NEET UG re-exam: रविवार यानी 21 जून को होने वाले NEET-UG री-एग्जाम से पहले दिल्ली सरकार ने परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों की सुविधा के लिए कई अहम इंतजाम किए हैं। सरकार ने घोषणा की है कि NEET उम्मीदवार रविवार को DTC बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगे। इसके अलावा, दिल्ली के 97 एग्जाम सेंटर के बाहर अभिभावकों और परिवार के सदस्यों के लिए स्पेशल कूलिंग जोन भी बनाए गए हैं।
रविवार यानी 21 जून को 22 लाख से अधिक मेडिकल स्टूडेंट्स नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) का दोबारा एग्जाम देंगे। मई में हुए पिछले एग्जाम में पेपर लीक होने के बाद भरोसा फिर से कायम करने के लिए सरकार ने हर संभव कोशिश की है। पेपर लीक और उसके बाद 3 मई के एग्जाम को रद्द करने की वजह से लोगों में गुस्सा फैल गया।
काफी विरोध-प्रदर्शन हुए और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठी। केंद्र सरकार ने अफसोस जताते हुए कहा कि उसने पारदर्शिता को प्राथमिकता दी और समस्या का डटकर सामना किया। इसके लिए उसने पिछला एग्जाम रद्द करके नया टेस्ट कराने का मुश्किल रास्ता चुना। दोबारा होने वाला यह टेस्ट आज दोपहर 2 बजे से शाम 5.15 बजे तक चलेगा। दिव्यांग कैंडिडेट्स को शाम 6.20 बजे तक का समय दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि परीक्षा के दिन किसी भी परिवार को ट्रैफिक, गर्मी या लंबे इंतजार जैसी परेशानियों का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि हर छात्र के सपनों और हर अभिभावक की उम्मीदों का सम्मान करना सरकार की जिम्मेदारी है। पूरा शहर परीक्षा देने वाले हर उम्मीदवार की सफलता की कामना कर रहा है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, दिल्ली में NEET परीक्षा के लिए 97 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन सभी केंद्रों के बाहर जिला प्रशासन की ओर से विशेष कूलिंग जोन तैयार किए जा रहे हैं। इन जोन में अभिभावकों के बैठने की व्यवस्था के साथ-साथ ठंडा पीने का पानी, शिकंजी, ORS, चाय और फर्स्ट-एड जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध रहेंगी।
रेखा गुप्ता ने कहा कि यह पहली बार है जब सिर्फ परीक्षार्थियों ही नहीं। बल्कि उनके साथ आने वाले माता-पिता और परिवार के सदस्यों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस तरह की विशेष व्यवस्था की गई है। एग्जाम के दौरान जब छात्र परीक्षा हॉल के अंदर होंगे, तब बाहर इंतजार कर रहे अभिभावकों को आरामदायक माहौल मिल सके इसके लिए यह कदम उठाया गया है।
वहीं, शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि दिल्ली सरकार ने सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित किए हैं। साथ ही जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा के भी पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता खुद तैयारियों की निगरानी कर रही हैं और संबंधित विभागों को लगातार निर्देश दे रही हैं, ताकि परीक्षा का संचालन सुचारु रूप से हो सके।
तनावमुक्त होकर परीक्षा देने की अपील
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने लगभग 22 लाख छात्र-छात्राओं के पुनर्परीक्षा में शामिल होने की तैयारी के बीच रविवार को अभ्यर्थियों से बिना किसी भय और चिंता के आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में शामिल होने की अपील की। प्रधान ने कहा कि उन्हें राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA), राज्य सरकारों, जिला प्रशासन, शिक्षा जगत और छात्रों पर पूरा भरोसा है।
उन्होंने रविवार को कहा, "आज करीब 22 लाख छात्र कुछ ही देर में नीट परीक्षा देने जा रहे हैं। उन्हें निडर होकर और बिना किसी चिंता के परीक्षा में शामिल होना चाहिए। वे निश्चित रूप से अच्छा प्रदर्शन करेंगे। मेरी ओर से सभी छात्रों को ढेर सारी शुभकामनाएं।" उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि कोई भी ऐसा कार्य न करें जिससे बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़े।
उन्होंने कहा, "मैं अपील करता हूं कि हमें भारत की नई पीढ़ी के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए। कोई भी इसे मजाक न बनाए। ऐसा कुछ भी नहीं किया जाना चाहिए जिससे बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़े। कुछ ही घंटों में छात्र परीक्षा में बैठने वाले हैं।"
एनटीए ने तीन मई को हुई नीट-यूजी 2026 परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बीच रद्द कर दिया था। भारी बवाल के बाद मोदी सरकार ने इस मामले को जांच के लिए सीबीआई को सौंप दिया है। पुनर्परीक्षा रविवार को आयोजित की जा रही है।