NEET UG Counselling 2026: नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET UG) का रिजल्ट जारी होने के बाद अब छात्र बेसब्री से काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होने का इंताजार कर रहे हैं। इसमें छात्रों को उनके नीट यूजी स्कोर के आधार पर देश के विभिन्न मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए सीट आवंटित की जाएगी। नीट यूजी 2026 छात्रों की काउंसलिंग प्रक्रिया अगस्त से शुरू होगी।
काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होने से पहले मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने मेडिकल एडमिशन काउंसलिंग प्रक्रिया में कई बदलावों की घोषणा की है। इस संबंध में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने 28 जुलाई को एक नोटिस जारी किया था। इसके मुताबिक सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मेडिकल काउंसलिंग अधिकारियों को इस साल के काउंसलिंग प्रोसेस में किए गए बदलाव की जानकारी दी है।
अलॉट कॉलेज में खुद रिपोर्ट करना जरूरी नहीं
कमेटी की ओर से काउंसलिंग प्रक्रिया में किए गए बदलाव के अनुसार, जिन उम्मीदवारों को किसी काउंसलिंग राउंड में सीट अलॉट हुई है और जिन्होंने बाद के काउंसलिंग राउंड में अपग्रेड का विकल्प चुना है, उन्हें अपने अलॉट कॉलेज में फिजकली रिपोर्ट करने की जरूरत नहीं होगी। साथ ही अगले राउंड में भाग लेने के दौरान उनका एडमिशन रद्द नहीं होगा।
छात्रों और अभिभावकों को मिलेगी आर्थिक राहत
सीट छोड़ने के लिए ऑनलाइन फैसिलिटी
काउंसलिंग में शामिल होने वाले छात्रों को अपनी अलॉट सीट छोड़ने के लिए संबंधित मेडिकल कॉलेज न जाना पड़े, इसलिए एमसीसी ने आवंटित सीट छोड़ने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था शुरू की है। इस ऑनलाइन पोर्टल के जरिए उम्मीदवार एमसीसी काउंसलिंग के तय नियमों और समय सीमा के भीतर अपनी अलॉट हुई सीट छोड़ सकते हैं।
समिति ने उन उम्मीदवारों के लिए भी बदलाव किए हैं जो एनआरआई रिजर्वेशन के तहत नीट यूजी 2026 काउंसलिंग में शामिल होने की योजना बना रहे हैं। डीम्ड मेडिकल यूनिवर्सिटीज में एनआरआई कोटा सीटों के लिए आवेदन करने वाले छात्र अब काउंसलिंग पोर्टल के जरिए जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड कर सकेंगे।