हिमालय की वादियों में बसा है 172 साल पुराना भारत का यह स्कूल, दुनिया के सबसे खूबसूरत कैंपस में होती है गिनती

मसूरी के वुडस्टॉक स्कूल की गिनती दुनिया के सबसे खूबसूरत स्कूलों में की जाती है। 2024 में आर्किटेक्चरल डाइजेस्ट में इसे दुनिया के 9 सबसे खूबसूरत बोर्डिंग स्कूलों में शामिल किया जा चुका है। इसे भारत के सबसे खास रेजिडेंशियल स्कूलों में से एक बनाता है। आइए जानें इसके बारे में

अपडेटेड Jul 28, 2026 पर 6:41 PM
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वुडस्टॉक स्कूल ईसाई मिशनरियों के बच्चों के लिए एक छोटे से संस्थान के तौर पर 1854 में शुरू हुआ था।

देश के उत्तरी राज्य उत्तराखंड की खूबूसरत वादियों में एक ऐसा नायाब नगीना छुपा हुआ है, जिसकी सुंदरता का चर्चा बहुत दूर तक होता है। यहां हम बात कर रहे हैं मसूरी के वुडस्टॉक स्कूल की। इसे 2024 में आर्किटेक्चरल डाइजेस्ट ने दुनिया के 9 सबसे खूबसूरत बोर्डिंग स्कूलों में शामिल किया था। इस ऐतिहासिक स्कूल को अपने शानदार कैंपस डिजाइन और सेटिंग के लिए जानी जाने वाली ग्लोबल लिस्ट में जगह दी गई है। उत्तराखंड में हिमालय की तलहटी में बसा यह स्कूल, हेरिटेज आर्किटेक्चर, मल्टीकल्चरल लर्निंग माहौल और बड़े प्राकृतिक माहौल का परफेक्ट मिक्स है। यही वजह है कि इसे भारत के सबसे खास रेजिडेंशियल स्कूलों में से एक माना जाता है।

वुडस्टॉक स्कूल 1854 में शुरू हुआ था। यह स्कूल ईसाई मिशनरियों के बच्चों के लिए एक छोटे से संस्थान के तौर पर बनाया गया था। लेकिन, 170 से ज्यादा सालों में ये भारत के सबसे जाने-माने इंटरनेशनल बोर्डिंग स्कूलों में से एक बन गया है। आज, दुनिया भर से छात्र यहां आते हैं, जहां एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त करिकुलम और एक ऐसा कैंपस मिलता है जो इतिहास को प्रकृति बहुत खूबसूरती से जोड़ता है।

पूरी दुनिया का ध्यान खींचता है वुडस्टॉक स्कूल

उत्तराखंड के मसूरी में, लगभग 2,000 मीटर की ऊंचाई पर बना वुडस्टॉक स्कूल, ज्यादातर शैक्षिक संस्थानों से अलग लोकेशन पर है। इसका कैंपस जंगलों, पहाड़ों और पैदल चलने के रास्तों से घिरा हुआ है। वुडस्टॉक स्कूल एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त शिक्षा देता है। वुडस्टॉक स्कूल में इंटरनेशनल बैकलॉरिएट (IB) प्रोग्राम को फॉलो करता है। यह एक ऐसा पाठ्यक्रम है जिसे दुनिया भर के विश्वविद्यालय मानते हैं।

कई देशों में छात्र पढ़ते हैं यहां

स्कूल एक बहुसांस्कृतिक माहौल को भी बढ़ावा देता है। दर्जनों देशों के छात्र यहां पढ़ते हैं। यह एक्सपोजर सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देता है और छात्रों को एक बड़ा ग्लोबल नजरिया विकसित करने में मदद करता है। बेहतरीन शिक्षा के साथ-साथ यह संस्थान को-करिकुलर लर्निंग को भी उतना ही महत्व देता है। यहां छात्र संगीत, थिएटर, स्पोर्ट्स, आउटडोर एजुकेशन, एनवायरनमेंटल इनिशिएटिव और कम्युनिटी सर्विस प्रोग्राम में हिस्सा लेते हैं।


वुडस्टॉक स्कूल की विरासत पढ़ाई से कहीं आगे तक फैली हुई है

अपने लंबे इतिहास में, वुडस्टॉक स्कूल ने भारत और विदेशों से कई जाने-माने एल्युम्नाई दिए हैं। इसके पुराने छात्रों में लेखक, डिप्लोमैट, उद्यमी, कलाकार और दूसरे पब्लिक फिगर शामिल हैं जिन्होंने अलग-अलग प्रोफेशन में योगदान दिया है।

वुडस्टॉक स्कूल पर एक नजर

खास जानकारी

स्कूल : वुडस्टॉक स्कूल

जगह : मसूरी, उत्तराखंड

शुरू हुआ : 1854

उम्र : 172 साल

ऊंचाई : लगभग 2,000 मीटर

दुनिया भर में पहचान : 2024 में आर्किटेक्चरल डाइजेस्ट द्वारा दुनिया के नौ सबसे खूबसूरत बोर्डिंग स्कूलों में शामिल

करिकुलम : इंटरनेशनल बैकलॉरिएट (IB) प्रोग्राम

स्टूडेंट कम्युनिटी : दर्जनों देशों के स्टूडेंट

कैंपस की खास बातें : हेरिटेज पत्थर की इमारतें, जंगल, पहाड़ों के नज़ारे और खुली हरी-भरी जगहें

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