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Success Story: 10वीं की महिमा 108 देशों के छात्रों के साथ बनाएगी मून मिशन के लिए सैटेलाइट, जानिए क्या है शक्तिसैट इंटरनेशनल स्पेस मिशन

Success Story: रायपुर की महिमा राजपूज 10वीं कक्षा की छात्रा हैं और उन्हें शक्तिसैट इंटरनेशनल स्पेस मिशन के लिए चुना गया है। वह 108 देशों के छात्रों के साथ चंद्रमा मिशन के लिए सैटलाइट बनाने वाली टीम में शामिल होंगी। आइए जानें क्या है शक्तिसैट इंटरनेशनल स्पेस मिशन

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 29, 2026 पर 11:51 AM
Success Story: 10वीं की महिमा 108 देशों के छात्रों के साथ बनाएगी मून मिशन के लिए सैटेलाइट, जानिए क्या है शक्तिसैट इंटरनेशनल स्पेस मिशन
मिशन प्लान के हिस्से के तौर पर, दो सैटेलाइट लॉन्च किए जाएंगे।

Success Story: महिमा की उम्र मात्र 14 साल की है। वह रायपुर में 10वीं कक्षा की छात्रा हैं। आजकल महिमा राजपूत का नाम सुर्खियों में है और लोग उनकी उपलब्धि के बारे में जानकर फख्र महसूस करने के साथ ही उनसे प्रेरणा भी ले रहे हें। महिमा उन 108 देशों के छात्रों में शामिल हैं, जिन्हें चंद्रमा पर भेजने के लिए सैटेलाइट बनाने वाले छात्रों के समूह के लिए चुना गया है। ये बच्चे 23 अगस्त को दिल्ली आएंगे और चंद्रमा पर भेजी जाने वाला उपग्रह बनाएंगे और संभवत: अक्टूबर में उनका यह कारनामा आसमान की बुलंदियों को चीर कर चंद्रमा की तरफ बढ़ेगा।

10वीं कक्षा की छात्रा महिमा राजपूत को इंटरनेशनल स्पेस मिशन ‘ShakthiSAT’ के लिए भारत से चुना गया है, जिसमें 108 देशों के स्टूडेंट्स हिस्सा लेंगे। अपने चयन के बारे में महिमा ने कहा कि उन्हें उनके स्कूल प्रिंसिपल ने उनके गाइडेंस टीचर के जरिए मिशन के बारे में बताया, जिसके बाद उन्हें प्रोग्राम के लिए रजिस्टर किया गया।

क्या है शक्तिसैट?

'शक्तिसैट' (ShakthiSAT) कार्यक्रम, भारतीय एयरोस्पेस संस्था 'स्पेस किड्स इंडिया' की ओर से शुरू की गई एक अनोखी ग्लोबल स्पेस पहल है। यह खासकर लड़कियों के लिए है। इस मिशन का मकसद 108 देशों की 12 से 18 साल की स्कूली लड़कियों को स्पेस टेक्नोलॉजी और सैटेलाइट इंजीनियरिंग में ट्रेनिंग देना है। इसके तहत 12,000 स्कूली छात्राओं को स्पेस टेक्नोलॉजी में ट्रेन किया जाता है।

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