UGC fake universities list: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने नकली विश्वविद्यालों के चंगुल में फंस कर हर साल अपनी पूंजी गंवाने वाले छात्रों से सबक लेते हुए इस साल ऐसे संस्थानों की एक सूची निकाली है। आयोग की इस सूची में 32 यूनिवर्सिटी का नाम शामिल है, जिनसे छात्रों को दूर रहने की सलाह दी है। 5 अगस्त को राज्यसभा में एक लिखित जवाब में, शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने कहा कि यूजीसी ने बिना मंजूरी के चलने वाले इन संस्थानों को चेतावनी नोटिस, कारण बताओ नोटिस, कंप्लायंस लेटर और क्लैरिफिकेशन नोटिस जारी किए हैं।
यूजीसी ने छात्रों और अभिभावकों को इन नकली यूनिवर्सिटी के बारे में जागरूक करने के लिए अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक नोटिस भी जारी किया है। साथ ही, आयोग ने संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिव और शिक्षा सचिव को पत्र लिखकर यूजीसी एक्ट, 1956 का उल्लंघन करने वाले इंस्टीट्यूशन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने सहित सख्त कार्रवाई करने को कहा है।
केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को इन नकली इंस्टीट्यूशन को बंद करने के लिए कानूनी कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया है। अधिकारियों से कहा गया है कि वे खुद को यूनिवर्सिटी बताकर स्टूडेंट्स को गुमराह करने, गलत डिग्री देने और अपने नाम में “यूनिवर्सिटी” शब्द का इस्तेमाल करने से रोकें।
प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) के अनुसार, "मुख्य सचिव और शिक्षा सचिव से अपने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहे किसी भी दूसरे नकली विश्वविद्यालयों के बारे में केंद्र सरकार/यूजीसी को सूचित करने का अनुरोध किया गया है।" विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने सभी छात्रों ओर पक्षधरों को सार्वजिनक नोटिस के जरिए किसी भी कोर्स में प्रवेश लेने से पहले आयोग (DEB) की वेबसाइट पर प्रोग्राम की मान्यता/हकदारी का स्टेटस चेक करने की भी सलाह दी है। नकली यूनिवर्सिटी की लिस्ट UGC की वेबसाइट https://www.ugc.gov.in/universitydetails/ Fake university पर मौजूद है।
शिकायत मिलने पर कार्रवाई करता है यूजीसी
1996 में आयोग ने बनाया था एएमपीसी
नकली यूनिवर्सिटी और बिना इजाजत वाले इंस्टिट्यूशन की समस्या को रोकने के लिए, यूजीसी ने 30 मई 1996 को एंटी-माल-प्रैक्टिस सेल (AMPC) बनाया था। एएमपीसी देश में नकली या बिना पहचान वाली यूनिवर्सिटी/इंस्टिट्यूशन के होने/काम करने से जुड़े मामलों को देखता है, जो यूजीसी एक्ट 1956 का उल्लंघन करके प्रोग्राम चला रहे हैं/डिग्री दे रहे हैं।