसिल कर दिया गया था। 21 जून को करीब 22 लाख कैंडिडेट्स के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में नया एग्जाम हुआ।

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