Olympiad 2026: भारतीय छात्रों का डंका पूरी दुनिया में बज रहा है। अंतरराष्ट्रीय फिजिक्स ओलंपियाड में गोल्ड मेडल अपने नाम करने के बाद अब भारतीय छात्रों ले इंटरनेशनल केमिस्ट्री ओलंपियाड (IChO) 2026 और इंटरनेशनल बायोलॉजी ओलंपियाड (IBO) में भी जीत का परचम लहरा दिया है। बायोलॉजी छात्रों को उनकी जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने एक्स अकाउंट पर संदेश लिखकर बधाई दी है।
भारत के छात्रों ने 58वें इंटरनेशनल केमिस्ट्री ओलंपियाड (IChO) 2026 में 4 गोल्ड मेडल जीतकर इस प्रतियोगिता में अपना अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है। चार भारतीय छात्रों में जेईई टॉपर कबीर छिल्लर भी शामिल हैं। छात्रों की इस ऐतिहासिक सफलता ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की प्रतिभा और शिक्षा व्यवस्था की मजबूत पहचान को फिर साबित किया। उज्बेकिस्तान के ताशकंद में 10 से 19 जुलाई तक आयोजित इस ओलंपियाड में भारतीय टीम चीन, वियतनाम और रूस के एक व्यक्तिगत प्रतिभागी के साथ संयुक्त रूप से पहले स्थान पर रही।
साथ ही, भारतीय छात्रों ने 37वें इंटरनेशनल बायोलॉजी ओलंपियाड (IBO) 2026 में देश का प्रतिनिधित्व करने वाले सभी चार छात्रों ने 4 मेडल अपने नाम किया। भारतीय टीम ने एक गोल्ड और तीन सिल्वर मेडल जीते, और उनकी शानदार कामयाबी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी तारीफ की। आईबीओ प्रतियोगिता लिथुआनिया के विलनियस में हुआ था। मेडल जीतने वालों में भव्या गुणवाल (गोल्ड), सौमिल मैती (सिल्वर), निशित कलानी (सिल्वर), और अनमोल कुमार (सिल्वर) शामिल थे।
छात्रों को बधाई देते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने एक्स अकाउंअ पर लिखा, ‘भारतीय छात्रों की इस कामयाबी पर बहुत खुशी हो रही है।’ उन्होंने युवा वैज्ञानिकों के समर्पण, टैलेंट और कड़ी मेहनत की तारीफ की। उन्होंने भरोसा जताया कि इन छात्रों की कामयाबी देश के सभी युवाओं को विज्ञान और शोध में बेहतरीन प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित करेगी।
58वें इंटरनेशनल केमिस्ट्री ओलंपियाड में इस साल के ओलंपियाड में 93 देशों के 363 छात्रों ने हिस्सा लिया। टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (TIFR) के होमी भाभा सेंटर फॉर साइंस एजुकेशन (HBCSE) ने कहा कि भारत की यह 27वीं भागीदारी थी और यह अब तक का उसका सबसे अच्छा प्रदर्शन रहा।
गोल्ड मेडल जीतने वाले चार भारतीय छात्र
58वें इंटरनेशनल केमिस्ट्री ओलंपियाड में भारतीय दल का नेतृत्व आईआईएसईआर कोलकाता के हेड मेंटर प्रोफेसर सुभाजीत बंद्योपाध्याय और एचबीसीएसई की मेंटर डॉ. इंद्राणी दास सेन ने किया। टीम के साथ आईआईटी खड़गपुर के वैज्ञानिक पर्यवेक्षक डॉ. अनुबेंदु अधिकारी और एनईएस रत्नम कॉलेज, मुंबई की डॉ. जयश्री गोपालकृष्णन भी थे।