Mumbai Water Crisis: मानसून की बेवफाई पड़ी भारी! मुंबई की झीलों में बचा है सिर्फ 9% पानी, समंदर किनारे रहकर भी बूंद-बूंद के लिए तरसते मुंबईकर
Mumbai Water Crisis: बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 20 जून की सुबह 6 बजे तक मुंबई को पानी सप्लाई करने वाले सात जलाशयों में कुल पानी का स्टॉक गिरकर उनकी कुल क्षमता के सिर्फ 9% के गंभीर लेवल पर आ गया है
Mumbai Water Crisis: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में इस वक्त पानी की पानी को लेकर संकट गहरा गया है
Mumbai Water Crisis: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पानी का एक बहुत बड़ा संकट मंडराने लगा है। रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई के लोगों को पानी की सप्लाई करने वाली सात प्रमुख झीलों और तालाबों का कुल वॉटर स्टॉक 10% से भी कम रह गया है। NDTV के अनुसार, बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 20 जून की सुबह 6 बजे तक मुंबई को पानी सप्लाई करने वाले सात जलाशयों में कुल पानी का स्टॉक गिरकर उनकी कुल क्षमता के सिर्फ 9% के गंभीर लेवल पर आ गया है।
BMC के मुताबिक, मानसून की बारिश से अभी तक कैचमेंट एरिया (जलग्रहण क्षेत्रों) में पानी का लेवल बहुत ज्यादा नहीं बढ़ा है। शहर की कुल क्षमता 1,447,363 मिलियन लीटर है। जबकि अभी कुल 'लाइव स्टोरेज' (इस्तेमाल के लिए उपलब्ध पानी) सिर्फ 130,275 मिलियन लीटर है। इससे आने वाले हफ्तों में मुंबई की पानी की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
पानी की होगी कटौती
बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर जून के आखिरी सप्ताह में मानसून की रफ्तार तेज नहीं होती है और झीलों का जलस्तर नहीं सुधरता है, तो जुलाई के पहले हफ्ते से मुंबई में अतिरिक्त कटौती लागू की जा सकती है।
कहां कितना पानी मौजूद?
NDTV ने दावा किया है कि मुंबई को पानी सप्लाई करने वाली सात झीलें अपर वैतरणा, मिडिल वैतरणा, भातसा, तानसा, तुलसी, मोदक सागर और विहार हैं। ये जलाशय मुंबई, ठाणे और नासिक ज़िलों में फैले हुए हैं जलाशयों के स्तर का ब्यौरा बताता है कि शहर के कुछ सबसे बड़े पानी के स्रोतों में पानी का स्तर बहुत कम हो गया है।
अपर वैतरणा की इस्तेमाल करने लायक क्षमता 227,047 मिलियन लीटर है। उसका 'लाइव स्टॉक' पूरी तरह खत्म हो चुका है। वह लगभग अब खाली हो गया है। इसके अलावा तानसा पर भी काफी दबाव है। वहां सिर्फ 5,015 मिलियन लीटर पानी बचा है, जो उसकी 145,080 मिलियन लीटर क्षमता का सिर्फ 3.46% है।
भातसा मुंबई का सबसे बड़ा जलाशय और पानी का मुख्य स्रोत है। उसकी कुल क्षमता 717,037 मिलियन लीटर है। लेकिन अभी उसमें सिर्फ 59,518 मिलियन लीटर पानी है। यानी वह सिर्फ 8.30% भरा हुआ है। मिडिल वैतरणा में भी पानी का लेवल कम है। वहां 20,008 मिलियन लीटर पानी जमा है, जो उसकी कुल क्षमता (193,530 मिलियन लीटर) का 10.34% है।
छोटे जलाशयों में मोदक सागर अपनी क्षमता के 25.18% पर काम कर रहा है। इसमें 32,463 मिलियन लीटर पानी मौजूद है। इस सिस्टम की सबसे छोटी झील, तुलसी में 1,792 मिलियन लीटर पानी है और यह 22.28% भरी हुई है।
NDTV के अनुसार, सभी सात जलाशयों में से विहार में अभी सबसे ज्यादा पानी जमा है। यह झील 41.44% भरी हुई है। इसकी कुल क्षमता 27,698 मिलियन लीटर है। इसमें 11,478 मिलियन लीटर पानी जमा है।
मुंबई का वेदर अपडेट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अधिकतम तापमान लगभग 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान लगाया है। साथ ही, गर्मी और उमस भरे मौसम के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है। रविवार को मौसम ऐसा ही रहने की उम्मीद है। तापमान 29°C से 35°C के बीच रहेगा। आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और एक-दो बार बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।
सोमवार से मौसम के और सक्रिय होने की उम्मीद है। IMD ने दोपहर और शाम के समय बिजली कड़कने, 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान लगाया है। NDTV के अनुसार, मंगलवार को भी ऐसी ही स्थिति रहने की संभावना है।
22 जून से मुंबई में बारिश तेज होने की उम्मीद है। इससे कैचमेंट एरिया (जलाशय के जल-ग्रहण क्षेत्र) में अच्छी बारिश होने पर जलाशयों के जलस्तर में सुधार हो सकता है। साथ ही पानी के मौजूदा संकट से राहत मिल सकती है। पानी की आवक बढ़ने से BMC को पानी की मौजूदा पाबंदियों की समीक्षा करने और उनमें से कुछ में ढील देने का मौका भी मिल सकता है।